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महामारी पर अंतिम प्रहार, कोरोना योद्धाओं को पहली डोज

महामारी पर अंतिम प्रहार, कोरोना योद्धाओं को पहली डोज

  • पीएम मोदी ने सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का किया शुभारंभ
  • पहले चरण में तीन करोड़ लोगों को दी जाएगी वैक्सीन
  • कोविशील्ड और कोवैक्सीन के इस्तेमाल को मिली है मंजूरी
  • राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के तमाम जिलों में वैक्सीनेशन शुरू
  • पीएम ने अफवाहों से बचने की दी नसीहत, सतर्कता बरतने की अपील
4पीएम न्यूज नेटवर्क. नई दिल्ली। देश में कोरोना महामारी पर आज अंतिम प्रहार किया गया। भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया। टीकाकरण के पहले चरण में कोरोना योद्धाओं को वैक्सीन की पहली डोज दी गई। यूपी की राजधानी लखनऊ समेत तमाम जिलों में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू की गई। लखनऊ में खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीकाकरण अभियान का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस दिन का पूरे देश को बेसब्री से इंतजार था। सभी की जुबान पर ये सवाल था कि कोरोना वैक्सीन कब आएगी? अब वैक्सीन आ गयी है, बहुत कम समय में आ गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर ने कहा था मानव जब जोर लगाता है तो पत्थर पानी बन जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की वैक्सीन ऐसी तकनीक पर बनाई गई है, जो भारत में ट्राइड और टेस्टेड है। ये वैक्सीन स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक भारतीय स्थितियों और परिस्थितियों के अनुकूल है। यह भारत को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत दिलाएगी। हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ जब दोनों मेड इन इंडिया वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर आश्वस्त हुए, तभी इसके इमरजेंसी उपयोग की अनुमति दी। लिहाजा देशवासियों को किसी भी तरह के प्रोपेगेंडा, अफवाह और दुष्प्रचार से बचकर रहना है। दूसरी डोज के दो हफ्ते बाद ही शरीर में कोरोना के विरुद्ध जरूरी इम्युनिटी विकसित हो पाएगी। पहली खुराक के बाद मास्क उतारने की गलती न करें और शारीरिक दूरी बनाए रखें क्योंकि दूसरी खुराक के बाद इम्युनिटी विकसित होती है। गौरतलब है कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है।
भावुक हो गए पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महामारी के मुश्किल दौर को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इस बीमारी ने लोगों को उनके परिवारों से दूर रखा। माताएं बच्चों के लिए रो रही थीं, लेकिन वो अपने बच्चों के पास नहीं जा सकती थीं। लोग अस्पताल में भर्ती अपने घर के बुजुर्गों से मिल नहीं सकते थे। कोरोना के कारण हमारे कई साथी हमसे दूर चले गए, ऐसे लोगों का हम अंतिम संस्कार भी नहीं कर सके।
कोविन से रखी जाएगी निगरानी
कोविन (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस वर्क) एप्लिकेशन से पूरे टीकाकरण प्रक्रिया की निगरानी होगी। कोरोना महामारी और वैक्सीनेशन से जुड़ी जानकारी के लिए सरकार ने 24&7 कॉल सेंटर बनाया है। 1075 पर कॉल करके आप कोई भी जानकारी ले सकते हैं।
एम्स और पीजीआई के डायरेक्टर ने लगवाई वैक्सीन
कोरोना वैक्सीन को लेकर सभी आशंकाओं, अफवाहों और भ्रम को दूर करने के लिए दिल्ली स्थित एम्स के डॉयरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर आरके धीमान ने खुद कोरोना वैक्सीन की डोज ली है। सबसे पहले दिल्ली एम्स के एक सैनिटेशन कर्मचारी को कोरोना का पहला टीका लगाया गया।
राजधानी के 12 अस्पतालों में टीकाकरण
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के केजीएमयू के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री के कनिष्ठ सहायक अमर बहादुर को पहला कोरोना टीका लगाया गया । लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीकाकरण अभियान का निरीक्षण भी किया। यहां पर चिकित्साकर्मियों को पहली डोज दी गई। पहले दिन शहर के 12 अस्पताल की वैक्सीनेशन साइट पर टीकाकरण शुरू हुआ। इन अस्पतालों में नौ से पांच बजे तक 1200 हेल्थ वर्कर को टीका लगाने का लक्ष्य है। प्रत्येक सेंटर पर 100 हेल्थ वर्कर को वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीन हाथ में लगाई गई। यह इंट्रामस्कुलर वैक्सीन है। जिसकी .5 एमएल डोज प्रत्येक लाभार्थी का दी जा रही है। ऐसे में एक वायल से दस लोगों को डोज लग रही है। केजीएमयू, पीजीआई, लोहिया संस्थान,बलरामपुर अस्पताल, वीरांगना अवंतीबाई अस्पताल में वैक्सीनेशन शुरू किया गया। चिनहट व माल सीएचसी पर भी टीका लगाया जा रहा है। इसके अलावा निजी अस्पताल में एरा, सहारा व मेदांता व टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज में पहले दिन वैक्सीन के लिए चुना गया। इसके अलावा गोंडा, अयोध्या, रायबरेली, सुलतानपुर, बलरामपुर, बहराइच आदि जिलों में वैक्सीनेशन शुरू की गई।
अब सिर्फ दो फीसदी सक्रिय मामले
नई दिल्ली। भारत में अब कोरोना के सिर्फ दो फीसदी सक्रिय मामले बचे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में बीते 24 घंटों में कोरोना के 15,158 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान देश में कोरोना से 175 लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना के अब तक कुल 1 करोड़ 5 लाख 42 हजार 841 मामले सामने आए हैं। इसमें से 1 करोड़ 1 लाख 79 हजार 715 लोग ठीक भी हो चुके हैं। देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की बात करें तो अब सिर्फ 2 लाख 11 हजार 33 सक्रिय मामले देश में बचे हुए हैं। देश में कोरोना से मौतों का आंकड़ा 1 लाख 52 हजार 93 तक पहुंच गया है। एक्टिव दर 2 फीसद हो गई है।


