जाम व अतिक्रमण से सिसकता शहर और तंत्र...

सवाल यह है कि सडक़ों पर लगने वाले जाम से लोगों को मुक्ति दिलाने में सरकार नाकाम क्यों हो रही है? बाजारों और सडक़ों पर से अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया जा रहा है? क्या पुलिस प्रशासन की लापरवाह कार्यप्रणाली ...

गंदगी पर हाईकोर्ट की सख्ती के मायने...

सवाल यह है कि तमाम दावों के बावजूद शहर में गंदगी का अंबार क्यों लगा रहता है? कूड़े के निस्तारण की समुचित व्यवस्था आज तक क्यों नहीं की जा सकी है? आखिर शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जारी ...

हादसों की रेल और लापरवाह तंत्र...

सवाल यह है कि रेल हादसों का सिलसिला थम क्यों नहीं रहा है? रेलवे यात्रियों की सुरक्षित यात्रा को सुनिश्चित करने में नाकाम क्यों है? क्या ट्रेनों के संचालन को हाईटेक किए बिना हादसों को रोका जा सकता है?...

बेसिक शिक्षा का गिरता स्तर और सरकारी तंत्र...

सवाल यह है कि बेसिक शिक्षा की गिरती स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है? क्या शिक्षकों और अन्य संसाधनों की कमी के कारण ये हालात पैदा हुए हैं...

जड़ें जमाते साइबर अपराधी और पस्त पुलिस...

सवाल यह है कि साइबर अपराधियों पर पुलिस शिकंजा कसने में नाकाम क्यों साबित हो रही है? क्या बढ़ते इंटरनेट के प्रयोग ने साइबर अपराधियों की पहुंच घर तक कर दी है? आखिर साइबर सेल क्या कर रहा है? क्या लोगों ...