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नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। चैत्र नवरात्र के पहले दिन राजधानी के मंदिरों में भीड़ उमड़ पड़ीं। श्रद्धालु सुबह से ही पूजा-अर्चना में लगे हैं। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बढ़ते संक्रमण के कारण सरकार ने काफी सख्ती की है। ऐसे में मंदिरों में गर्भगृह में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। एक साथ मंदिर में दर्शन के लिए पांच से अधिक लोगों को प्रवेश न देने के प्रतिबंध के बाद भी कई जगह पर भीड़ उमड़ रही है। हालांकि लखनऊ के अधिकतर मंदिरों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन दिखा। मंदिरों में मास्क लगाए लोग दिखे। चौक स्थित बड़ी काली जी मंदिर में भक्त दो गज की दूरी का पालन कर पूजा-अर्चना करते दिखे। पहले दिन श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ शहर के मंदिरों में दर्शन पूजन कर रहे हैं। घंटों से पूरा शहर गुंजायमान है। दूसरी बार चैत्र नवरात्रि पर कोरोना का ग्रहण लग रहा है। बाराबंकी में सपा सरकार में रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने भी नवरात्र पर पूजा-अर्चना की। इसके अलावा कैसरबाग के काली बाड़ी मंदिर में भी माता के दर्शनों के लिए भीड़ उमड़ी। भक्तों ने दूर से ही दर्शन किए।

30 अप्रैल तक पीजीआई की ओपीडी सेवा बंद
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। कोरोना संक्रमण के चलते संजय गांधी पीजीआई ने तत्काल प्रभाव से ओपीडी सेवा बंद कर दिया है। अब केवल ई-ओपीडी सेवा जारी रहेगी। मरीज घर बैठे कंप्यूटर या स्मार्ट फोन के जरिए वीडियो और ऑडियो काल से परामर्श ले सकेंगे। यूपी समेत देशभर के मरीज ई ओपीडी का लाभ ले सकेंगे। विभाग वार लैंडलाइन नंबर जारी किए गए हैं। नए और पुराने मरीजो को बीमारी के मुताबिक उस विभाग के दिए नंबर पर संपर्क करना होगा। यह ओपीडी सोमवार से शानिवार तक चलेगी। सुबह 9:30 बजे दोपहर 2:30 बजे तक होगी। शानिवार की 12:30 तक। मरीज ऑडियो या वीडियो कॉलिंग के जरिए डॉक्टर से सीधे संवाद कर सकेंगे। यदि डॉक्टर को लगता है मरीज को भर्ती कर इलाज करने की जरूरत है तो उस मरीज को बुलाकर भर्ती किया जाएगा। मेडिकल कालेजों और अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों को यदि मरीजों का इलाज करते वक्त कोई दिक्कत आने पर यह डॉक्टर पीजीआई के डॉक्टरों से संपर्क कर राय ले सकते हैं। ई -ओपीडी के फोन नंबर संस्थान की वेबसाइट 222.ह्यद्दश्चद्दद्ब.ड्डष्.द्बठ्ठ पर उपलब्ध है।


18 अप्रैल तक जिला कोर्ट बंद
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। राजधानी लखनऊ में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण ने अब जिला कोर्ट को भी अपने चपेट में ले लिया है। एक एडीजे और तीन न्यायिक कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद जिला कोर्ट को 18 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया गया है। यह जानकारी सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री संजीव पाण्डेय ने दी। उन्होंने बताया कि जिला जज लखनऊ के आदेश पर कोर्ट को सेनेटाइजेशन के लिए बंद किया गया है। अब तक दो दर्जन वकील भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। कोर्ट के बंद होने की वजह से 13, 14, 15, 16, 17 अप्रैल को जमानत अर्जियों की सुनवाई अब 20, 22, 23, 26 और 27 अप्रैल को होगी। बता दें कि इलाहबाद हाईकोर्ट में भी कई न्यायिक कर्मचारी और वकील भी संक्रमित पाए गए हैं। उधर मथुरा जनपद में तकरीबन आधा दर्जन न्यायिक अधिकारी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद जिला न्यायाधीश ने आज जिले के सभी न्यायालय बंद रखने के आदेश दिए हैं। चूंकि अगले दिन बुधवार को अंबेडकर जयंती के चलते अवकाश रहेगा, इसलिए सभी न्यायालय पुन: 15 अप्रैल को ही खुलेंगे।

एलडीए के कंप्यूटरों में अब नहीं हो सकेगा भूखंडों का घोटाला

  • साइबर सिक्योरिटी से होगी फुल प्रूफ व्यवस्था
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। अब एलडीए में किसी का भूखंड किसी के नाम नहीं हो सकेगा। अब नया आवंटन होगा, समायोजन (एक स्थान से दूसरे स्थान पर भूखंड देना) या फिर भूखंडों में नाम परिवर्तन। यह सब साइबर सिक्योरिटी के साथ ऑन रिकार्ड होगा। एक-एक भूखंड की सूचना योजना देख रहे अधिकारी को भेजने के साथ ही सचिव व उपाध्यक्ष को भेजी जाएगी। फिर इसकी जांच होगी कि जो नया आवंटन, समायोजन और नाम परिवर्तन की प्रक्रिया अपनाई गई है यह सही प्रकिया से हुई है या फिर खेल हुआ है। साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में यह कदम उठाया गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण में 56 संपत्तियों का खेल नौ नवंबर 2020 से आज तक नहीं खुला और फिर पांच सौ भूखंडों में नाम परिवर्तन का राज आज तक राज बना हुआ है। सचिव लविप्रा पवन कुमार गंगवार ने बताया कि साइबर सिक्यूरिटी को और सुरक्षित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रोग्रामर एनालिस्ट राघवेंद्र कुमार मिश्रा को यह निर्देश सचिव ने जारी किए हैं। नया भूखंड आवंटन करते समय पंजीकरण संख्या, आवंटी का नाम, आवंटन तिथि, आपरेटर का नाम, कंप्यूटर पर दर्ज की गई तिथि का उल्लेख करना होगा। समायोजन/परिवर्तन की सूचना में पांच चीजों का जिक्र किया गया है, इनमें पंजीकृत आवंटी का नाम, पुराने आवंटन का विवरण, समायोजित आवंटन का विवरण, आपरेटर का नाम और दर्ज तिथि होगी। इसके अलावा आवंटन के नाम में परिवर्तन की सूचना के समय भी पंजीकरण संख्या, पुराना दर्ज नाम, नया दर्ज नाम, आपरेटर का नाम और दर्ज तिथि का उल्लेख करना होगा। उन्होंने बताया कि पत्रावलियों का निरंतर सत्यापन होता रहे और एक पारदर्शी व्यवस्था लागू रहे, इसके लिए योजनावार सूचनाएं मासिक रूप से संबंधित प्रभारी अधिकारी संपत्ति श्रेणी दो को उपलब्ध कराया जाएगा।

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