विधान परिषद चुनाव से पहले अखिलेश ने दिया बसपा को बड़ा झटका
  • मेरठ की मेयर सुनीता वर्मा पूर्व मंत्री पति के साथ सपा में शामिल
  • पश्चिमी यूपी में दलित बिरादरी में बड़ी पैठ रखते हैं योगेश वर्मा
4पीएम न्यूज नेटवर्क. नई दिल्ली। विधान परिषद चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने बसपा को बड़ा झटका दिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बसपा के बड़े नेता में शुमार योगेश वर्मा के साथ उनकी पत्नी तथा अन्य कई नेता आज समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा अभी मेरठ की मेयर हैं। बसपा सरकार में मंत्री रहे योगेश वर्मा के साथ बरेली से बसपा के पूर्व विधायक विजयपाल तथा मेरठ की महापौर सुनीता वर्मा ने आज समाजवादी पार्टी कार्यालय में सपा के मुखिया अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण की। योगेश वर्मा मेरठ से बसपा से लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके है। योगेश वर्मा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलित बिरादरी में बड़ी पैठ रखने वाला नेता माना जाता है। इनके साथ ही पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा तथा पूर्व विधायक विजय यादव ने भी समाजवादी पार्टी में अपनी वापसी की है। समाजवादी पार्टी के कार्यालय में आज बड़े दिग्गज एकत्र थे। करीब 400 समर्थकों के साथ सुनीता वर्मा व योगेश वर्मा ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। इनमें मेरठ के सात पार्षद भी हैं। गोरखपुर के आरएसएस के प्रचारक रहे विनीत शुक्ला भी अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं।
जारी रहेगा कृषि कानूनों का विरोध: सपा प्रमुख
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी में लगातार बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। आज की संख्या तो ऐतिहासिक है। आज इतनी बड़ी संख्या में दिग्गजों के शामिल होने से हम सभी समाजवादियों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा से बड़ी कोई जातिवादी पार्टी नहीं है। सपा कृषि कानूनों का विरोध जारी रखेगी।

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