घाटी का बदल रहा माहौल, मस्जिदों हो रहा ये ऐलान

घाटी का बदल रहा माहौल, मस्जिदों हो रहा ये ऐलान


नई दिल्ली। कश्मीर घाटी में माहौल बदल रहा है। अब घाटी की मस्जिदों से कश्मीरी पंडितों और सिखों को घाटी में रहने और यहां से न निकलने की अपील की जा रही है। साथ ही पुलिस ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है ताकि ऐसे अल्पसंख्यकों तक समय से मदद पहुंचाई जा सके. दरअसल, यहां के धर्मगुरुओं को कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति (केपीएसएस) के अध्यक्ष संजय टिक्कू द्वारा भेजे गए संदेश से मस्जिदों में अपील करने का सिलसिला शुरू हो गया है।
संजय टिक्कू ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से अल्पसंख्यक समुदाय को सुरक्षा की भावना देने के लिए ऐसे क्षेत्रों में स्थित मस्जिदों के आलमों और गुरुओं से घोषणा करने का अनुरोध किया था। संजय के मुताबिक पहले 2 मस्जिदों ने यह ऐलान किया और उनके मुताबिक अब तक 8 मस्जिदों ने लाउडस्पीकर से ऐलान किया है कि घाटी में रहकर कश्मीरी पंडितों को डरना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि इस तरह से लोगों में विश्वास पैदा होगा।
संजय का कहना है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा स्थापित विशेष हेल्पलाइन सरकार की ओर से आत्मविश्वास बढ़ाने वाला कदम है. ऐसे में पुलिस के लिए समय पर मदद मांगने वाले तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा. हालांकि उनका यह भी कहना है कि यह हेल्पलाइन न सिर्फ अल्पसंख्यकों के लिए बल्कि ऐसी आपात स्थिति में सभी लोगों के लिए मददगार साबित होगी।
ऑल पार्टी सिख कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष जगमोहन सिंह रैना ने पुलिस द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर के बारे में कहा कि इस हेल्पलाइन से भी ज्यादा यहां का बहुमत लोगों की हेल्पलाइन को जरूरी मानता है. उनके मुताबिक ये हेल्पलाइन सिर्फ श्रीनगर जैसे शहरों में ही मदद मुहैया करा सकती है. जहां कोई नेटवर्क नहीं है, यहां तक कि सिख सदस्य भी अंतत: उस पड़ोस के बहुमत पर निर्भर हैं।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा था कि हाल ही में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों की हत्याओं को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि यूनाइटेड कश्मीरी सिख प्रोग्रेसिव फोरम (यूकेएसपीएफ) के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में उपराज्यपाल से मुलाकात की। उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाई गई चिंताओं का संज्ञान लिया और कहा कि इन जघन्य अपराधों को अंजाम देने वाले मानवता के दुश्मनों को बख्शा नहीं जाएगा।
कश्मीर घाटी में इस महीने आतंकियों ने कम से कम 7 लोगों की हत्या कर दी है। मरने वालों में 4 लोग अल्पसंख्यक समुदाय के हैं। पिछले मंगलवार को आतंकवादियों ने श्रीनगर में एक प्रमुख कश्मीरी पंडित माखन लाल बिंदू और बिहार के एक विक्रेता, वीरेंद्र पासवान और बांदीपोरा में एक नागरिक मोहम्मद शफी लोन की हत्या कर दी थी। श्रीनगर में गुरुवार को स्कूल की प्रिंसिपल सुपिंदर कौर और टीचर दीपक चंद की हत्या कर दी गई थी।


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