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टीम इंडिया को रास आते है विदेशी मैदान रच चुकी है इतिहास

टीम इंडिया को रास आते है विदेशी मैदान रच चुकी है इतिहास


नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल की तैयारी शुरू कर दी है। जहां टीम इंडिया के खिलाडिय़ों ने ट्रेनिंग शुरू कर दी है, वहीं न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल 18 से 22 जून तक इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में खेला जाना है। इस टूर्नामेंट का आयोजन पहली बार आईसीसी द्वारा किया जा रहा है। टीम इंडिया के लिए विदेशी मैदान हमेशा लकी रहा है। ऐसे में टीम यहां एक बार फिर कमाल कर सकती है।
आईसीसी द्वारा चार टूर्नामेंट आयोजित किए जाते हैं। एक दिवसीय विश्व कप, टी20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप। यह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का पहला सीजन है। बाकी तीन टूर्नामेंटों की बात करें तो टीम ने पहला खिताब विदेशी धरती पर ही जीता है। इतना ही नहीं इंग्लैंड के मैदान टीम इंडिया के लिए अच्छे साबित हुए हैं। ऐसे में विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया इस प्रदर्शन को यहां दोहराना चाहेगी।
टीम इंडिया ने 1983 में पहली आईसीसी ट्रॉफी जीती थी। कपिल देव की कप्तानी में टीम ने वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में मजबूत मानी जाने वाली विंडीज को मात दी थी। फाइनल मैच इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर खेला गया। टीम फाइनल में केवल 183 रन ही बना सकी थी। लेकिन गेंदबाजों के दम पर टीम ने विंडीज को महज 143 रन पर समेट दिया। टीम इंडिया 2011 वनडे वर्ल्ड कप का खिताब भी अपने नाम कर चुकी है। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी की टीम ने श्रीलंका को हरा दिया।
टीम इंडिया को मजबूत बनाने का श्रेय सौरव गांगुली को ही जाता है। टीम ने कोलंबो में चैंपियंस ट्रॉफी का पहला खिताब जीता। 2002 में दो दिनों तक हुए फाइनल का परिणाम बारिश के कारण नहीं आ सका। ऐसे में दोनों टीमें संयुक्त विजेता बनीं। तब गांगुली टीम के कप्तान थे। टीम ने 2013 में टूर्नामेंट का खिताब भी जीता था। फाइनल में भारत ने इंग्लैंड में मेजबान इंग्लैंड को हराया था। टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे। चैंपियंस ट्रॉफी 1998 में शुरू की गई थी और 2017 में बंद कर दी गई थी। इसे फिर से शुरू कर रहा है। 2025 और 2029 में प्रतियोगिताएं होंगी।
टीम इंडिया ने विदेशी धरती पर टी20 वर्ल्ड कप का पहला खिताब भी अपने नाम कर लिया। 2007 में, टूर्नामेंट का पहला सीजऩ मैच दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। जोहान्सबर्ग में खेले गए फाइनल में टीम इंडिया ने रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 5 रन से हरा दिया। टीम के कप्तान एमएस धोनी थे। हालांकि 2014 में बांग्लादेश में हुए टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में टीम श्रीलंका से हार गई थी।
23 जून को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए रिजर्व डे भी रखा गया है। इसका उपयोग तभी किया जाएगा जब खेल का पूरा ओवर पांच दिनों में पूरा नहीं किया जा सकता है। इसका फैसला मैच रेफरी करेंगे। यदि मैच ड्रॉ या टाई होता है, तो दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया जाएगा। अब तक सिर्फ एक बार 2002 में भारत और श्रीलंका के बीच हुए चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में संयुक्त विजेता रहा था।
विराट कोहली 200 अंतरराष्ट्रीय मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी कर चुके हैं। वह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में जीत के मामले में महेंद्र सिंह धोनी से पीछे हैं। लेकिन कोहली ने बतौर कप्तान अब तक एक भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती है. इसलिए वे इस कमी को दूर करना चाहेंगे। हालांकि इंग्लैंड रवाना होने से पहले कोहली ने कहा कि टीम पिछले 5-6 साल से अच्छा प्रदर्शन कर रही है। फाइनल को लेकर उन पर कोई दबाव नहीं है। वे आनंद लेंगे। कोच रवि शास्त्री भी खुद को साबित करना चाहेंगे।
भारत और न्यूजीलैंड के ओवरऑल क्रिकेट रिकॉर्ड पर नजर डालें तो टीम इंडिया का पलड़ा भारी है। दोनों के बीच तीनों फॉर्मेट को मिलाकर 185 मैच हो चुके हैं। टीम इंडिया ने 82 मैच जीते हैं जबकि न्यूजीलैंड ने 69 मैच जीते हैं। दोनों के बीच 59 टेस्ट हो चुके हैं। भारत ने 21 जबकि न्यूजीलैंड ने 12 टेस्ट जीते हैं। 110 वनडे में टीम इंडिया ने 55 जबकि न्यूजीलैंड ने 49 जीते हैं। दोनों के बीच 16 टी20 मैच हुए हैं। भारत ने 6 जीते हैं जबकि न्यूजीलैंड ने 8 मैच जीते हैं।


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