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अटल के दुलारे और लखनऊ के लाडले थे लालजी टंडन : सीएम योगी

अटल के दुलारे और लखनऊ के लाडले थे लालजी टंडन : सीएम योगी

  • अब 'लालजी टंडन चौराहाÓ कहलाएगा चौक चौराहा
  • पूर्व राज्यपाल की जयंती पर चौराहे का नामकरण
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री व बिहार एवं मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल स्व. लालजी टंडन की जयंती आज है। इस अवसर पर राजधानी स्थित चौक स्टेडियम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहुउद्देशीय हॉल का लोकार्पण किया। उनकी जयंती पर मुख्यमंत्री योगी ने आज दुबग्गा से चौक चौराहे तक का नाम 'लालजी टंडन मार्गÓ व चौक चौराहे का नाम 'लालजी टंडन चौराहाÓ और चौक स्टेडियम में नवनिर्मित लालजी टंडन बहुउद्देशीय हॉल का लोकार्पण किया है। इस दौरान सीएम ने कहा लालजी टंडन की पावन जयंती पर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कोटि-कोटि नमन करता हूं। सीएम योगी ने कहा उनके पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी से बहुत करीबी संबंध थे। लालजी टंडन अटलजी को खुद कहते थे कि वह उनके दोस्त, पिता और भाई सब थे। अटल के दुलारे और लखनऊ के लाडले थे टंडनजी। उन्होंने कहा, मुझे प्रसन्नता है कि आज टंडन जी के नाम पर उनकी कर्मभूमि में चौराहे का नामकरण, खेल विभाग द्वारा बनाए गए बहुउद्देशीय हॉल का नामकरण और एक मार्ग का नामकरण एक साथ संपन्न हो रहा है। स्व. टंडन जी ने अपनी पुस्तक 'अनकहा लखनऊÓ में अपनी लेखनी के माध्यम से लखनऊ के विषय में विस्तारपूर्वक लिखा है। लखनऊ के विषय में टंडन जी स्वयं में एक चलता-फिरता पुस्तकालय थे। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लालजी टंडन को ट्वीट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
कार्यक्रम में ये उपस्थित
लालजी टंडन की जयंती पर चौक स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावा उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री स्वाति सिंह, मेयर संयुक्ता भाटिया सहित कई मंत्री मौजूद रहे।


ध्यान से देखिए ये दो तस्वीरें : आखिर किसकी चिंता सरकार को पंचायत चुनाव की या फिर जनता की
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कोरोना पीक पर है। बीते दस दिनों में ही 20 हजार केस मिल चुके हैं जबकि 120 की जान गई है। बावजूद शहरवासियों की लापरवाही किस कदर है ये आपको इन दो फोटोओ में देखने को मिल जाएगा। एक फोटो गोमतीनगर स्थित सीएमएस स्कूल में पंचायत चुनाव को लेकर लगे कैंप की है, जिसमें भीड़ का आलम यह है कि किसी में भी कोरोना का भय नहीं। वहीं दूसरी फोटो में आप देख सकते हैं कि भैंसाकुंड के श्मशान घाट की सच्चाई क्या है। श्मशान में चिताएं इस तरह जल रही है कि लोगों को वेटिंग टोकन लेना पड़ रहा है। गुलाला घाट, भैसा कुंड और ऐशबाग कब्रिस्तान में हर दिन 80 से 100 के बीच शव बीते 10 दिनों से आ रहे हैं। जिनका कोविड-प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जा रहा है। टोकन नंबर से दाह संस्कार की प्रक्रिया हो रही है। लोग अपनों का चेहरा भी नहीं देख पा रहे हैं। वे दूर रहकर रोते-बिलखते हुए चिता को जलते हुए देखते रहते हैं। सोशल साइट्स पर यूजर्स का कहना है कि आखिर सरकार को पंचायत चुनाव की चिंता है या फिर जनता की। वह इसका आत्ममंथन करें।
4पीएम की अपील
मास्क लगाए, दो गज की दूरी का पालन करें।
भीड़ भाड़ वाली जगह पर जाने से बचे
हाथ धोते रहें। बेवजह घर से न निकलें।
सरकार की गाइडलाइन का पालन करे

सुप्रीमकोर्ट ने खारिज की कुरान की 26 आयतों पर रोक लगाने वाली याचिका

4पीएम न्यूज नेटवर्क. नई दिल्ली। कुरान की 26 आयतों को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बताने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वसीम रिजवी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने इन आयतों में गैर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा और उनकी हत्या को प्रेरित करने वाली बातें लिखी होने की दलील दी थी। अपने दलील में रिजवी ने यह भी कहा था कि इन आयतों को मदरसों में इनकी शिक्षा पर रोक लगाई जाए। रिजवी ने कहा था, धर्म गुरु तो सुन नहीं रहे हैं। इसलिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हमने तो 16 जनवरी को चि_ी लिखी थी लेकिन कोई जवाब नहीं आया जबकि इन 26 आयतों का इस्तेमाल आतंकवादी कर रहे हैं। रिजवी के इस कदम से देशभर के मुस्लिम समाज उन पर भड़क उठा था। प्रदर्शनकारियों ने रिजवी का पोस्टर भी जलाया था। बीजेपी के नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा था कि रिजवी को इस तरह के कृत्य में लिप्त होकर देश का माहौल खराब नहीं करना चाहिए। वसीम रिजवी बताते हैं कि इन 26 आयतों से कट्टरता को बढावा मिलता है। उन्होंने दावा किया था कि ये 26 आयतें कुरान में बाद में जोड़ी गई थीं।

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