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यास ने पश्चिम बंगाल में बरपाया कहर

यास ने पश्चिम बंगाल में बरपाया कहर


कोलकाता। चक्रवाती तूफान यास ने पश्चिम बंगाल में कहर बरपा दिया है। एक ओर हजारो करोड़ की संपत्ति को नुकसान हुआ है तो वहीं दूसरी ओर लाखों लोग बेघर हो गए है। लाखों की संख्या में लोगों को राहत शिविर में भेजा गया है। इस प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न हुई स्थिति पर वेस्ट बंगाल की सीएम ममता बैनर्जी खुद पैनी निगाहें बनाएं हुए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जनधन के हानि और उसके बाद उत्पन्न हुए हालातों को लेकर अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी की है। जिसमें लोगों जल्द से जल्द और प्रभावी तरीके से राहत पहुंचाने के कार्य में तेजी लाने का रोडमैप तैयार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार बंगाल में चक्रवात यास से करीब 15000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और पश्चिम बंगाल में करीब तीन लाख घरों को नुकसान पहुंचा है। कृषि क्षेत्र में 2000 करोड़ का नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में बांध टूट गए हैं। सीएम ममता बनर्जी ने बांध टूटने की जांच के निर्देश दिए हैं। राहत शिविर में करीब 15 लाख लोग ठहरे हुए हैं। राज्य सरकार राहत शिविर में रह रहे लोगों के लिए इंतजाम कर रही है।
चक्रवात यस के मद्देनजर सीएम ममता बनर्जी राज्य सचिवालय में 30 घंटे रहीं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सचिवालय में विभिन्न अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।
मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में चक्रवात यास ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के लगभग 1 करोड़ लोगों को प्रभावित किया है, जबकि 3 लाख से अधिक घर तबाह हो गए हैं। बड़ी संख्या में नदी के बांध टूट गए हैं और कृषि संपदा और फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। दो लोगों की मौत हो चुकी है। सीएम ने पूछा कि अम्फान के दौरान बने बांध क्यों टूट गए। इसकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए उन्होंने टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि पांच करोड़ रुपये का मैंग्रोव पेड़ लगाना था, क्यों नहीं लगाया गए अभी तक। राज्य के मुख्य सचिव ने बताया कि सीएम ने 28 मई को हवाई मार्ग से चक्रवात प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने का फैसला किया है। अगले दिन वह उत्तर 24 परगना संदेशखली, धमाखली के विस्तृत क्षेत्र का दौरा करेंगी और हिंगलगंज में समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद वह प्रशासनिक समीक्षा बैठक करने के लिए हवाई मार्ग से दक्षिण 24 परगना सागर जाएंगी। उसी दिन वह हवाई मार्ग से पूर्वी मेदिनीपुर का सर्वेक्षण करेंगी और दीघा जाएंगी। 29 को समीक्षा बैठक होगी।


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