आदेश बेअसर, शहर में धड़ल्ले से हो रहा प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग

  • बाजार में जारी है खरीद-फरोख्त, हाथ पर हाथ धरे बैठे जिम्मेदार
  • नहीं चलाया जा रहा अभियान, थर्माकोल की वस्तुओं की भी हो रही बिक्री

 

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रतिबंध के बावजूद राजधानी में प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। बाजार में इसके उत्पादन से लेकर खरीद-फरोख्त तक की जा रही है। सबकुछ जानते-बूझते जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इसके खिलाफ अभियान भी ठंडे बस्ते में पड़ गया है। थर्माकोल की वस्तुओं की बिक्री भी की जा रही है।
राजधानी के तमाम कूड़ा घरों में हर रोज बड़ी तादाद में पहुंच रही पॉलीथिन का पहुंचना इस बात का संकेत है कि जिन विभागों पर इसके रोकथाम की जिम्मेदारी थी, वह विफल रहे। पॉलीथिन चोरी-छिपे फिर बाजार में आ गई है। उत्तर प्रदेश में 50 माइक्रॉन से कम की पॉलीथिन को भले ही प्रतिबंधित किया जा चुका हो लेकिन इसका प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। पॉलीथिन और इससे निर्मित वस्तुओं को धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां के बाजारों में बड़े पैमाने पर पॉलीथिन की खरीद-फरोख्त की जा रही है। ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब राजधानी का यह हाल है तो प्रदेश के अन्य जनपदों में पॉलीथिन प्रतिबंध कैसे लागू किया जा रहा है। प्रदेश में प्रतिबंधित पॉलीथिन का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। नगर निगम, प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोई कार्रवाई अथवा अभियान न चलने से पॉलीथिन एक बार फिर बाजारों में बिकने लगी है। विक्रेताओं को भी कोई खौफ नहीं रह गया है। हाल यह है कि फैक्ट्रियों में बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन हो रहा है। थर्माकोल और प्लास्टिक के दोने, गिलास पर भी रोक लगाई गई है मगर बाजार में इसका प्रयोग भी हो रहा है। प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ अफसरों के लापरवाहीपूर्ण रवैए से शहरों में गंदगी बढऩे लगी है। हालांकि प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी निकायों के अफसरों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि सफाई व्यवस्था को लेकर जन सामान्य को जागरूक कर उनकी सहभागिता के लिए स्वच्छ भारत मिशन अभियान चलाया जा रहा है। खाली पड़े भूखंडों में बड़ी मात्रा में गंदगी व प्लास्टिक, थर्माकोल के प्रतिबंधित उत्पादों के ढेर देखने को मिल रहे हैं जबकि विशेष अभियान चलाकर सफाई व्यवस्था में दिन प्रतिदिन सुधार होना चाहिए। जिस तरह एक बार फिर पॉलीथिन की बिक्री शुरू हुई है उससे साफ है कि फैक्ट्रियों में बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन हो रहा है। थर्माकोल व प्लास्टिक के दोने, गिलास पर भी रोक लगाई गई मगर बाजार में इसका भी प्रयोग हो रहा है।

अभियान भूला नगर निगम

राजधानी में डिफेंस एक्सपो की तैयारी के बीच लखनऊ नगर निगम प्रतिबंधित पॉलीथीन के खिलाफ अभियान चलाना भूल गया। सख्ती खत्म होते ही बाजारों में इसका प्रयोग शुरू हो गया है। इसको लेकर तय किया गया जुर्माना भी नहीं वसूला जा रहा है।

कूड़ाघरों में पॉलीथिन का अंबार

शहर में पॉलीथिन पर कुछ महीने पहले जिस तरह सख्ती हुई उससे बाजार में पॉलीथिन दिखनी बंद हो गई थी लेकिन एक बार फिर पॉलीथिन बिक्री शुरू हो गई है। इसका प्रमाण पड़ावघरों में पहुंच रही पॉलीथिन के कैरीबैग्स हैं।

https://www.youtube.com/watch?v=KsahAhcMiZM

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