आखिरकार जगी उम्मीद, सिंधिया समर्थकों को मिलेगी हिस्सेदारी

आखिरकार जगी उम्मीद, सिंधिया समर्थकों को मिलेगी हिस्सेदारी


नई दिल्ली। दिल्ली से लौटने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन मंत्री के साथ मैराथन बैठक की है। बैठक के दौरान राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार बता दें कि जल्द ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी पूर्व मंत्रियों को एडजस्ट किया जा सकता है।
एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान शनिवार को दिल्ली गए थे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद शाम को लौट आए थे। रविवार को सीएम शिवराज ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन मंत्री सुहास भगत और सह संगठन मंत्री हितानंद शर्मा के साथ 10 घंटे तक मंथन किया। यह बैठक कोलार डेम के गेस्ट हाउस में हुई। प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों और संगठन में रिक्त पदों को भरने को लेकर 10 घंटे की यह बैठक चली।
सिंधिया के समर्थकों को इस महासंरद्धन से अमृत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, एमपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद से निगमों, आयोगों और प्राधिकरणों में नियुक्तियां नहीं हुई हैं। एक साल से इसको लेकर सरकार और संगठन में तकरार चल रही है। संगठन के लिए सबसे बड़ी चुनौती ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ आए लोगों को एडजस्ट करना है। उपचुनाव में हार के बाद कई मंत्री खाली बैठे हैं।
चर्चाओं के मुताबिक ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबियों को निगम बोर्ड में एडजस्ट करने को लेकर संगठन में कई बार चर्चा भी हो चुकी है। इनमें प्रमुख रूप से इमरती देवी, गिरराज दंडोतिया, मुन्ना गोयल, जसवंत जाटव, रक्षा सिरोनिया और मनोज चौधरी हैं। शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात के बाद चर्चा है कि इन नेताओं के नाम पहली सूची में दिखेंगे। इसके साथ ही भाजपा के कुछ पुराने नेता भी नियुक्तियों के इंतजार में बैठे हैं, उनमें से कुछ को मौका भी मिल सकता है।
जानकारी के मुताबिक पर्यटन निगम, बीडीए, हाउसिंग बोर्ड, ऊर्जा विकास निगम, टेक्स्ट बुक कारपोरेशन सहित कई जगहों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इसके साथ-साथ संगठन का भी विस्तार करना है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अगले सप्ताह से इन पदों पर नियुक्तियां शुरू हो जाएंगी।
गौरतलब है कि राज्य की एक लोकसभा सीट और चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। ऐसी स्थिति में इस बात की संभावना ज्यादा है कि ये नियुक्तियां एक साथ नहीं होंगी क्योंकि इनमें से कुछ लोग टिकट के दावेदार भी हो सकते हैं।








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