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बासमंडी के प्रकाश कॉम्प्लेक्स में शार्ट-सर्किट से लगी आग

बासमंडी के प्रकाश कॉम्प्लेक्स में शार्ट-सर्किट से लगी आग

  • बड़ा हादसा होने से बचा, दंपति सहित बच्चों को सकुशल निकाला गया
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। महाराष्टï्र के भंडारा में जिला अस्पताल में आग लगने से 10 नवजातों की मौत की खबर ने राजधानी लखनऊ को झकझोर दिया है तो वहीं लखनऊ के बासमंडी के मकबूलगंज में आज एक बड़ा हादसा होने से बच गया। नहीं तो यहां भी लापरवाही के चलते दो बच्चों की जान जा सकती थी। प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग कोतवाली आनंद प्रकाश शुक्ला के अनुसार बासमंडी स्थित तीरथ लीला भवन के पास प्रकाश कॉम्प्लेक्स में शार्ट-सर्किट से अचानक आग लग गई। चौथे फ्लोर पर एक गरीब परिवार रहता है, जो अपना जीवनयापन किसी तरह से कर रहा है। आग लगने की भनक जब तक इस परिवार के लोगों तक पहुंचती तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। आग लगने के दौरान जयप्रकाश गुप्ता, पूजा गुप्ता, बच्चे आरती, वंश व लड्ïडू गुप्ता अंदर ही थे। इस बीच लोगों की मदद व सूझबूझ से बच्चों सहित सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने आग लगने की सूचना तुरंत फायर बिग्रेड को दी। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से पीड़ित परिवार का सामान जलकर राख हो गया। स्थानीय लोगों ने सरकार से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
महाराष्टï्र मामले में पीएम मोदी व राहुल गांधी ने जताया दुख
महाराष्टï्र के भंडारा में आधी रात बाद जिला अस्पताल में आग लगने से 10 बच्चों की मौत हो गई है। इन बच्चों की उम्र एक दिन से लेकर 3 महीने तक है। आग से 7 बच्चों को सुरक्षित भी बचा लिया गया है। आग बीमार नवजातों के लिए बने आईसीयू में रात 2 बजे लगी। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जिला अस्पताल में आग लगने की घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के साथ-साथ भंडारा जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात की। उन्होंने जांच का भी आदेश दिया है। आग की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन कहा जा रहा है कि बच्चों के लिए चलने वाले वॉर्मर में शॉट सर्किट के बाद यह आग लगी। हादसे को लेकर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुख जताया है।


सोनिया गांधी को बड़ा झटका : रायबरेली में 35 कांग्रेसियों ने पार्टी से दिया इस्तीफा
  • दूसरे दल से आए लोगों को तरजीह देने पर हुई बगावत
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। लोकसभा चुनाव में गांधी परिवार की लाज बचाने वाले सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली कांग्रेस में बड़ी बगावत सामनें आई है। कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव व पूर्व जिला प्रभारी व मौजूदा पीसीसी सदस्य शिव कुमार पाण्डेय समेत 35 पदाधिकारियों ने सोनिया गांधी को इस्तीफा भेजा है। इन सभी ने पार्टी की नई कार्यकारिणी से असंतुष्ट होने के साथ-साथ कई कार्यकर्ताओं के किनारे किए जाने पर आपत्ति जताई है। अटल जयंती पर अमेठी आई केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा था कि 2024 में रायबरेली में भी बीजेपी का कमल खिलेगा। उसके ठीक 13वें दिन कांग्रेस में इस तरह की बगावत ने राजनैतिक सरगर्मियां बढ़ा दी है। पीसीसी सदस्य शिव कुमार पाण्डेय ने बताया कि पार्टी को कमजोर करने के लिए जिलाध्यक्ष व अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी कार्य कर रहे है, जिसमें हाल में ही गठित ब्लाक के नई कार्यकारिणी में पुराने कार्यकर्ताओं को तवज्जो न देकर अन्य पार्टी से आए लोगों पर भरोसा करते हुए उनको ब्लाक के महत्वपूर्ण पद पर बैठाया गया है, जिसमे कई अनुभवहीन हैं, जिससे पार्टी की नींव कमजोर हो रही है। सांसद सोनिया गांधी को पत्र लिखकर मामले की जांच करवाने की बात कही गई है।

100 वोट के लिए 2 लाख रुपए मांगे जाने वाले मामले में आयोग सख्त

  • चुनाव आयोग ने लिया मामले में संज्ञान, नूतन ठाकुर की शिकायत पर मांगी जानकारी
4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग ने एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में खेरागढ़ विधान सभा सीट आगरा में अनुचित संसाधनों के प्रयोग के संबंध में की गयी शिकायत का संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले में अग्रिम कार्यवाही किए जाने के लिए शिकायत से संबंधित विधान सभा क्षेत्र तथा जिले की जानकारी मांगी है। नूतन ने कल चुनाव में अनुचित साधन व पैसे के उपयोग संबंधित दो मिनट की एक ऑडियो बातचीत की जांच की मांग की थी। इस ऑडियो में बातचीत करने वाले व्यक्ति को निर्वाचन को गलत ढंग से प्रभावित करने हेतु किसी बाबूजी नाम के व्यक्ति द्वारा 16 लाख रुपए दिए जाने, उस व्यक्ति से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा 100 वोट के लिए 2 लाख रुपए मांगे जाने, पैसे देकर वोट लेने जैसी बातें खुलेआम हो रही हैं। नूतन ने कहा था कि उन्हें दी गयी जानकारी के अनुसार बातचीत करने वाले प्रमुख व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन रिछोवा सेक्टर संयोजक रुपेश कुमार हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में स्थानीय स्तर पर बाबूजी कहे जाने वाले व्यक्ति का नाम भी बताया। नूतन ने इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग से इसकी जांच कर आवश्यक विधिक कार्यवाही किए जाने की मांग की थी।

ऑनलाइन भरी जाएगी प्राइमरी शिक्षकों की गोपनीय आख्या

4पीएम न्यूज नेटवर्क. लखनऊ। सरकारी प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या इस वर्ष ऑनलाइन लिखी जाएगी। मानव संपदा पोर्टल पर 15 अप्रैल तक प्रधानाध्यापक-अध्यापक स्वमूल्यांकन करेंगे। खण्ड शिक्षा अधिकारी इसका मूल्यांकन 15 मई तक करके दाखिल करेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी इन वार्षिक आख्या को 31 मई तक अंतिम रूप से सबमिट करेंगे। पहली बार बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की वार्षिक आख्या (सीआर) कॉर्पोरेट की तर्ज पर लिखी जाएगी। पहले शिक्षक खुद अपना मूल्यांकन करेंगे और इसके बार दो स्तर पर उनके उच्चाधिकारी उस पर अंक देंगे। इसके लिए मानक पिछले वर्ष ही तय कर दिए गए थे। इस वर्ष विद्यार्थियों की उपिस्थित, खुद प्रधानाध्यापक या अध्यापक की औसत उपस्थिति वाले बिंदु लागू नहीं होंगे। क्योंकि इस वर्ष कोरोना के कारण स्कूल नहीं खोले गए थे और स्कूलों में टैबलेट अभी तक नहीं पहुंचे हैं इसलिए अध्यापकों की उपस्थिति का बिंदु भी लागू नहीं होगा। समग्र शिक्षा अभियान के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने अंक जारी कर दिए हैं।

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