Top

अपने बच्चों को भूखा नहीं देख सकता रमेश इसलिए उसे भीड़ में कोरोना का खौफ नहीं

अपने बच्चों को भूखा नहीं देख सकता रमेश इसलिए उसे भीड़ में कोरोना का खौफ नहीं

  • गरीब बोले- दो गज की दूरी से ज्यादा रोटी है जरूरी
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। राजधानी में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए नाइट कर्फ्यू लगा है। दिन में भी सरकार व पुलिस की पाबंदियां हैं। रात में जहां अति आवश्यक कामों को छोड़कर किसी चीज के लिए घर से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है तो दिन में पांच से दस लोग एक साथ खड़े होने या भीड़ लगाने पर पाबंदी है। वहीं दूसरी ओर रोज कमाने खाने वालों के लिए घर पर बैठना कोई विकल्प नहीं है। वे रोजी-रोटी की तलाश में अपने घरों से सुबह ही निकल पड़ते है, उन्हें कोरोना से ज्यादा खतरा पेट की भूख का है। 4पीएम संवाददाता दिव्यभान श्रीवास्तव ने फोटो जनर्लिस्ट सुमित कुमार के साथ कोरोना संकट की इस घड़ी में ऐसी जिंदगियों में झांकने की कोशिश की है कि गरीबों के लिए कोरोना क्या है। लखनऊ के शहीद पथ स्थित अहमामऊ चौराहे पर जब 4पीएम ने मजूदरों से पूछा कि भीड़ क्यों लगाए हो, कोरोना संक्रमण का डर नहीं लगता तो सुनील सिंह, बट्ïटन सिंह व रमेश सहित कई श्रमिकों ने कहा हम लोग रोजाना दो से तीन सौ रुपए कमाते हैं, जिससे घर का खर्च चलता है। रमेश बोले कि मुझे पांच लोगों का पेट भरना होता है। मुझे कोरोना वायरस के खतरे का पता है लेकिन मैं अपने बच्चों को भूखा नहीं देख सकता। कोरोना से ज्यादा समस्या पेट की भूख है। हर मजदूरों के जवाब में उनके चेहरों पर अजीब सी प्रतिक्रियाएं थीं कि मास्क लगाने व दो गज की दूरी का पालन करने से पहले परिवार का पेट पालना है। बता दें कि लखनऊ में अप्रैल के दस दिनों में पंद्रह हजार कोरोना रोगी मिल चुके हैं। करीब 60 लोगों की मौत हो चुकी है।


खांसी-बुखार हो तो ड्यूटी पर न आए कोई कर्मचारी: मुख्य सचिव
  • सभी कार्यालयों में फिर से कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करने के दिए निर्देश
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा कि प्रदेश में कोई कर्मचारी यदि खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी या गले में खराश से पीड़ित है तो वह ड्यूटी पर न आए। कार्यालयाध्यक्षों से इसे सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने प्रदेश सरकार के अधीन सभी कार्यालयों में फिर से कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा रोस्टर से कर्मचारियों की ड्यूटी दो-दो सप्ताह के लिए लगाई जाए। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा डेस्क पर हेल्पलाइन से संबंधित पोस्टर लगाया जाए और कर्मचारी को कोविड-19 से संबंधित सामान्य जानकारी दी जाए। आदेश में कहा गया है कि कार्यालयों में आने वालों में कोई लक्षणयुक्त पाया जाए तो पल्स आक्सीमीटर से आक्सीजन सेचुरेशन की जांच की जाए। रीड़िग 94 फीसदी से कम आने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, निकट के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या जिला चिकित्सालय को सूचित किया जाए।
आधे से अधिक कर्मचारी बुलाए तो विभागाध्यक्ष जिम्मेदार
कोरोना के कहर को देखते हुए शासन के निर्देश पर अब शहर के सरकारी और निजी कार्यालयों में पचास प्रतिशत कर्मचारी ही काम पर बुलाए जाएंगे। कर्मचारियों का रोस्टर तैयार होगा, उसके हिसाब से ही कार्यालय बुलाया जाएगा। शासन ने लखनऊ के अलावा अन्य चार शहरों में यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। डीएम अभिषेक प्रकाश का कहना है कि सरकारी और निजी कार्यालयों को तत्काल प्रभाव से पचास प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति कम करने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। जहां पर भी कर्मचारियों की उपस्थित अधिक पाई गई वहां के विभागाध्यक्ष के खिलाफ आपदा एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कहा- मास्क न लगाने वालों का करें चालान

