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अखिलेश, संजय सिंह के बाद अब प्रियंका गांधी ने 4 पीएम का पेज टैग कर पूछा- कौशल विकास मंत्री का क्या है रिश्ता इस कंपनी से

अखिलेश, संजय सिंह के बाद अब प्रियंका गांधी ने 4 पीएम का पेज टैग कर पूछा- कौशल विकास मंत्री का क्या है रिश्ता इस कंपनी से

  • कांग्रेस महासचिव ने प्रदेश सरकार की भ्रष्टïाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर उठाए सवाल
  • कहा, जिसका पता नहीं वह प्रोडक्ट बेच रहे सरकार के मंत्री, 4पीएम की खबर से सियासी पारा गर्म
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। 4पीएम के प्रदेश के मंत्रियों द्वारा पीएम और सीएम की तस्वीर लगाकर कथित स्वदेशी मोबाइल फोन बेचने की धोखाधड़ी के खुलासे के बाद एक ओर पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है वहीं विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार पर हमला तेज कर दिया है। सपा, आम आदमी पार्टी के बाद अब कांग्रेस ने योगी सरकार को घेरा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने फेसबुक वॉल पर 4पीएम की खबर और पेज को टैग करते हुए सवाल किया है कि प्रदेश के कौशल विकास मंत्री का इस कंपनी से क्या रिश्ता है। यही नहीं कांग्रेस महासचिव ने प्रदेश सरकार की भ्रष्टïाचार के जीरो टॉलरेंस की नीति पर भी सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों के हमलावर होने के बाद से इस मामले पर सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। हैरानी की बात यह है कि इस मामले पर अभी तक मंत्री को छोड़कर न तो शीर्ष नेतृत्व और न ही प्रदेश सरकार की ओर से किसी प्रकार का वक्तव्य आया है।
इन ब्लाक नाम से लॉन्च होने वाले मोबाइल फोन के प्रचार-प्रसार में लगाए गए होर्डिग्स में पीएम और सीएम की फोटो लगाकर किए जा रहे फर्जीवाड़े के 4पीएम के खुलासे से पूरे प्रदेश में सियासी पारा गर्म हो गया है। विपक्ष ने इस मामले में न केवल कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल को बर्खास्त करने की मांग की है बल्कि सरकार पर हमले तेज कर दिए है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने फेसबुक वॉल पर 4पीएम का पेज टैग करते हुए लिखा, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का नारा देकर योगी सरकार के मंत्री ऐसा प्रोडक्ट बेच रहे हैं जो अभी मार्केट में आया ही नहीं है। ऐसे ही इनकी सरकार भी चल रही है। विज्ञापन करोड़ों का हो रहा है असलियत में सब खाली डब्बा है। इसके पहले राज्य सभा सांसद व आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने सरकार को घेरते हुए इसे धृतराष्टï्र की संज्ञा दी थी। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए सरकार पर हमला किया था। यही नहीं सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने पीएमओ और सीएम को पत्र लिखकर इस मामले की जांच सीबीआई व ईडी से कराने और कौशल विकास मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की थी। वहीं सरकार इस पूरे मामले में मौन साधे हुए है।
क्या है मामला
नामजद अभियुक्त इन ब्लाक कंपनी, ललित अग्रवाल तथा अन्य ने प्रधानमंत्री भारत सरकार तथा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के फोटो का दुरुपयोग करते हुए आम जनता में छल कर ओन स्वदेशी तथा ओन इन ब्लाक का नाम दे कर विज्ञापन दिया था, जिसमे देश का स्मार्टफोन आ रहा है लिखा गया था और इसे इस प्रकार प्रकाशित किया गया कि आम जनमानस में यह भ्रम हो जाए कि स्मार्ट फोन स्वदेशी के रूप में भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाया जा रहा है। इसकी होर्डिंग यूपी से लेकर उत्तराखंड के तमाम शहरों में लगाई गई थी। कपिलदेव अग्रवाल भारती एडवरटाइजिंग कंपनी, जो होर्डिंग, बैनर एवं अन्य प्रचार का काम करती है, के कर्ताधर्ता हैं, जिसमें उनके छोटे भाई ललित अग्रवाल सीईओ हैं। इस मामले में ललित अग्रवाल और अन्य के खिलाफ थाना हजरतगंज में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।


पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
  • बेटे अनिल प्रजापति के लखनऊ दफ्तर पर भी पहुंची टीम
  • आय से अधिक मामले और शेल कंपनियों को लेकर की गई कार्रवाई
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के ठिकानों पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने छापेमारी की। लखनऊ, सुल्तानपुर और अमेठी में कार्रवाई जारी है। इनमें गायत्री के घर, बेटे के दफ्तर पर ये छापेमारी हुई। ईडी के करीब आधा दर्जन से अधिक टीमों ने गायत्री प्रजापति के अमेठी स्थित आवास और उनके बेटे अनिल प्रजापति के लखनऊ स्थिति विभूति खंड स्थित दफ्तर में छापा मारा। इसके अलावा प्रजापति के ड्राइवर के घर भी छापेमारी चल रही है। गायत्री प्रजापति के बेटे अनिल प्रजापति को हजरतगंज पुलिस ने बीते 17 दिसंबर को रोवर्स रेस्टोरेंट के पास से गिरफ्तार किया था। अनिल के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार में उनकी कंपनी के पूर्व निदेशक बृजभवन चौबे ने जालसाजी, रंगदारी और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पूर्व मंत्री गायत्री भी आरोपी हैं। ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में गायत्री प्रजापति के विरुद्ध केस दर्ज किया कराया था। वहीं कई शेल कंपनियों को लेकर अनिल से ईडी ने पूछताछ की थी। ईडी को करोड़ों के ट्रांजेक्शन के सबूत मिले थे।

विधायक से करा दिया भूमि पूजन तो भड़के डिप्टी सीएम

  • अधिशासी अभियंता को मुख्यालय से किया अटैच
  • जानकारी न देने पर हुए नाराज, सत्य कुमार सिंह को सौंपी जिम्मेदारी
  • चर्चा गर्म, क्षेत्र में विकास कार्यों के जरिए परिवार के एक सदस्य के लिए तैयार कर रहे हैं सियासी जमीन
मनीष पांडेय. लखनऊ। जौनपुर में सरकारी धन से होने वाले निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम में बुलाए न जाने से नाराज भाजपा विधायक की गतिविधि का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का मामला अभी थमा नहीं कि ऐसा ही एक और मामला सामने आ गया। यह मामला सीधे प्रदेश के डिप्टी सीएम से जुड़ा है। बिना मंत्री को बताए विधायक से निर्माणाधीन सड़क का भूमिपूजन कराए जाने से नाराज डिप्टी सीएम ने अधिशासी अभियंता को मुख्यालय से अटैच कर दिया। सियासी गलियारों में डिप्टी सीएम के इस कार्रवाई की खूब चर्चा हो रही है।
मामला कौशाम्बी का है। यह प्रदेश के उप मुख्यमंत्री का गृह जनपद भी है। सूत्रों का कहना है कि इस जनपद की एक सीट से डिप्टी सीएम अपने परिवार के एक सदस्य को चुनाव लड़ाने के लिए चुनावी जमीन तैयार कर रहे हैं जिसको लेकर हर स्तर से तैयारी हो रही है। यहां की चायल विधानसभा में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता द्वारा एक सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण करवाया जाना था। इस मामले में स्थानीय विधायक संजय गुप्ता का काफी दबाब था कि जल्द से इस सड़क का काम शुरू हो और सड़क के किनारे उनके नाम का पत्थर लग जाय। विधायक के दबाव में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने बिना डिप्टी सीएम को बताए विधायक से सड़क का भूमि पूजन करवा दिया गया। जैसे ही इसकी सूचना डिप्टी सीएम तक पहुंची वे आगबबूला हो गए और कौशाम्बी के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता वेदनारायन को मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया। विभाग के अधिकारियों में इस बात की भी चर्चा है कि पिछले लोकसभा चुनाव में भी डिप्टी सीएम की ओर से फूलपुर की लोकसभा सीट के लिए अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए दावेदारी ठोकी थी । लोक निर्माण विभाग की ओर से फूलपुर लोकसभा में सड़क निर्माण पर पैसा पानी की तरह बहाया गया था। कई सड़कों पर तो सीआरएस फंड से भी पैसा लाकर लगाया गया था पर शीर्ष नेतृत्व की तरफ से रजामंदी न मिल पाने की वजह से डिप्टी सीएम के अरमान पूरे नहीं हुए। अब फिर चर्चा गर्म है कि वे आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए एक बार फिर अपने किसी परिवार के सदस्य के लिए सियासी जमीन तैयार कर रहे हैं और क्षेत्र में होने वाले एक महत्वपूर्ण विकास कार्य से उनको बिना अवगत कराएं भूमि पूजन करवाकर अधिशाषी अभियंता ने बड़ा गुनाह कर दिया है। लिहाज अब अधिशासी अभियंता वेद नारायण को प्रांतीय खंड कौशाम्बी से हटाकर जनपद के एक दूसरे डिवीजन के अधिशासी अभियंता सत्य कुमार सिंह को लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड का अतिरिक्त कार्य भार सौंप दिया गया है।

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