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पंचायत चुनाव के बाद अब कांवड़ यात्रा

पंचायत चुनाव के बाद अब कांवड़ यात्रा

  • लाशों के ढेर पर हुए थे पंचायत चुनाव और अब कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के बीच कांवड़ यात्रा को मंजूरी
  • कोरोना के खतरे को देखते हुए यह यात्रा हो सकती है खतरनाक
  • पंचायत चुनाव बन गया था यूपी में कोरोना के कहर का मुख्य कारण
  • पंचायत चुनाव के दौरान नदियों के किनारे बहती हुई लाशों ने दुनिया भर में छवि खराब कर दी थी सरकार की
  • सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी पर भी नही रूकी कांवड़ यात्रा
  • चुनाव को देखते हुए यात्रा का फायदा लेने की हो रही है कोशिश

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। कोरोना काल में पंचायत चुनाव कराने के कारण प्रदेश में हाहाकारी हालात देखने और दुनिया भर में अपनी किरकिरी कराने के बाद भी यूपी सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा। तीसरी लहर की आशंका और सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी के बावजूद कांवड़ यात्रा को मंजूरी दी गई। महामारी के दौर में यह यात्रा उससे भी खतरनाक साबित हो सकती है जैसा पंचायत चुनाव के बाद हुआ था। पंचायत चुनाव के बाद शहरों से लेकर गांवों तक महामारी फैल गयी थी और लाशों के ढेर लग गए थे। नदियों में बहती लाशों का भयावह मंजर दिखा था। इलाज नहीं मिलने के कारण लोग दम तोड़ते रहे। वहीं तीन दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कोरोना से लोगों की हुई मौतों पर गांधी प्रतिमा के सामने दो मिनट का मौन रखा और सरकार की नाकामियां गिनाईं। विपक्ष का कहना है कि भाजपा सरकार सियासी फायदे के लिए कांवड़ यात्रा कराने की जिद पर अड़ी है। सरकार जनता की जान से खिलवाड़ करने पर आमादा है।


कोरोना की दूसरी लहर में पंचायत चुनाव कराए गए। बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हुए। चुनाव ड्यूटी करने वाले कितने ही शिक्षकों की मौत हुई। लोगों ने अपार पीड़ा, बेबसी का सामना अकेले किया। इस सच्चाई को मोदी जी, योगी जी भूल सकते हैं, जिन्होंने कोरोना का दर्द सहा, वे नहीं भूलेंगे।

प्रियंका गांधी, महासचिव, कांग्रेस

किसी भी नागरिक की स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। यूपी सरकार को राज्य के लोगों के सुरक्षा और स्वास्थ्य की चिंता नहीं है, वह बस आयोजनों को करना जानती है।

अनुराग भदौरिया, प्रवक्ता, सपा

यूपी सरकार का ध्यान कोरोना को नियंत्रित करने पर नहीं बल्कि चुनाव पर है। लिहाजा कांवड़ यात्रा को मंजूरी दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस यात्रा पर चिंता जताई है। भाजपा सरकार अपने निहित स्वार्थ की पूर्ति के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ कर रही है।

रोहित श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष, आप

कांवड़ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट लगातार चेतावनी दे रहा है। उत्तर प्रदेश बड़ा और देश में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य है। ऐसे में कोरोना महामारी का संक्रमण जानलेवा हो सकता है। भाजपा हिंदू कार्ड खेलना चाहती है और उसे लोगों की जान की परवाह नहीं है।

सौगत रॉय, सांसद, टीएमसी

पंचायत चुनाव में सरकार की लापरवाही के कारण हजारों शिक्षकों की जानें गईं। अब तीसरी लहर सिर पर है इसके बावजूद कांवड़ यात्रा पर सरकार ने रोक नहीं लगाई है। यह यात्रा खतरनाक हो सकती है। सरकार को जनता की परवाह नहीं है।

रोहित अग्रवाल, प्रवक्ता, आरएलडी

कांवड़ यात्रा एससी के समक्ष। योगी, मैं इसका समर्थन करता हूं। मोदी, मैं इसका विरोध करता हूं। समझ नहीं आ रहा, दोनों में कौन किससे बड़ा है? माजरा क्या है, मोदी जी फिर से फिरकी तो नहीं ले रहे?

सूर्य प्रताप सिंह, रिटायर आईएएस

स्वास्थ्य और सुरक्षा जरूरी है, जिसके लिए कोविड नियमों के तहत तैयारी की जा रही है लेकिन आस्था भी जरूरी है। जब भी कोई अच्छा आयोजन होता है तो विपक्ष के पेट में दर्द होता है।

राकेश त्रिपाठी, प्रवक्ता, भाजपा

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