हाल ए पवार कॉर्पोरेशन समाधान नहीं सिर्फ दिलासा दे रहे अफसर विधुत उपभोक्ता हलकान

  • ऊर्जा मंत्री के आदेशों का भी नहीं दिख रहा असर, विभाग में शिकायतों का लगा अंबार
  • कहीं जर्जर तार तो कहीं बिजली की आपूर्ति है बाधित, दावों की खुली पोल

 पूर्ति सिंह
लखनऊ। घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए सरका  र ने कई कदम उठाए और इसमें उसे सफलता भी मिली लेकिन इस पूरी व्यवस्था को सरकार के अफसर ही पलीता लगा रहे हैं। आलम यह है कि कई इलाकों में बिजली के जर्जर तार झूल रहे हैं तो कहीं पर बिजली की आपूर्ति बाधित है। शिकायतों के बावजूद अधिकारी समस्या के समाधान करने की जगह उपभोक्ताओं को आश्वासन की घुट्टी पिला रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ऊर्जा मंत्री के आदेशों का भी इन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावों की पोल खुल गई है। उपभोक्ता समस्या के समाधान के लिए विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। वे मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर ऊर्जा मंत्री तक से अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं लेकिन अफसरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। ऊर्जा मंत्री के आदेश के बावजूद हालात सुधरते नहीं दिख रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों से पानी में करंट आने, महीनों से बिजली की आपूर्ति बाधित होने, जर्जर खंभे और ट्रांसफार्मर बदलने से लेकर बिजली के बिल अधिक आने की शिकायतें रोज मिल रही हैं। हकीकत यह है कि विभाग में शिकायत लेकर पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को समस्या के समाधान का आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। वहीं पीडि़तों का कहना है कि आश्वासन मिलने के बाद भी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। खुद ऊर्जा मंत्री के ऑफिसियल ट्वीटर हैंडल में उपभोक्ताओं की तमाम शिकायतें रोज पहुंच रही हैं। इन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अफसरों को आदेशित भी किया जाता है। बावजूद स्थितियों में बदलाव आता नहीं दिख रहा है। यह हाल तब है जब सरकार प्रदेश में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और विद्युत की अबाध आपूर्ति के आदेश दे रखे हैं। जाहिर है जिम्मेदारों पर न तो सरकार के आदेश का असर दिख रहा है न ही वे उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर वे गंभीर हैं। पीडि़तों का कहना है कि अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।

क्या कहना है शिकायतकर्ताओं का

प्र्रशांत चौहान शरीफनगर मुरादाबाद के निवासी हैं। उनका कहना है कि मेरे खेत के ऊपर से 11,000 पावर की बिजली की लाइन जाती है। वह कई बार क्षतिग्रस्त होकर खेत में गिर चुकी है। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका है। मैंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर के साथ स्थानीय जेई से की लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। वहीं राकेश कुमार पांडेय का कहना है कि गांव मासुमपुर के मोहल्ले में तार जर्जर हो चुके हैं। ये घरों की छतों को छू रहे हैं जिस कारण बच्चों को छत पर भेजने से भी डर लगता है। इसकी शिकायत उन्होंने ट्विटर पर की थी। इस पर तुरन्त रिप्लाई भी आया और समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया गया लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ।

राजधानी में भी हाल-बेहाल

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिजली उपभोक्ता परेशान हैं। पुराने लखनऊ के कई इलाकों में बिजली के जर्जर तारों को आज तक नहीं हटाया जा सका है। इसके अलावा कई जगहों पर ट्रांसफार्मर को सडक़ के किनारे लगा दिया गया है। इसके कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं बिजली के बिल में गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रहती हैं। सही रीडिंग के बिना अनाप-शनाप बिल उपभोक्ताओं को भेज दिए जाते हैं। इसके कारण उपभोक्ता परेशान होकर अफसरों के चक्कर काटते रहते हैं।

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