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देशभर में गूंजा उन्नाव कांड

देशभर में गूंजा उन्नाव कांड

  • ट्विटर पर ट्रेंड हो रही बच्ची की सलामती की दुआ
  • दो किशोरियों की मौत का रहस्य गहराया
  • चारा लेने गई तीन किशोरियों में दो की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत
  • विधान सभा में गूंजा मामला पीड़ित के गांव में धरने पर बैठे सपा-बसपा के नेता
  • विपक्ष ने मीडिया और पीड़ित परिवार की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराने की मांग की
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा जंगल में जानवरों के लिए चारा लेने गई तीन किशोरियों में से दो की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला पूरे देश में गंूजने लगा है। अस्पताल में गंभीर हालत में जीवन की जंग लड़ रही किशोरी के लिए लोग ट्विटर पर प्रार्थना कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस अभी तक मामले की तह तक नहीं पहुंच सकी हैं। वहीं विपक्ष ने उन्नाव कांड को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। विधान सभा में भी यह मामला गूंजा। उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पाठकपुर के मजरे बबुरहा में पासी परिवार की तीन किशोरियां उम्र 16, 13 और 17 वर्ष बबुरहा नाला के पास खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। देर शाम तक घर नहीं लौटीं तो परिजन खोजने के लिए निकले। उन्हें तीनों लड़कियां खेत में कपड़े से बंधी मरणासन्न हालत में मिलीं। परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र असोहा ले गए जहां पर डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया। वहीं एक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे कानपुर के हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले पर असोहा थाना क्षेत्र के गांव में आज सपा व बसपा के नेता और कार्यकर्ता पहुंच गये। सपा जिला उपाध्यक्ष सुनील रावत, बसपा जिला सचिव जय नारायण गौतम के साथ कार्यकर्ताओं ने मृतक किशोरियों के स्वजन को छोड़ने की मांग की और पीड़ित परिवार के घर के निकट धरने पर बैठ गए। साथ ही स्वजन व मीडिया की उपस्थिति में शवों का पोस्टमार्टम कराने और अंतिम संस्कार कराने की मांग की। पोस्टमार्टम के लिये तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। आईजी लक्ष्मी सिंह और एडीजी जोन एसएन साबत ने मामले की पड़ताल की। एसपी आज सुबह फिर घटनास्थल पर पहुंच गए। सूत्रों की मानें तो पुलिस अफसरों को घटना में कई अहम सुराग मिले हैं, हालांकि अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
डीजीपी ने तलब की रिपोर्ट
उन्नाव मामले पर डीजीपी ने सख्त रुख अपनाते हुए एडीजी जोन और आईजी से विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है। इस बीच उन्नाव के एसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। एफएसएल की टीम को बुलाया जा रहा है। घटनास्थल का रीक्रिएशन कराया जाएगा। एसपी ने कहा कि डॉक्टर्स द्वारा पॉइजनिंग की बात कही जा रही है, उस पर भी जांच हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई चीजों का खुलासा होगा।
सीबीआई जांच की मांग
मृतक लड़कियों की भाभी ने कहा है कि उनका परिवार सुरक्षित नहीं है। सब कुछ साफ हो, इसके लिए सीबीआई जांच जरूरी है।
उन्नाव की घटना दिल दहला देने वाली है। लड़कियों के परिवार की बात सुनना एवं तीसरी बच्ची को अच्छा इलाज मिलना चाहिए। त्वरित प्रभाव से तीसरी बच्ची को इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट किया जाए। पूरे मामले में जांच-पड़ताल एवं न्याय मिलना चाहिए। आखिर परिवार को नजरबंद करके यूपी सरकार को क्या हासिल होगा।
प्रियंका गांधी, महासचिव कांग्रेस
आज उन्नाव है, कल तुम्हारा जिला होगा। आज उनका गांव है, कल तुम्हारा होगा। आज दलित बेटियां पेड़ों से बंधी मिल रही हैं कल तुम बंधे मिलोगे। याद रहे, मूक दर्शक बनकर बर्बादी का तमाशा देखने वालों को इतिहास कायर कहता है। डराओ, धमकाओ, मुकदमा करो, मैं बेटियों के साथ हूं।
संजय सिंह, सांसद, आप
प्रदेश की कानून-व्यवस्था बर्बाद हो चुकी है। यहां पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहा है। प्रदेश में तो में जंगलराज है। उन्नाव की घटना पर सरकार मौन क्यों है। प्रेस को बैन किया जा रहा है।
रामगोविंद चौधरी, नेता प्रतिपक्ष, सपा


कृषि कानूनों के खिलाफ अब ट्रैक पर किसान, रोकी ट्रेनें
  • कई ट्रेनों को किया गया रद्द, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
4पीएम न्यूज नेटवर्क. नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने देश भर में रेल को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। बिहार में 12 बजे से पहले ही ट्रेनों को रोका जाने लगा। देशव्यापी रेल रोको आंदोलन के दौरान हजारों किसान रेल की पटरियों पर बैठें नजर आए। रेलवे ने इस आंदोलने को देखते हुए कई ट्रेनों को रद कर दिया है, वहीं कुछ के रूट में परिवर्तन किया है। इसके अलावा जीआरपी और आरपीएफ के जवानों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। रेलवे ने आरपीएसएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया है। किसानों ने हरियाणा के पलवल में रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर दिया। यूनाइटेड-किसान मोर्चा के किसान कृषि कानून के खिलाफ चार घंटे के राष्ट्रव्यापी रेल रोको आंदोलन में हिस्सा लेते हुए जम्मू के चन्नी हिमत क्षेत्र में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। पंजाब में किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी ने अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन किया। फतेहगढ़ साहिब में किसान संगठनों ने रेल रोकी। बिहार में किसानों के रेल रोको आंदोलन के आह्वान पर जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पटना में रेल रोकी। दिल्ली के नांगलोई रेलवे स्टेशन पर किसानों के रेल रोकी।
अफसर कर रहे निगरानी
पंजाब में किसान आंदोलन के कारण ट्रेन की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसको लेकर वेस्टर्न रेलवे ने कुछ ट्रेनों के बारे में जानकारी देकर यात्रियों से ध्यान देने को कहा है। वहीं, रेलवे की तरफ से जिले के बड़े अधिकारियों को भी विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है।

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