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केजीएमयू ने किया कोरोना टेस्टिंग किट खरीद में घोटाला

केजीएमयू ने किया कोरोना टेस्टिंग किट खरीद में घोटाला

  • एक्टिविस्ट डॉॅ. नूतन ठाकुर बोलीं- भ्रष्टïाचार की जांच हो
  • केजीएमयू वीटीएम किट 35.40 रुपए की दर से खरीद रहा है और उसी किट को यूपी मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन मात्र 7.25 रुपए में खरीद रहा
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। एक्टिविस्ट डॉॅ. नूतन ठाकुर ने राजधानी लखनऊ में केजीएमयू द्वारा कोरोना टेस्टिंग किट की खरीद में भारी भ्रष्टाचार के आरोप की जांच की मांग की है। नूतन ठाकुर ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत की है कि कोरोना टेस्टिंग किट में केजीएमयू तीन से चार गुना महंगे दर पर किट खरीद रहा है। इस पूरे मामले में अनियमितता व गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य को भेजी अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि उन्हें प्राप्त अभिलेखों के अनुसार केजीएमयू वीटीएम किट 35.40 रुपए की दर से खरीद रहा है और उसी किट को यूपी मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन मात्र 7.25 रुपए में खरीद रहा है। केजीएमयू इस किट को जिस एवेंटर परफॉर्मेंस मैटीरियल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से 35.40 रुपए में खरीद रहा है। वही कंपनी बिहार राज्य को ये किट 19.40 रुपए में सप्लाई कर रहा है। इसके विपरीत यूपी मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन ने 7.25 रुपए की दर से 21 लाख किट का 1,52,25,000 रुपए भुगतान किया। झारखंड ने यह किट 22.40 रुपए में तथा गुजरात ने यह किट 13.44 पैसे की दर से खरीदा। इसी तरह केजीएमयू आरएनए एक्सट्रैक्शन किट मेसर्स जीनियस बायो सिस्टम पूणे से 65.03 रुपए में खरीद रहा है जबकि गुजरात यह किट 13.95 रुपए तथा उड़ीसा 14 रुपए में खरीद रहा है। केजीएमयू आरटीपीसीआर किट मेसर्स इवोल्यूशन प्रा. लिमिटेड से 50.40 रुपए में खरीद रहा है जबकि गुजरात यह किट 23 रुपए, झारखण्ड 28 रुपए तथा असम 30.88 रुपए में खरीद रहा है। नूतन ने कहा कि ये तथ्य प्रथमद्रष्टया अत्यंत ही गंभीर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हैं। अत: उन्होंने इसकी गहन जांच तथा जांच में प्राप्त तथ्यों के क्रम में एफआईआर तथा अन्वेषण की मांग की है।


ऋतु सुहास अब संभालेंगी गाजियाबाद में एडीएम का पद
  • कोरोना काल में लखनऊ में हजारों मरीज के परिवारों की मदद का मिला ईनाम
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। राजधानी में कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की सहप्रभारी ऋ तु सुहास के कामकाज से सरकार खुश है। इसी वजह से ऋ तु सुहास का गाजियाबाद में एडीएम के पद पर प्रमोशन कर दिया गया है। लखनऊ में माफिया और विधायक मुख्तार अंसारी के साम्राज्य को धूल में मिला देने वाली पीसीएस अधिकारी ऋ तु सुहास का गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के तौर पर आज तबादला हो गया है। ऋ तु सुहास ने कोरोना काल में कोविड कमांड सेंटर की जिम्मेदारी संभालते हुए हजारों मरीजों के परिवारों की बहुत मदद की थी। बता दें कि ऋ तु सुहास ने मुख्तार अंसारी के जियामऊ में दो अवैध निर्माण, कैसरबाग में ड्रैगन मॉल, रानी सल्तनत में अवैध निर्माण को ध्वस्त करवाया था और हर मामले में एलडीए को कोर्ट में किसी तरह के सवालिया निशान का सामना नहीं करना पड़ा था। मगर पिछले कुछ समय से उनको अपेक्षाकृत कम महत्व के काम दिए जाते रहे, जिसके बाद में उनका तबादला एनसीआर के गाजियाबाद में बहुत ही अहम पद पर कर दिया गया है। गौरतलब है कि जिला अधिकारी अभिषेक प्रकाश ने एकीकृत कोविड 19 कंट्रोल कमांड सेंटर पर सक्रियता के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण की संयुक्त सचिव ऋ तु सुहास को सह प्रभारी बनाया था।

तंबाकू से ब्लैक फंगस का खतरा: डॉ. हिमांगी

  • तंबाकू से मुंह की खाल और मसूढ़ों में संक्रमण फैलता है
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। तंबाकू खाने से शरीर में निकोटीन की मात्रा अधिक बढ़ती है जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यही नहीं, चूने के कटे मुंह में ब्लैक फंगस आसानी से घर बना लेता है। ऐसे में पान, सुर्ती और पान मसाला खाने वाले लोग ब्लैक फंगस को दावत दे सकते हैं। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर बीबीडी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हिमांगी दूबे कहती हैं कि वैसे तो मुंह में म्युकस की वजह से कोई बैक्टीरिया और फफूंदी जल्दी टिक नहीं पाती। चूने की वजह से म्युकस कम होने के साथ खाल मुलायम हो जाती है जिससे ब्लैक, व्हॉइट फंगस आसानी से जड़ जमा लेता है। ऐसे में पान, पान मसाला और सुर्ती खाने वाले अधिक सतर्क रहें। डॉ. हिमांगी बताती है कि शरीर में संक्रमण का फैलाव तेज होता है। इससे कैंसर का खतरा भी बढ़ता है। रोग की दवा खाने वालों को कोरोना संक्रमण अधिक घातक होता है। तंबाकू से मुंह की खाल और मसूढ़ों में संक्रमण होता है। इससे फंगल संक्रमण जल्दी हो सकता है। वे बताती हैं कि कोरोना का सबसे खराब असर फेफड़ों पर पड़ता है। सिगरेट पीने वालों का सांस तंत्र जल्दी फेल हो जाता है। ऐसे में स्मोकिंग से दूर रहें। कोरोना संक्रमण होने से सिगरेट, बीड़ी पीने वालों की तबियत अचानक बिगड़ सकती है और मौत हो सकती है। उन्होंने आगे बताया कि तंबाकू के सेवन करने से प्री-कैंसर के लक्षण दिखने शुरू हो जाते है। ऐसे में अगर समय पर इलाज लिया जाए और तंबाकू का सेवन बंद करने से इस बीमारी से मुक्ति पाई जा सकती है। वे कहती हैं कि सेकेंड हैंड धुएं से हृदय और फेफड़ों की बीमारी हो सकती है। साइनस कैविटी का कैंसर, स्तन कैंसर, रक्त कैंसर जैसे लिम्फोमा और ल्यूकेमिया हो सकता है।

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