तो यूपी में ऐसे रहेंगी बेटियां सुरक्षित : पुलिस अफसर ही कर रहा युवती को परेशान, भड़का विपक्ष

तो यूपी में ऐसे रहेंगी बेटियां सुरक्षित : पुलिस अफसर ही कर रहा युवती को परेशान, भड़का विपक्ष

  • डीजीपी के सभ्यता के पाठ का भी नहीं दिखा असर
  • पिता ने ट्वीट कर गृहमंत्री से सीएम तक की शिकायत तो मचा हड़कंप, डीजीपी ने बैठाई जांच
  • नंबर बदल-बदल कर लड़की को परेशान करता है प्रयागराज में तैनात आईपीएस
  • विपक्ष बोला, भाजपा सरकार में सुरक्षित नहीं बहन-बेटियां

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। नारी शक्ति और उनके सुरक्षा का दावा करने वाली प्रदेश सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। जिस पुलिस पर बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है वहीं युवतियों के लिए खतरा बन रही है। ताजा मामला प्रयागराज में तैनात एक आईपीएस से जुड़ा है। यह पुलिस अधिकारी नंबर बदल-बदल कर एक युवती को देर रात फोन कर परेशान कर रहा था। इसका खुलासा तब हुआ जब लड़की के पिता ने गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी से ट्वीट कर इसकी शिकायत की। मामले के संज्ञान में आते ही पुलिस प्रशासन और सरकार में हड़कंप मच गया है। डीजीपी ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। वहीं विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि राज्य में अराजकता का माहौल है और भाजपा सरकार में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। विपक्ष ने इस मामले में निष्पक्षता से जांच कराकर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उत्तर प्रदेश पुलिस के दो डिप्टी एसपी की रंगीनमिजाजी की चर्चा अभी बंद भी नहीं हुई कि 97 बैच के आईपीएस अधिकारी बीआर मीणा पर गंभीर आरोप लगे हैं। आईजी पीएसी प्रयागराज बीआर मीणा पर रात में एक लड़की को फोन पर परेशान करने के आरोप हैं। खुद लड़की के पिता ने ट्विटर के माध्यम से यूपी पुलिस, डीजीपी, केंद्रीय गृहमंत्री, मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव गृह से शिकायत की है। प्रयागराज में आईजी पीएसी के पद पर तैनात बीआर मीणा पर आरोप लगाते हुए लड़की के पिता ने लिखा है कि वह रात में नंबर बदल-बदलकर मेरी बेटी को फोन करते हैं। वह ऑड आवर्स में भी मेरी बेटी को फोन करके परेशान करते हैं। वह मेरी बेटी को धमकी देते हैं। प्रदेश में लड़कियां सुरक्षित नहीं है। प्रदेश सरकार उनके खिलाफ कड़ा एक्शन ले। ट्विटर पर इस आईपीएस अधिकारी को उत्तर-प्रदेश पुलिस का कलंक बताते हुए लड़की के पिता ने कहा है कि यह बहुत भ्रष्ट अफसर है। पीड़ित ने उन्हें ट्विटर पर चरित्रहीन अधिकारी भी लिखा है और सेवा से निकालने की मांग की है। उन पर लड़कियों का फोन टेप कराने का भी आरोप है। शिकायतकर्ता गाजियाबाद के निवासी हैं। इस शिकायत के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यूपी पुलिस ने ट्विट का जवाब देते हुए लिखा है कि मामले का संज्ञान ले लिया गया है। जांच में दोषी पाये जाने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। साथ ही इस मामले में गाजियाबाद पुलिस को लिखित शिकायत देने को भी कहा गया है। डीजीपी मुकुल गोयल ने मामले की जांच एडीजी पीएसी अजय आनंद को सौंपी हैं और सात दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

उन्नाव और शाहजहांपुर के सीओ भी आ चुके हैं चर्चा में

पिछले दिनों कानपुर के एक होटल में यूपी पुलिस के एक डिप्टी एसपी अपनी महिला मित्र के साथ रंगरेलियां मनाते पकड़े गये थे। कानपुर पुलिस ने उनकी पत्नी की शिकायत पर उन्हें होटल से बरामद किया था। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि मामले में शामिल होने के कारण महिला कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पूरे प्रकरण की जांच एएसपी शशि शेखर सिंह को दी है। इसी तरह शाहजहांपुर में तैनात सीओ का अपनी महिला मित्र के साथ बाथरूम में नहाते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। यूपी पुलिस की छवि खराब करने वाले इन दोनो डिप्टी एसपी के खिलाफ कार्रवाई की गयी है।

ट्वीटर पर दिया गया है अफसर का पूरा ब्यौरा

पीड़िता के पिता ने अपने ट्वीट में अफसर का नाम, पद, यूपी कैडर के आईपीएस अफसर के रूप में आवंटित बैच का पूरा ब्यौरा भी दिया है।



ट्वीट संज्ञान में आया है। जांच की जा रही है। जो भी सत्य सामने आएगा उसके मुताबिक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मुकुल गोयल, डीजीपी

योगी सरकार में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाता है। मामले की जांच की जा रही है। यदि अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पहले भी ऐसे अफसरों को सरकार दंडित कर चुकी है।

हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, प्रवक्ता, भाजपा

भाजपा सरकार में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। हाथरस कांड और महिला के साड़ी खींचने जैसे प्रकरण ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। जब पुलिस अधिकारी लड़कियों को परेशान कर रहे हो तो वे अपनी सुरक्षा की गुहार कहां लगाएंगी। आखिर किस मुंह से सरकार बहन-बेटियों की सुरक्षा की बात कर रही है।

सुनील सिंह साजन, एमएलसी, सपा

सीएम योगी का कानून व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं है। महिलाओं व बेटियों के साथ अत्याचार जारी हंै। प्रियंका गांधी ने कानून व्यवस्था को लेकर कई सुझाव दिए लेकिन भाजपा सरकार मानने को तैयार नहीं है। विधान सभा चुनाव में भाजपा का जाना तय है।

अंशु अवस्थी, प्रवक्ता, कांग्रेस

महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार संवदेनशील नहीं है। हाथरस कांड जैसी बहुत सी घटनाएं इसका उदाहरण हैं। महिलाओं की सुरक्षा की बात सिर्फ छलावा है। इस मामले में जांच कराकर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

एसएन त्रिवेदी, प्रदेश प्रवक्ता, आरएलडी

प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। यह केवल जुमलों की सरकार हैं। थानों में महिला पीड़ितों की सुनवाई नहीं होती। पुलिस उल्टा फंसाने की धमकी देकर उन्हें प्रताड़ित करती है। दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

रितेश कुमार, प्रदेश प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी

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