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विधानसभा चुनाव से पहले असम की तरह यूपी में भी बीजेपी खेल सकती है बड़ा दांव

विधानसभा चुनाव से पहले असम की तरह यूपी में भी बीजेपी खेल सकती है बड़ा दांव

  • केशव प्रसाद मौर्य को दी जा सकती है बड़ी जिम्मेदारी
  • 4पीएम की परिचर्चा में सामने आया कि मुख्यमंत्री योगी को हिंदुत्व व स्टार प्रचारक के तौर पर प्रमुखता दी जाए

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। अगर बीजेपी को सत्ता में वापसी करनी है तो पिछड़ी जातियों को एक करना ही होगा। पिछड़ी जातियों में केशव ही अपनी पैठ बना सकते हैं क्योंकि मौर्य कोइरी समाज के हैं और यूपी में कुर्मी, कोइरी और कुशवाहा ओबीसी में आते हैं। चुनावों में भाजपा को इन जातियों का समर्थन मिलता रहा है और यही वजह है कि पार्टी एक बार फिर डिप्टी सीएम केशव मौर्य को आगे कर पिछड़ी जातियों को संदेश देना चाहती है। रही बात मुख्यमंत्री की तो योगी आदित्यनाथ मजबूत चेहरा है। स्टार प्रचारक है। हिंदुत्व की साख हैं। ऐसे में उन्हें किनारे करना बीजेपी के लिए बड़ा मुश्किल काम है। यूपी में भी असम की तरह बीजेपी दांव खेल सकती है आने वाले समय में। यह बात निकलकर आई अमर उजाला समूह के सलाहकार विनोद अग्निहोत्री, वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल, चर्चित पत्रकार दीपक शर्मा व भड़ास के संपादक यशवंत सिंह व 4पीएम के संपादक संजय शर्मा के साथ परिचर्चा में। परिचर्चा में वरिष्ठï पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल ने कहा केशव का मुद्ïदा फिर चर्चा में है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि वे खुद जिस जाति से आते है, पूर्वी उत्तर प्रदेश में इन जातियों की अपनी ताकत है। बीजेपी जानती है कि यादव तो हमारे साथ आने से रहे। ऐसे में केशव ही ऐसा चेहरा है जो पिछड़ी जातियों में पैठ बना सकते हैं। 2017 में भाजपा ने बहुमत हासिल किया, इसमें सबसे बड़ा वोट बैंक पिछड़ी जातियों का रहा। इसी वोट बैंक को फिर से साधने के लिए केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेशाध्यक्ष बनाया जा सकता है। यूपी में योगीजी मजबूत चेहरा है। वो सारे फैसले अकेले करते हैं। हिंदुत्व के लिए जाने जाते हैं तो उन्हें हटाना आसान नहीं। चर्चित पत्रकार दीपक शर्मा ने कहा अप्रैल-मई यानी करीब डेढ़ महीने में जो यूपी में कोरोना को लेकर क्राइसेस आई, उससे जनता में खासी नाराजगी है। इसी का नतीजा है कि पंचायत चुनाव में भाजपा की राजनीतिक हार हुई। पंचायत चुनाव में पिछड़ी जातियों ने भाजपा का साथ छोड़ा। दिल्ली में बैठे शीर्ष सलाहकार योगी के कामकाज से खुश नहीं है। कहीं न कहीं उसे डर है कि विधानसभा चुनाव में नुकसान न हो इसीलिए शायद केशव प्रसाद मौर्य को फिर से भाजपा आगे लाना चाहती है। दिल्ली में जो बैठकें हो रही है, उसमें योगीजी कहीं नहीं है। ऐसे में मैसेज तो यही मिल रहा है कि केशव प्रसाद मौर्य को लाया जा सकता है। केशव के साथ एके शर्मा को डिप्टी सीएम बनाने की तैयारी है। जातियों के साधने में केशव सबसे आगे हैं। क्योंकि योगीजी न तो भाजपा के, न तो आरएसएस के न संगठन के हैं। ऐसे में वे गले के हड्ïडी बन गए हैं। मगर योगी को किनारे करने से भाजपा को नुकसान होगा।

