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सदन में विपक्ष पर बरसे योगी, कहा- अयोध्या जाने से डरते हैं कुछ नेता

सदन में विपक्ष पर बरसे योगी, कहा- अयोध्या जाने से डरते हैं कुछ नेता

  • विभाजनकारी राजनीति कर रही कांग्रेस, सपा की टोपी पर भी कसा तंज
  • संवाद लोकतंत्र की ताकत विधान सभा लोकतांत्रिक विचारों का केंद्र
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज विधान सभा में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुनिया भगवान राम को अपना रही है लेकिन कुछ लोग भगवान राम से विद्धेष करते हैं। कुछ नेता तो अयोध्या जाने से डरते हैं। मंदिर निर्माण से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बयान से उत्तर प्रदेश और अमेठी के लोगों को अपमानित किया है। कांग्रेस विभाजनकारी राजनीति कर रही है। ये लोग दुनिया में भारत की छवि खराब करते हैं। हैरानी की बात यह है कि जब ये यूपी आते हैं तो इनको मंदिर याद आने लगते हैं। विभाजनकारी राजनीति पहले भी होती रही है। भारत का विभाजन इसका परिणाम रहा है। राहुल गांधी ने तिरुअनंतपुरम में कहा था कि मैं पंद्रह साल में उत्तर भारत से सांसद था। वहां मुझे दूसरे तरह की राजनीति का सामना करना पड़ता था। केरल के लोग मुद्दों की राजनीति करते हैं सतही नहीं। राज्यपाल के अभिभाषण का विपक्ष द्वारा किए गए वॉकआउट पर उन्होंने कहा कि विधान सभा लोकतांत्रिक विचारों का केंद्र है। सहमति-असहमति होती रहती है। संवाद लोकतंत्र की ताकत है। चर्चा में जनप्रतिनिधियों को रूचि लेनी चाहिए। राज्यपाल किसी पार्टी का नहीं होता। उनके प्रति सदन के सभी लोगों को सम्मान भाव रखना चाहिए। सीएम ने सपा विधायकों द्वारा लगाई गई पार्टी की टोपी पर तंज कसते हुए कहा कि सदन में रंग-बिरंगी टोपी दिखती है। नेता प्रतिपक्ष अगर पगड़ी लगाकर आते तो ज्यादा ठीक होता।
कांग्रेस का हंगामा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर जब सीएम योगी ने सवाल उठाए तो कांग्रेस सांसदों ने हंगामा कर दिया। इसके कारण सीएम को कुछ समय के लिए अपना भाषण रोकना पड़ा।
डब्ल्यूएचओ ने की प्रशंसा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कोरोना प्रबंधन की डब्ल्यूएचओ ने प्रशंसा की। भारत सरकार से लगातार मदद मिलती रही।


प्रयागराज में 45 कोरोना पॉजिटिव मिलने से हड़कंप, बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे चपेट में

  • अभिभावकों के माथे पर खींची चिंता की लकीरें
  • स्कूलों में सैंपलिंग शुरू स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर बढ़ रहा है। प्रयागराज समेत कई शहरों में वह अपने पांव पसारने लगा है। प्रयागराज में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के संक्रमण की चपेट में आने से अभिभावकों में अपने बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर असमंजस पैदा हो गया है। वहीं लखनऊ में मरीजों की संख्या एक दिन में आठ से बढ़कर 21 हो गई है। प्रयागराज में दो दिन में 45 नए केस मिले हैं। इससे अभिभावकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। प्रयागराज में रविवार को 13, सोमवार को 13 और मंगलवार को 19 नए संक्रमित मिले जबकि इससे पहले 10 दिनों में 15 केस ही मिले थे। कोरोना अब स्कूलों में भी पहुंच गया है जबकि प्राइमरी स्कूल मार्च में खुलने वाले हैं। ऐसे में अभिभावक असमंजस में हैं कि अपने बच्चों को स्कूल भेजें या नहीं। दो दिनों में मॉल्स और स्कूलों में ही सबसे ज्यादा कोरोना के संक्रमित मिले। इनके अलावा अर्धसैनिक बलों में भी कोरोना बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग स्कूलों में सैंपलिंग कर रहा है। प्रयागराज में कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉक्टर ऋषि सहाय का कहना है कि मार्च में स्कूलों में परीक्षाएं होने वाली हैं। स्कूलों में कोरोना न फैले, इसलिए अभी से सैंपलिंग कराकर स्थिति जांची जा रही है। वहीं लखनऊ में दो दिनों से मरीज बढ़ने लगे हैं। नए मरीजों की संख्या आठ तक आ गई थी जो 21 तक पहुंच गई है। नए मामले रायबरेली रोड, आशियाना, गोमती नगर, तालकटोरा, जानकीपुरम में पाए गए है।

अन्नदाताओं का आंदोलन जारी, नयी रणनीति पर मंथन

  • कृषि कानूनों को लेकर पिछले तीन महीने से सड़क पर हैं किसान
4पीएम न्यूज नेटवर्क. नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर पिछले तीन महीने से किसान धरना दे रहे हैं। आंदोलन को तेज करने के लिए नयी रणनीति पर मंथन किया जा रहा है। किसान नेता राकेश टिकैत ने संसद को घेरने का ऐलान किया है और जल्द ही तारीख बताने की बात कही है। किसान नेताओं का कहना है कि किसान करीब 90 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं और उनकी सरकार से एक ही मांग है कि वह तीनों कृषि कानून को वापस लें। उन्होंने किसानों से तैयार रहने को कहा क्योंकि कभी भी दिल्ली जाने का आह्वान हो सकता है। किसान नेता लगातार कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन तेज करने के लिए विभिन्न राज्यों में महापंचायत कर रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि किसानों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए और एमएसपी लागू नहीं की तो बड़ी-बड़ी कंपनियों के गोदाम को ध्वस्त कर दिया जाएगा।

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