बेकसूर छात्रों पर लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए सरकार : मायावती

  • नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर जताई चिंता

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जामिया मिलिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर चिंता जाहिर की है। मायावती ने कहा है कि अलीगढ़ व जामिया यूनिवर्सिटी में बेकसूर छात्र और आमजन पुलिस का शिकार हुए हैं। यह अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। यूपी सरकार इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवा कर दोषियों को सजा दिलाए।
मायावती ने आज एक के बाद एक तीन ट्वीट कर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और हिंसक झड़पों पर चिंता व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा, ‘नए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में की गई हिंसा में पहले उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ व फिर जामिया यूनिवर्सिटी में तथा पूरे जामिया क्षेत्र में भी जो काफी बेकसूर छात्र व आमलोग शिकार हुए हैं। यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है तथा पार्टी पीडि़तों के साथ है। ऐसे में यूपी व केन्द्र सरकार को चाहिए कि वे इन वारदातों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराये और उनके मूल दोषी किसी भी कीमत पर बचने नहीं चाहिये तथा पुलिस व प्रशासन को भी निष्पक्ष रूप में कार्य करना चाहिए। वरना यह आग पूरे देश में व खासकर शिक्षण संस्थानों में भी काफी बुरी तरह से फैल सकती है। साथ ही, सभी सम्प्रदायों से यह भी अपील है वे शान्ति-व्यवस्था को बनाये रखें।

अखिलेश और प्रियंका ने भी ट्वीट कर सरकार को घेरा

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर सरकार को घेरा है। अखिलेश ने ट्वीट कर कहा कि ‘जिस प्रकार जामिया मिलिया के छात्र-छात्राओं से बर्बरतापूर्ण हिंसा हुई है और विद्यार्थी अभी भी फंसे हुए हैं, ये बेहद निंदनीय है। पूरे देश को हिंसा में फूंक देना ही क्या आज के सत्ताधारियों का असली ‘गुजरात मॉडल’ है।’ उधर प्रियंका ने लिखा कि देश के विश्वविद्यालयों में घुस घुसकर विद्यार्थियों को पीटा जा रहा है। जिस समय सरकार को आगे बढक़र लोगों की बात सुननी चाहिए, उस समय भाजपा सरकार उत्तर पूर्व, उत्तर प्रदेश, दिल्ली में विद्यार्थियों और पत्रकारों पर दमन के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। यह सरकार कायर है।

मुलायम की बहू अपर्णा यादव ने एनआरसी का किया समर्थन

  • कहा, जो भारत का है उसे डरने की जरूरत नहीं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव एक बार फिर से चर्चा में हैं। वे समय-समय पर विभिन्न मुद्दों पर अपनी बेबाक राय प्रस्तुत करती रहती हैं। जो कि पार्टी लाइन से बिल्कुल हटकर होती है। इसी कड़ी में अपर्णा ने केंद्र सरकार के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजनशिप (एनआरसी) का समर्थन किया है।
अपर्णा यादव ने एनआरसी को लेकर हो रहे विरोध पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने फेसबुक और ट्विटर पर लिखा है कि ‘जो भारत का है उसे रजिस्टर में अंकित होने में क्या परेशानी है। वैसे ये पहला मौका नहीं जब अपर्णा यादव ने मोदी सरकार के फैसले का खुला समर्थन किया हो। इससे पहले अपर्णा यादव स्वच्छता अभियान आदि पर भी केंद्र सरकार का समर्थन कर चुकी हैं।

युवा महोत्सव में बनेगा अस्थाई हॉस्पिटल

  • डॉक्टर्स और स्टाफ के तैनाती की रूपरेखा तैयार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में अगले साल होने वाले 23वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इसमें किसी से पीछे नहीं है। इस महोत्सव के लिए जहां सभी अस्पतालों को अलर्ट जारी किया गया है। वहीं आयोजन स्थल पर अस्थाई हॉस्पिटल बनाने की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। जिसमें स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स और स्टॉफ को तैनात किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि युवा महोत्सव इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 12 से 16 जनवरी के बीच होगा। इसी को लेकर आईजीपी और अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय इकाना स्टेडियम के पास अस्थाई हॉस्पिटल बनाने की रूपरेखा तैयार की गई है। इकाना में इमरजेंसी कंट्रोल रूम और एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीम तैनात की जाएगी। वहीं आईजीपी में चार बेड का अस्थाई हॉस्पिटल बनाया जाएगा। जहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स और टीम 24 घंटे तैनात रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मेडिकल हेल्प दी जा सके। वहीं सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि आयोजन को देखते हुए सभी गवर्नमेंट हॉस्पिटल को अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही आसपास के प्राइवेट हॉस्पिटल को भी कुछ बेड रिजर्व रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राष्ट्रपति भवन पहुंची निर्भया कांड के दोषी की दया याचिका

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। निर्भया कांड में दोषी विनय शर्मा की दया याचिका तिहाड़ जेल प्रशासन ने राष्ट्रपति भवन को भेज दी है। तिहाड़ जेल प्रशासन की रिपोर्ट इस मामले में अहम मोड़ साबित हो सकती है। निर्भया केस में चार दोषियों में से एक विनय शर्मा की दया याचिका मामले में राष्ट्रपति कानूनी सलाह मशविरा कर रहे हैं। इसके बाद वे अपना फैसला देंगे। राष्ट्रपति दया याचिका खारिज भी कर सकते हैं। बता दें, आज ही के दिन 16 दिसंबर, 2012 की शाम दक्षिणी दिल्ली के मुनीरका से एक खाली प्राइवेट बस में निर्भया अपने दोस्त के साथ चढ़ी थी। 23 वर्षीय पैरा मेडिकल छात्रा के साथ छह लोगों ने चलती बस में गैंग रेप किया और क्रूरता की सारी हदें पार करने के बाद उसे और उसके दोस्त को सडक़ किनारे फेंक दिया था। पीडि़ता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला। इसके बाद उसे तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सिंगापुर भेजा था। वारदात के तेरहवें दिन पीडि़ता ने दम तोड़ दिया था।

 

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