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क्या दिल्ली दरबार में हो गया 'खेलाÓ : जितिन और एके शर्मा को कैबिनेट में लेंगे योगी!

क्या दिल्ली दरबार में हो गया खेलाÓ : जितिन और एके शर्मा को कैबिनेट में लेंगे योगी!

  • दिल्ली से लखनऊ तक सियासी हलचल, जितिन को कैबिनेट में मिल सकती जगह
  • शीर्ष नेताओं से मुलाकातों के बाद अरविंद शर्मा का क्या होगा इसकी अटकलें भी तेज
  • नाराज ब्राह्मïणों को संदेश देने के लिए जितिन के जरिए भाजपा चलेगी ब्राह्मïण चेहरे वाला दांव
  • जितिन को भाव देने से नाराज है यूपी भाजपा के ब्राह्मïण नेता

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव से पहले दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सियासी सरगर्मियां चरम पर हैं। सीएम योगी के दो दिवसीय दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस से भाजपा में आए जितिन प्रसाद को प्रदेश कैबिनेट में शामिल किए जाने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि नाराज ब्राह्मïणों को खुश करने के लिए भाजपा जितिन प्रसाद को बतौर ब्राह्मïण चेहरे के तौर पर पेश करना चाह रही है। इसके साथ प्रदेश की राजनीति में यह चर्चा भी तेज हो गयी है कि जितिन प्रसाद प्रदेश में ब्राह्मïणों का बड़ा चेहरा नहीं रहे हैं और लगातार चुनाव हारते रहे हैं। ऐसे में पार्टी के ब्राह्मïण नेता नाराज हैं। जितिन को कैबिनेट में शामिल करने से भाजपा सरकार और संगठन में नया घमासान हो सकता है। पिछले कई दिनों से प्रदेश सरकार और संगठन में बदलाव की संभावनाओं के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। सूत्रों का कहना है कि इन मुलाकातों के दौरान यूपी चुनाव की रणनीति और कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा हुई। जितिन प्रसाद को योगी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। उन्हें विधानपरिषद के माध्यम से सदन में भेजा जा सकता है। जुलाई में पांच सीटों के लिए एमएलसी चुनाव होना है, ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी रास्ता खुला है। भाजपा में इसकी भी चर्चा है कि जितिन प्रसाद खुद कई चुनाव हार चुके हैं और वे प्रदेश में ब्राह्मïणों के बड़े नेता कभी नहीं रहे। हाल में हुए पंचायत चुनाव में शाहजहांपुर के खुटार में वार्ड-एक से जितिन की भाभी राधिका प्रसाद मैदान में थीं, लेकिन सारा जोर लगाने के बाद भी जितिन उन्हें जीता नहीं सके। खुद जितिन प्रसाद को 2014 के लोकसभा, 2017 के यूपी विधान सभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें राज्य का प्रभारी नियुक्त किया था, लेकिन वहां भी कांग्रेस खाता खोलने में नाकाम रही थी। ऐसी स्थिति में जितिन को कैबिनेट में जगह देने की चर्चा से प्रदेश के ब्राह्मïण मंत्रियों और विधायकों में असंतोष उत्पन्न हो गया। ब्राह्मïणों में दिनेश शर्मा, श्रीकांत शर्मा, सतीश द्विवेदी और बृजेश पाठक को ही अहम जिम्मेदारी दी गई है लेकिन सरकार में इनकी भी बात नहीं सुनी जा रही है। वहीं पीएम मोदी के करीबी एके शर्मा को लेकर भी अटकलें हैं। एके शर्मा के यूपी मंत्रिमंडल में शामिल होने के आसार हैं। हालांकि पीएम मोदी व सीएम योगी के बीच एके शर्मा को लेकर तनातनी रही हैं। लगता है बैठकों के बाद दिल्ली दरबार ने बीच का रास्ता निकाला है।



पीएम मोदी संग बैठक, सीएम ने बताया शिष्टïाचार भेंट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। बैठक करीब सवा घंटे तक चली। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में यूपी के मिशन 2022 पर चर्चा हुई। साथ ही, कैबिनेट विस्तार पर भी मुहर लगी। इसके बाद सीएम योगी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इससे पहले सीएम योगी ने गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सीएम योगी ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट एवं मार्गदर्शन प्राप्ति का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अपनी व्यस्ततम दिनचर्या से भेंट के लिए समय प्रदान करने व आत्मीय मार्गदर्शन करने हेतु प्रधानमंत्री जी का हृदयतल से आभार।

संघ का दखल भी रहा अहम

उत्तर प्रदेश को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दिल्ली में तीन दिन मंथन के बाद अपनी राय भाजपा नेतृत्व को दी थी। संघ ने बीच का रास्ता निकाला है। माना जा रहा है कि संघ के आशीर्वाद से योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने रहेंगे और जल्दी ही राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल होगा जिसमें अरविंद कुमार शर्मा और कांग्रेस से भाजपा में आए जितिन प्रसाद को जगह मिल सकती है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से योगी आदित्यनाथ की मुलाकात के बाद भाजपा में सब कुछ ठीक है का संदेश देकर चुनाव की अगली तैयारियों में जुट जाएगी।

कल तक जितिन प्रसाद जिस ब्राह्मïण विरोधी भाजपा का विरोध करते थे, आज उसी पार्टी में चले गए तो क्या विरोध खत्म हो जाएगा। समय बताएगा कि कौन इनसे नाराज है? भाजपा को इससे कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।

आराधना मिश्रा, विधायक, कांग्रेस

भाजपा सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह फेल रही है। पीएम मोदी और सीएम योगी की तनातनी जगजाहिर है। चुनाव के समय नया चेहरा लाना भाजपा की रणनीति का हिस्सा है। इससे उसे कोई फायदा नहीं होने वाला है। जनता सब जानती है।

घनश्याम तिवारी, राष्टï्रीय प्रवक्ता, सपा

यही जितिन प्रसाद जब कांग्रेस में थे तो भाजपा को कोसते थे। अब भाजपा इनका उपयोग ब्राह्मïणों को खुश करने के लिए करना चाहती है मगर ब्राह्मïणों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ब्राह्मïण वोटर्स सब जानते हैं। वे अपनी दिशा खुद तय करते हैं।

नीलम यादव, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष आप महिला प्रकोष्ठï

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