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नए कृषि कानूनों के खिलाफ जम्मू से हरियाणा तक किसानों का चक्काजाम

नए कृषि कानूनों के खिलाफ जम्मू से हरियाणा तक किसानों का चक्काजाम

  • भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात
  • बेंगलुरु में प्रदर्शनकारी किसानों को लिया गया हिरासत में
  • कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का मिला समर्थन
  • दिल्ली मेट्रो के आठ स्टेशन बंद
4पीएम न्यूज नेटवर्क. नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर पिछले दो माह से अधिक समय से किसानों का प्रदर्शन जारी है। आंदोलन को धार देने के लिए किसान संगठनों ने जम्मू से हरियाणा तक चक्का जाम कर दिया है। इसको कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने अपना समर्थन दिया है। हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा है कि वे दिल्ली, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं करेंगे। वहीं, कर्नाटक के बेंगलुरु में येलहंका पुलिस स्टेशन के बाहर आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा कारणों के चलते अब तक 8 मेट्रो स्टेशन से प्रवेश और एग्जिट बंद किया है। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के नाकों पर करीब चालीस हजार सुरक्षा बल तैनात किए हैं। चक्का जाम के तहत प्रदर्शनकारियों ने शाहजहांपुर सीमा (राजस्थान-हरियाणा) के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। फतेहाबाद (हरियाणा) में एनएच-9 जाम कर दिया गया है। डबवाली-दिल्ली नेशनल हाईवे 9 पर दरी बिछाकर किसानों ने जाम लगाया है। यहां सैकड़ों की संख्या में किसानों ने सड़क पर जाम लगाया है। सड़क जाम करके किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार तीनों कृषि कानून वापस ले और जब तक कानून वापसी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जम्मू में किसानों ने जम्मू-पठानकोट हाईवे जाम कर दिया है। पंजाब के करनाल में किसानों ने 12 बजते ही नेशनल हाईवे को जाम कर दिया है। वहीं किसानों के दिल्ली में चक्का जाम न करने के ऐलान के बावजूद पुलिस किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। आईटीओ पर पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात हैं। बॉर्डर पर कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
ड्रोन से हो रही निगरानी
दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर आलोक कुमार ने बताया कि किसी भी गड़बड़ी की स्थिति से बचने के लिए 26 जनवरी से व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि यहां एक शांतिपूर्ण स्थिति रहेगी। हवाई निगरानी के लिए ड्रोन की व्यवस्था की गई है, संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
यूपी में भी किसानों ने किया प्रदर्शन
राजधानी लखनऊ के देवा रोड पर भारतीय किसान यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद किसान नेताओं ने पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
अन्नदाता का शांतिपूर्ण सत्याग्रह देशहित में है। ये तीन कानून सिर्फ किसान-मजदूर के लिए ही नहीं, जनता व देश के लिए भी घातक हैं। पूर्ण समर्थन।
राहुल गांधी, पूर्व अध्यक्ष, कांग्रेस


लागत कम कर कृषि में लानी होगी विविधता : योगी
  • राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया शाक-भाजी और पुष्प प्रदर्शनी का शुभारंभ
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजभवन में प्रादेशिक फल, शाक-भाजी तथा पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय यह प्रदर्शनी जनता के लिए भी खोली गई है। इस मौके पर सीएम ने कहा कि किसानों की आमदनी को दोगुना करने और लागत का डेढ़ गुना दाम देने के लिए लागत को कम करके उत्पादन को बढ़ाना और कृषि के विविधीकरण की ओर ध्यान देना जरूरी है। राजभवन के लॉन में आज से शुरू इस प्रदर्शनी में जौनपुर की विशाल मूली के साथ प्रदेश के हर जिले के प्रख्यात फलों, सब्जियों और पुष्पों को रखा गया है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने हर स्टॉल का जायजा लिया। आठ फरवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में राज्यभर के नामचीन किसान, कृषि विशेषज्ञ तथा फल उत्पादक भी पहुंच रहे हैं। इस दौरान फल तथा सब्जी के प्रयोग से बनने वाले अचार, सॉस तथा जैम के निर्माण का आसान तरीका भी लोगों को बताया जाएगा।

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