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टूट गया साइना नेहवाल का सपना

टूट गया साइना नेहवाल का सपना


नई दिल्ली। कोरोना महामारी ने स्वास्थ्य और अर्थजगत के साथ ही खेल जगत को भी प्रभावित किया है। खेलों के कई बड़े आयोजन इस महामारी के चलते रदï्द कर दिए गए हैं। जिससे कई खिलाडियों की सपने टूट गए हैं। जिसमें भारत के कई शीर्ष खिलाड़ी भी शामिल हैं जिनके सपने इस महामारी ने निगल लिए हैं।
भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का आखिरी ओलंपिक खेलने का सपना टूट गया है। साइना नेहवाल इस साल टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकीं। विश्व बैडमिंटन महासंघ ने इस बात की जानकारी दी है। किदांबी श्रीकांत भी टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहे।
विश्व बैडमिंटन महासंघ ने स्पष्ट किया कि योग्यता अवधि के भीतर कोई और टूर्नामेंट नहीं होगा और मौजूदा रैंकिंग सूची में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। विश्व के पूर्व नंबर एक पुरुष खिलाड़ी श्रीकांत और लंदन खेलों (2012 ओलंपिक) की कांस्य पदक विजेता साइना की उम्मीदें उस समय टूट गईं जब सिंगापुर में ओलंपिक क्वालीफायर का आखिरी टूर्नामेंट कोविड-19 महामारी के कारण रद्द कर दिया गया।
बीडब्ल्यूएफ ने कहा कि 2020 ओलंपिक खेलों के क्वालीफाइंग समय के भीतर कोई और टूर्नामेंट नहीं खेला जाएगा। टोक्यो खेलों की क्वालीफाइंग अवधि आधिकारिक तौर पर 15 जून 2021 को समाप्त हो रही है। ऐसे में मौजूदा रेस टू टोक्यो रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं होगा।
मौजूदा स्वास्थ्य संकट को देखते हुए विश्व निकाय ने तीन महत्वपूर्ण आयोजनों को स्थगित कर योग्यता अवधि को करीब दो महीने बढ़ाकर 15 जून कर दिया था। हालांकि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के चलते इंडिया ओपन, मलेशिया ओपन और सिंगापुर ओपन का आयोजन नहीं हो सका, जिससे श्रीकांत और साइना को क्वालीफाई करने का मौका नहीं मिला। भारत के लिए पीवी सिंधु महिला एकल में, बी साई प्रणीत पुरुष एकल में और पुरुष युगल जोड़ी चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी ने क्वालीफाई किया है। फिलहाल कोरोना महामारी के चक्र ने खेल की दुनिया के समीकरण भी बदल दिए हैं।


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