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लो सरकार, बीज प्रमाणीकरण में भी हो गया करोड़ों के टेंडर में खेल

लो सरकार, बीज प्रमाणीकरण में भी हो गया करोड़ों के टेंडर में खेल

  • दागी कंपनी को नियमों को ताक पर रखकर दे दिया गया करोड़ों का काम
  • सीएम के क्षेत्र गोरखपुर समेत पूरे यूपी में बेरोजगारों से अवैध वसूली में जुटी आरएमएस टेक्नोलॉजी
  • कंपनी की अवैध वसूली, बदनामी सरकार की
  • कंपनी ने अफसरों को दिये निर्देश वसूली क रवाओ लोगों से
संजय शर्मा
लखनऊ। सीएम योगी ने विभागों में पारदर्शिता लाने के लिये नियम बनाया कि मैन पावर के सभी काम जैम के माध्यम से होंगे मगर वो अफसर ही क्या जो इन नियमों को ताक पर रखकर पैसा न कमा डालें। निदेशक बीज प्रमाणिक ने करोड़ों रुपये का खेल करने के लिये सारे नियम ताक पर रख दिये। करोड़ों रुपये का काम तक दागी कंपनी को दे दिया। इस काम के लिये आये 23 टेंडरों में से 22 को निरस्त कर दिया गया और एक ही फर्म को करोड़ों का काम दे दिया गया। मामला खुलने के बाद अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस अनियमितता के विषय में लिखा है मगर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। विपक्ष ने इस घोटाले पर सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि एक और विभाग में करोड़ों का घोटाला साबित करता है कि दाल में सब कुछ काला ही काला है।
दरअसल, बीज प्रमाणीकरण विभाग में मैनपावर का करोड़ों का काम निकला था अगर सीएम के निर्देशों के मुताबिक काम किया जाता तो अफसरों की जेब गर्म ही नहीं होती। मामला करोड़ों का था तो इसमें बड़ा खेल किया गया। इस टेंडर में 23 फर्मों ने टेंडर डाला। अब अगर सभी के टेंडर खोले जाते तो मामला बनता नहीं। लिहाजा सभी फर्मों की छोटी-छोटी कमी निकाल कर उनको तकनीकी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया। चूंकि विभाग के आला अफसरों की बड़ी डील आरएमएस टेक्नो सोल्यूशन प्रा. लिमिटेड से हो गयी थी लिहाजा सारा काम इसी को दे दिया गया। इसकी शिकायत कुछ कंपनियों ने अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल से की क्योंकि जैम का सारा काम उन्हीं के अधीन आता है। श्री सहगल ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव कृषि को पांच जनवरी को खत लिखा। इसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि एक ही फर्म को तकनीकी रूप से अर्ह घोषित किया गया है जो नहीं किया जा सकता क्योंकि न्यूनतम तीन फर्मों का तकनीकी रूप से अर्ह होना अनिवार्य है मगर श्री सहगल के इस पत्र पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। दूसरी ओर चयनित फर्म आरएमएस टेक्नो सोल्यूशन ने नियमों को ताक पर रखकर दक्षता परीक्षण के नाम पर वसूली भी शुरू कर दी। जाहिर है करोड़ों के इस खेल में सारे नियम ताक पर रख दिये गये। इससे साफ है कि सरकार भले ही कितनी भी ईमानदारी की बातें करे कुछ अफसर भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आयेंगे।


दागी फर्म ठेका पाते ही जुटी वसूली करने में
जिस दागी फर्म आरएमएस टेक्नो सोल्यूशन प्रा. लिमिटेड को काम दिया गया उसने काम पाते ही खेल खेलना शुरू कर दिया। इस फर्म के मानव संसाधन प्रबंधक मो. इश्तियाक हुसैन ने अपना हुनर दिखा दिया। उन्होंने आगरा, अलीगढ़, मेरठ, गोरखपुर, अयोध्या, पीलीभीत और प्रयागराज के प्रभारी उपनिदेशक को 31 दिसंबर को खत लिखकर कहा कि दक्षता पाने वाले सभी कर्मियों को पांच हजार रुपये के डिमांड ड्राफ्ट के साथ उपस्थित होने को कहा जाये। जैम में आदेश है कि किसी भी रूप से पैसा नहीं लिया जा सकता। मगर चूंकि संस्था के आकाओं ने बड़े साहब लोगों की जेबें गर्म कर रखी थी लिहाजा यह सारे नियम ताक पर रख दियेगये। यहां यह भी मजेदार बात है कि राजस्व परिषद में यह फर्म ब्लैक लिस्ट हो चुकी है। कंपनी के प्रबंधक अभिषेक ने कहा कि उन्हें नियमों के तहत ही टेंडर मिला है पहले टेंडर में दो फर्म आयी थी फिर दोबारा होने पर हमारी ही फर्म ने क्वालीफाई किया है।
सहगल साहब का खत मिला है, हम जवाब तैयार करा रहे हैं
इस संबंध में निदेशक बीज प्रमाणीकरण एपी श्रीवास्तव ने कहा कि कंम्प्यूटर युग में कुछ भी गड़बड़ नहीं हो सकती। अपर मुख्य सचिव जी का खत मिला है हम उसका जवाब बनवा रहे हैं। फर्म की अवैध वसूली की हमको कोई जानकारी नहीं है।
ये घोटालों की सरकार है। इसने तो श्मशान तक में कमीशन ले लिया। यह भ्रष्टïाचार ऊपर से नीचे तक व्याप्त है। इसमें भाजपा के अपने लोग शामिल हैं।
सुनील सिंह साजन, एमएलसी, सपा
भ्रष्टाचार करना भाजपा सरकार का मिशन सा बन गया है। चाहे कोरोना के समय उपकरणों की खरीद में भ्रष्टाचार हो या अस्पताल की ऑक्सीजन खरीद में, या श्मशान घर के निर्माण में, सरकार ने कहीं भी अवसर नहीं खोया। किसी जांच का भी इस सरकार में कोई अर्थ नहीं है, सिर्फ बदलाव ही विकल्प है ।
वैभव माहेश्वरी, प्रवक्ता, आप
पूरे सिस्टम में भ्रष्टïाचार है। हर विभाग में करप्शन है। इस मामले की जांच होनी चाहिए और दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जीशान हैदर, प्रवक्ता, कांग्रेस
सरकार भ्रष्टïाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। किसी को भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
कुमार अशोक पांडेय, प्रवक्ता, भाजपा

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