भड़ास के संपादक यशवंत सिंह ने कहा उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जातियां अगर एकजुट हो गईं तो बीजेपी को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है, इसी वजह से केशव को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर भाजपा फिर 2017 की तरह वहीं दांव अजमाना चाहती है कि बहुमत से यूपी में भाजपा की वापसी हो। कोरोना काल में जिस तरह यूपी सरकार फेल हुई है। ऐसे में गांव तक के लोगों में भाजपा के प्रति नाराजगी है। लोगों से ये नाराजगी मिटाने के लिए बीजेपी नए प्रयोग करना चाहती है। अमर उजाला समूह के सलाहकार संपादक विनोद अग्निहोत्री ने कहा वर्तमान में बीजेपी के साथ-साथ योगी ने भी अपना कद बढ़ा लिया है। बीजेपी का डीएनए हिंदुत्व है। हिंदुत्व की राजनीति बीजेपी करती है। उन्होंने कहा वो समय याद है जब कल्याण सिंह को आगे लाया गया। अटलजी को भी कल्याण सिंह ने चुनौती दी। ऐसे में योगीजी को किनारे करना बहुत घातक होगा। चुनाव में वोट मिला मोदीजी के नाम पर। साथ ही केशव के जरिए पिछड़ों का वोट साध लिया बीजेपी ने। वर्तमान में योगीजी ब्रांड हंै। स्टार प्रचारक है। योगी को हटाकर बीजेपी कोई प्रयोग करेगी, मुझे तो ऐसा नहीं लगता। हां ये हो सकता है केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर पिछड़ों को खुश कर लें। हो सकता है कि असम की तरह यहां भी बीजेपी वही प्रयोग करें।




कोरोना के जंग में कांग्रेस भी कूदी, गांव-गांव पहुंचा रही मेडिकल किट

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। यूपी में कोरोना पीड़ितों की मदद में कांग्रेस लगातार जुटी हैं। इसी कड़ी में आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने पीसी की। उन्होंने प्रदेश कार्यालय से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हजारों की संख्या में कोरोना होम आइसोलेशन उपचार किट को रवाना करते हुए कहा कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर कोरोना पीड़ितों को दवाइयां देंगे। गांव-गांव मेडिकल किट लोगों को दी जाएगी। ताकि हर एक की जान बचाई जा सके। कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की किल्लत के दौरान पहले ही छत्तीसगढ़ से ऑक्सीजन टैंकर के साथ बडी संख्या में ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर भेजे थे और अब मिशन सेवा सत्याग्रह के तहत यूपी में कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए दवाओं की एक ट्रक किट भी लखनऊ भेजी है, जिसका वितरण आज से गांवों में शुरू हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बताया कि राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में होम आइसोलेशन में रह रहे जरूरतमंदों को डॉक्टरों की सलाह पर बांटकर हम कोरोना से बचाने का हर संभव प्रयास करेंगे।

बाराबंकी में मंदिर के पुजारी की हत्या से सनसनी

4पीएम न्यूज नेटवर्क. बाराबंकी। टिकैतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम खमौली में स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी की मंगलवार रात धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी गई। ग्रामीण आज सुबह जब पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो पुजारी का शव खून से लथपथ चारपाई पर पड़ा मिला। पुलिस के मुताबिक सोते समय पुजारी के सिर पर वार किया गया। मामले की जांच की जा रही है। रामसनेहीघाट के भुसेहड़ी के रहने वाले 70 वर्षीय पुजारी सुरेशचन्द्र चौहान पुत्र रामसमुझ चार साल से यहां रह रहे थे। उनके सिर पर ही धारदार हथियार से किए वार किए जाने के निशान मिले हैं। पुलिस उपाधीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि मंगलवार रात पुजारी निमतियापुर के परमात्मा के घर दावत खाने गये थे। इसके बाद उनका शव मंदिर परिसर में पाया गया। सोते समय हत्या किए जाने की आशंका है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। जल्द से जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा। वहीं इस घटना से गांव में भय का माहौल है। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि पुजारी की हत्या क्यों की गई।

एनसीसी की सेल्फ फाइनेंस में बढ़ेंगी सीटें

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। रक्षा सेवाओं में भविष्य बनाने के लिए अब और अधिक युवाओं को मौका मिलेगा। एनसीसी की जूनियर डिवीजन में यूपी में 3700 सीटें, जबकि देशभर में सेल्फ फाइनेंस की 70 हजार सीटें बढ़ेंगी। एनसीसी महानिदेशालय ने यूपी सहित सभी निदेशालयों को सीटें बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। एनसीसी महानिदेशालय ने यूजीसी को यूनिवर्सिटी में एनसीसी पढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था। जिस पर यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों के वीसी को पत्र लिखकर अपने यहां पढ़ाई शुरू करने की तैयारी के निर्देश दिए हैं। यूपी बोर्ड भी वर्ष 2023 से एनसीसी के पाठ्यक्रम को शामिल करने की योजना बना रहा है। अब एनसीसी महानिदेशालय ने निजी शिक्षण संस्थानों के 12 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को एनसीसी प्रशिक्षण के अधिक मौके देने के लिए सेल्फ फाइनेंस कोटे की सीटें बढ़ाएगा।

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