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। राजधानी के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कहा कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पुलिसकर्मी शहर में मास्क न लगाने वालों का चालान करें। उन्होंने कहा डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के आदेशानुसार लखनऊ की पुलिस कोरोना की गाइडलाइन का पालन पूरी मुस्तैदी से सुनिश्चित कराए। डीके ठाकुर ने कहा मास्क न लगाने वालों के चालान भी किए जाएं, लेकिन पुलिस कमिश्नर ने अधीनस्थों को कड़ी चेतावनी भी दी कि चेकिंग के दौरान किसी भी व्यक्ति से कहीं कोई बदसलूकी न हो। उन्होंने कहा कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर पुलिस गश्त करें। साथ ही समुचित पुलिस प्रबंध कर प्रभावी चेकिंग कराएं। पुलिस कमिश्नर ने लोगों को खासकर मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा इसके अलावा पंचायत चुनाव के दृष्टिïगत अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए और गड़बड़ी करने वाले तत्वों की निगरानी की जाए।

अस्थाई जेल में शौचालय साफ न करने पर युवक को दी यातनाएं, दो सस्पेंड

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। उन्नाव में सात अप्रैल को अस्थाई जेल से जमानत पर छूटे एक युवक ने शौचालय साफ न करने पर जेल के दो सिपाहियों पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए थे। युवक के शरीर पर आईं चोट के निशान उसके साथ हुई बेरहमी की दास्तां बयां कर रही थी। मामले में प्रभारी डीएम सरनीत कौर ने संज्ञान लेते हुए एडीएम राकेश सिंह से मामले की जांच कराई। जांच में युवक के साथ मारपीट होने की पुष्टि पर प्रभारी डीएम ने अस्थाई जेल में तैनात हेड जेल वार्डेन रामनरेश भार्गव व जेल वार्डेन पृथ्वीराज के खिलाफ डीजी जेल को रिपोर्ट भेजकर सख्त कार्रवाई की संस्तुति की। दोनों जेल वार्डेन को निलंबित कर दिया गया है। उन्नाव सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हिरन नगर के रहने वाले ज्ञानू शुक्ला के खिलाफ सड़क हादसे मामले में वारंट कोर्ट से जारी हुआ था। मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने ज्ञानू को 2 अप्रैल को हिरासत में लेकर कब्बा खेड़ा में बनाई गई अस्थाई जेल भेज दिया। यहां ज्ञानू से अस्थाई जेल में तैनात जिला कारागार के हेड जेल वार्डेन रामनरेश भार्गव व जेल वार्डेन पृथ्वी राज ने शौचालय साफ करने का दबाव बनाया। इनकार करने पर ज्ञानू को दोनों ने लात घूंसों व बेल्ट से जमकर मारा पीटा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गोंडा में फूड प्वाइजनिंग में बीस लोग बीमार

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। गोंडा के राजेन्द्र नगर में कल रात एक पार्टी में लड्ïडू का सेवन करने से करीब दो दर्जन लोग फूड प्वाइजनिंग के कारण बीमार हो गए हैं। इनमें से 12 जिला अस्पताल में भर्ती है। चिकित्सक इनकी देखरेख में लगे हुए हैं। गोंडा के राजेन्द्र नगर के नौशहरा मुहल्ला निवासी सलीम इदरीशी के बहन को मुंबई में बेटी पैदा हुई थी। इस खुशी में परिवार के लोगों ने चौक की एक दुकान से छह किलो लड्ïडू मंगवा कर आसपास के घरों में बंटवाया। इस लड्ïडू को खाने के कुछ देर बाद लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गई। इसकी जानकारी स्थानीय सभासद रहमान को दी गई। वह बीमार लोगों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां पर गंभीर रूप से बीमार एक दर्जन को भर्ती कराया गया। इसमें सबसे अधिक बच्चे हैं।

Next Story
Share it