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कांग्रेस का हमला, पूछा अर्नब को कैसे पता था सर्जिकल स्ट्राइक का

कांग्रेस का हमला, पूछा अर्नब को कैसे पता था सर्जिकल स्ट्राइक का

  • प्रियंका बोलीं, एक पत्रकार को बताई गई राष्टï्रीय सुरक्षा से जुड़ी अतिगोपनीय जानकारी
  • राष्ट्रवाद का दावा करने वाले पकड़े गए राष्ट्रद्रोही कारनामे करते, हो निष्पक्ष जांच
  • अर्नब गोस्वामी की लीक चैट को मुंबई पुलिस ने चार्जशीट में किया शामिल
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता के साथ रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की करीब एक हजार पेज की वॉट्सऐप चैट्स लीक होने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भाजपा और केंद्र की सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि राष्ट्रवाद का दावा करने वाले राष्ट्रद्रोही कारनामे करते पकड़े गए हैं। वहीं कांग्रेस के अन्य नेताओं ने सरकार से पूछा है कि अर्नब को सर्जिकल स्ट्राइक का कैसे पता चला। अर्नब की जिन चैट्स को मुंबई क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट में शामिल किया है, उनमें दो साल पहले भारत की बालाकोट में की गई सैन्य कार्रवाई भी जुड़ी हुई हैं, जिसकी जानकारी अर्नब को पहले से थी। इस मामले के सामने आने के बाद प्रियंका ने ट्वीट में लिखा, देश की सुरक्षा से जुड़ी अतिगोपनीय बातें एक पत्रकार को बताई गईं। हमारे देश के वीर जवान शहीद हुए। पत्रकार कहता है 'हमें फायदा होगाÓ। राष्ट्रवाद का दावा करने वाले राष्ट्रद्रोही कारनामे करते हुए पकड़े गए। यह बहुत गंभीर मामला है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
केंद्र सरकार बने शिकायतकर्ता
मुंबई पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि यह दो लोगों के बीच प्राइवेट चैट्स है। इस चैट्स में बालाकोट पर भारत सरकार की संभावित कार्रवाई का जो जिक्र है, वह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। इस मामले में केंद्र सरकार को शिकायतकर्ता बनना चाहिए और मुंबई पुलिस में एफआईआर दर्ज करानी चाहिए लेकिन क्या केंद्र सरकार ऐसा करेगी, इस अधिकारी के अनुसार, यह केंद्रीय गृह मंत्रालय को तय करना है।
चिदंबरम भी उठा चुके हैं सवाल
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा था कि क्या असल स्ट्राइक से तीन दिन पहले एक पत्रकार (और उसके दोस्त) को बालाकोट शिविर में जवाबी हमले के बारे में पता था? यदि हां, तो इस बात की क्या गारंटी है कि उनके स्रोतों ने पाकिस्तान के साथ काम करने वाले जासूसों या मुखबिरों सहित अन्य लोगों के साथ भी जानकारी साझा नहीं की होगी? राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय निर्णय की जानकारी सरकार-समर्थक पत्रकार को कैसे मिली?


गरीबों को घर देना हमारा लक्ष्य : मोदी
  • यूपी के 6.1 लाख लाभार्थियों को 2,691 करोड़ की जारी की वित्तीय सहायता
  • लाभार्थियों से की बातचीत पिछली सरकारों पर साधा निशाना
4पीएम न्यूज नेटवर्क. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत यूपी के 6.1 लाख लाभार्थियों को 2,691 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लाभार्थियों से बातचीत की। पीएम ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जो सरकारें रहीं उस दौरान उत्तर प्रदेश में क्या स्थिति थी ये आप सभी ने देखा है। गरीब को ये विश्वास ही नहीं था कि सरकार भी घर बनाने में उसकी मदद कर सकती है। जो पहले की आवास योजनाएं थीं, जिस तरह से घर उनके तहत बनाएं जाते थें, वो भी किसी से छिपा नहीं है जबकि हमारा लक्ष्य गरीबों को घर देना है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सीधा संबंध देश के नागरिकों के आत्मविश्वास से है और घर एक ऐसी व्यवस्था और ऐसा सम्मानजनक तोहफा है जो इंसान का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा देता है। उन्होंने कहा कि देश ने आजादी के 75 वर्ष पूरे होने तक हर गरीब परिवार को पक्का घर देने का लक्ष्य तय किया था। बीते वर्षों में लगभग दो करोड़ घर सिर्फ ग्रामीण इलाकों में बनाए गए हैं। अकेले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी करीब सवा करोड़ घरों की चाबी लोगों को दी जा चुकी है। कुछ दिन पहले देश में कोरोना को हराने के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुआ है। आज एक और अच्छा काम हुआ है। आवास योजना से गांवों की तस्वीर बदल रही है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि गरीब के पास घर हो। गरीबों को घर दिया जाए। इस योजना के साथ करोड़ों लोगों की उम्मीद और सपने जुड़े हैं।
बिना भेदभाव दिए गए आवास
योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में गरीबों को बिना भेदभाव के सिर ढंकने के लिए आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने हर गरीब के घर के सपने को साकार किया है। गरीब के जीवन को निखारने की पीएम नरेंद्र मोदी की जो सोच रही है, वह साकार हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभार्थियों के लिए सहायता राशि के डिजिटल ट्रांसफर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
गुरु गोविंद सिंह को किया याद
आज दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व है। गुरु गोविंद सिंह को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पवित्र अवसर पर मैं देशवासियों को प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई देता हूं। मेरा सौभाग्य रहा कि गुरु साहब की कृपा रही है। गुरु साहब मुझ सेवक से निरंतर सेवाएं लेते रहे हैं। सेवा और सत्य के पथ पर चलते हुए बड़ी से बड़ी चुनौती से भी लड़ने की प्रेरणा हमें गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन से मिलती है।

सुप्रीम कोर्ट का ट्रैक्टर रैली में हस्तक्षेप से इनकार, कहा- दिल्ली पुलिस ले निर्णय

  • अदालत के निर्देश पर केंद्र ने वापस ली याचिका
4पीएम न्यूज नेटवर्क. नई दिल्ली। किसानों की गणतंत्र दिवस पर होने वाली ट्रैक्टर रैली को लेकर दिल्ली पुलिस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की। कोर्ट ने एक फिर दोहराया कि रैली को लेकर फैसला दिल्ली पुलिस ही करे। न्यायायल ने केंद्र सरकार से ट्रैक्टर रैली को लेकर याचिका वापस लेने के लिए पूछा, इसके बाद केंद्र सरकार ने याचिका वापस ले ली है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि गणतंत्र दिवस पर किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के खिलाफ केंद्र की याचिका पर हम कोई आदेश पारित नहीं करेंगे। चीफ जस्टिस ने कहा कि यह पुलिस को तय करना है। हम आदेश पारित नहीं करने वाले हैं। आप कार्रवाई करने के अधिकारी हैं। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा है कि दिल्ली में प्रवेश का मामला कानून व्यवस्था से जुड़ा है और पुलिस इस पर फैसला करेगी। ट्रैक्टर रैली हो या नहीं, यह पुलिस को तय करना है। इसका निर्णय लेने का अधिकार दिल्ली पुलिस के पास है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के खिलाफ अपनी याचिका वापस लेने के लिए कहा। इसके बाद केंद्र सरकार ने टैक्टर रैली के मामले में न्यायालय से हस्तक्षेप के अनुरोध करने वाली याचिका वापस ले ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन जारी है। आज किसानों और सरकार के बीच वार्ता होगी।

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