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ओटीटी पर परोसे जा रहे अश्लील कंटेंट, सरकार को करनी चाहिए निगरानी

ओटीटी पर परोसे जा रहे अश्लील कंटेंट, सरकार को करनी चाहिए निगरानी

  • देखने की आजादी है ओटीटी प्लेटफार्म पर लेकिन नुकसान अधिक
  • 4पीएम की परिचर्चा में सामने आया कि ओटीटी प्लेटफार्म पर गंदगी को समेटना जरूरी
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। ओटीटी प्लेटफॉर्म वर्तमान में एक नई तकनीक है। इसका चलन भारत में तेजी से बढ़ा है। इस प्लेटफॉर्म पर आप घर में बैठकर फिल्म का मजा ले सकते हैं पर थियेटर में फिल्म देखने के लिए आपको पैसे खर्च करने पड़ेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि दर्शक घर बैठे अपनी पसंदीदा फिल्म ओटीटी पर देख रहे हैं। हालांकि ओटीटी पर फिल्म देखने ज्यादा नुकसानदायक है क्योंकि ओटीटी पर जो परोसा जा रहा है, वह हर किसी के देखने लायक है या नहीं। यह इस समय का सबसे बड़ा प्रश्न है। घर-परिवार में आप एक साथ बैठकर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म देखने में असहज महसूस करते हैं। वर्तमान में जब सिनेमाघर बंद हैं तो लोग ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मूवी और सीरियल देखना चाहते हैं और सरकार भी इस पर नियंत्रण चाहती है। सरकार को ओटीटी पर निगरानी करनी भी चाहिए। तभी ओटीटी पर परोसे जाने वाले अश्लील कंटेंट को रोक पाएंगे। ऐसे बहुत से सवाल है जो ओटीटी के कंटेंट पर लगातार उठ रहे हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लोग क्या देखना चाहते हैं इस पर मॉडल-अभिनेत्री व फिल्म निर्माता पूनम झावर, पार्श्व गायक व म्यूजिक कंपोजर उद्ïभव ओझा, एक्टर व फिल्म निर्माता संजीव जायसवाल के अलावा फिल्म निर्माता राजेश्वर पाण्डेय राज ने 4पीएम के संपादक संजय शर्मा के साथ एक लंबी परिचर्चा की, जिसमें बहुत से चीजें सामने निकलकर आई।
परिचर्चा में उद्भव ओझा ने कहा संगीत तो हर प्लेटफार्म पर सक्सेस है। ओटीटी के बाद कोई और प्लेटफार्म आ जाए तो भी संगीत को कोई फर्क नहीं पड़ता। संगीत तो सेफ मोड में है। ओटीटी पर थोड़ी चुनौती है पर संगीत ओटीटी पर भी दर्शक पसंद कर रहे हैं। संजीव जायसवाल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सिनेमा अपने आप में एक चैलेंज होता है। वेबसीरीज के आने के बाद कहानियां बदल गई है। समय के हिसाब से बदलना भी जरूरी है। बीते दो सालों में ओटीटी पर चलन थोड़ा बढ़ा है, जिसकी मांग भी अभी है। ओटीटी के बाद हम लोग भी खुद को बदल रहे हैं तभी इस फील्ड में सितारे अपनी जमीं बरकरार रख पाएंगे। परिचर्चा में पूनम झावर ने कहा पहले के गाने अगर हम सुने तो उसमें तसल्ली मिलती थी। आज भी हम पुराने गानों को सुनना पसंद करते हैं। मगर आज चलन बदल गया है। पोर्न का जो भारत में आगमन हो गया है। उससे यही लगता है कि सेक्स परोसे, वहीं मार्केट में बिकेगा। ओटीटी, नेटफिलक्स इसका ताजा उदाहरण है। ओटीटी प्लेटफार्म पर गंदगी को समेटना जरूरी है। सरकार को इसे कंटोल करना चाहिए । पहले हम सब घर में फैमिली के साथ मूवी आराम से देखते थे मगर अब ऐसा नहीं है। घर में भी फिल्म देखने को लेकर भेदभाव हो गया है। कोरोना काल में डेढ़ साल में ओटीटी पर फिल्म देखना लोगों का फैशन हो गया है। ऐसे में आने वाले समय में थियेटर व सिनेमा को इसका नुकसान भी उठाना पड़ेगा। पूनम झावर ने कहा कि जब घर में नई बहु आती है तो सबको पसंद आती है। यही ओटीटी है, जिस पर फिल्मों को परोसने का तरीका गलत है।
ओटीटी के आने से मेकिंग का दायरा बढ़ा
राजेश्वर पाण्डेय राज ने कहा कि आज के समय में दर्शक बंट गए हैं जबकि पहले तैयारी करते थे कि फिल्म देखने जाना है। उस पर कई लोगों से चर्चा करते थे। मगर अब ओटीटी पर फिल्म देखने के बाद दर्शक चर्चा करते हैं कि कंटेंट सही है, अश्लील है, मजा है फिल्म में, इसे देखा जाना चाहिए। पाण्डेय ने कहा ओटीटी के आने से मेकिंग का दायरा बढ़ा है। प्रस्तुति का दायरा बढ़ा है। ओटीटी पर हर तरह के लोगों का एक दर्शक है। हर कंटेंट है। ओटीटी पर जो परोसा जा रहा है दर्शकों को पसंद आ रहा है। इसी वजह से चलन बढ़ा है। ओटीटी पर अगर एक 13 साल का बच्चा देवर-भाभी टाइप की फिल्म देखता है तो उसकी मानसिकता पर क्या असर पड़ेगा। ज्यादा इस बारे में चर्चा नहीं करूंगा, पर क्या जो बच्चों का वर्ग है वो ओटीटी पर बहक नहीं सकता। राजेश्वर पाण्डेय ने कहा नैतिकता की बात करें तो हम लोग देखते हैं अंदर से सब देखते हैं पर बाहर से नैतिकता का बोर्ड लगा रखे हैं वहीं लोग। वीडियोज नाऊ, जीफाइव, उल्लू इसका उदाहरण है। अल्ट बालाजी के विषय पर आप खुद आंकलन कर सकते हैं कि नैतिकता कहां सही है कहां गलत। राजेश्वर ने कहा ओटीटी पर परोसे जा रहे कंटेंट पर सरकार को निगरानी करनी चाहिए।


बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल को लेकर केंद्र को नोटिस
  • एक दिन में रिकॉर्ड 4525 संक्रमितों की मौत, 2.67 लाख नए केस मिले
4पीएम न्यूज नेटवर्क. नई दिल्ली। कोरोना का प्रकोप जारी है। देश में जहां एक ओर नए मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर मौतों के आंकड़े से दहशत का माहौल है। देश में आज 2.67 लाख नए कोरोना मरीज मिले हैं। वहीं बीते 24 घंटे में 4,525 की जान जा चुकी है। यह एक दिन में जान गंवाने वालों का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने बच्चों पर हो रहे वैक्सीन ट्रायल को लेकर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में लगातार तीसरे दिन तीन लाख से कम कोरोना के नए मरीज मिले हैं। बीते 24 घंटों में 2,67,334 नए कोरोना मरीज मिले हैं। वहीं पहली बार एक दिन में रिकॉर्ड 4529 लोगों ने कोरोना संक्रमण के चलते दम तोड़ा है। इससे एक दिन पहले 4,329 लोगों की मौत हुई थी। कोरोना से मरने वालों की संख्या 2,83,248 पहुंच गई। पिछले एक हफ्ते से हर रोज कोरोना से 4 हजार से अधिक लोगों की मौत होने का सिलसिला जारी है। वहीं, दिल्ली उच्च न्यायालय ने 'भारत बायोटेकÓ को कोरोना रोधी टीके 'कोवैक्सीनÓ के दो से 18 वर्ष के बच्चों पर परीक्षण के लिए दी गई अनुमति रद्द करने के अनुरोध वाली याचिका पर केन्द्र को अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने केन्द्र, डीसीजीआई और 'भारत बायोटेकÓ को नोटिस जारी 15 जुलाई तक याचिका पर उन्हें उनका रुख स्पष्ट करने को कहा। याचिका संजीव कुमार की ओर से दायर की गई है।

क्षेत्र में गरीब का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं: रोमी

  • विधायक की दखल के बाद रिश्वत के रुपए पीड़िता को वापस किए एसआई ने
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। लखीमपुर के पलिया कलां के विधायक रोमी साहनी ने कहा हमारी विधानसभा में गरीब का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गरीबों की सेवा के लिए हम सदैव तत्पर है। विधायक रोमी साहनी ने बताया कि गांव तिलकपुरवा की रहने वाली एक पीड़िता से पलिया पुलिस ने उसके बेटे को छोड़ने के एवज में 20 हजार की रिश्वत मांगी। पीड़ित महिला ब्याज पर रुपए लेकर बेटे को छुड़ाने थाने पहुंची तो वहां एसआई चुन्नूलाल व सिपाही योगेश कुमार ने उनसे 20 हजार रिश्वत ली और बेटे को छोड़ दिया। इसके बाद यह बात हम तक पहुंची तो हमने तुरंत मामले में एसपी को अवगत करवाया। इसके तुरंत बाद दोनों पुलिसकर्मियों को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही रिश्वत के रुपए भी पीड़ित महिला को लौटाए गए। रोमी ने बताया कि क्षेत्र में अगर कोई भी गरीब को सताता है तो मैं सदैव उसकी मदद करता हूं। विधायक ने बताया कि कोरोना काल में करीब पांच लाख की दवाइयां निशुल्क बांट चुका हूं। साथ ही गांवों में हल्के लक्षण वाले मरीजों को भी निशुल्क दवाइयां उपलब्ध करा रहा हूं।

फायरिंग में नेपाली युवक की मौत, सीमा पर तनाव बढ़ा

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। यूपी के महराजगंज में भारत-नेपाल सीमा के नो-मेंस लैंड के लाइन-एक पोस्ट के समीप आज सुबह करीब नौ बजे भारत के बहुआर बाजार से अपने पिता के लिए दवा लेकर जा रहे एक नेपाली युवक को सशस्त्र पुलिस फोर्स (एपीएफ) के जवानों ने गोली मार दी। गोली लगने से नेपाल के नवलपरासी जिले के कठहवा निवासी अविनाश राजभर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोग घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। गोली चलने से सीमा पर अफरा-तफरी मच गई। सीमा पर तनाव को देखते हुए एसएसबी और निचलौल पुलिस अलर्ट हो गई है।

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