कानून का भय होगा तभी कम होंगे अपराध : सीएम योगी

  • फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया को सरकार ने किया तेज
  • तमाम मामले पड़े हैं लंबित, बचने नहीं पाएं अपराधी
  • सीएम ने दो दिवसीय कार्यशाला का किया शुभारंभ

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार स्थित पुलिस मुख्यालय के अवनि प्रेक्षागृह में साइबर क्राइम, महिला व बाल अपराधों पर अभियोजकों एवं विवेचकों की दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन के लिए कानून का राज जरूरी है। कानून का राज तभी स्थापित होगा जब अपराधी के मन में कानून का भय होगा। यह भय सजा दिलाने से ही पैदा होगा। हर कानून अपने आप में परिपूर्ण है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि कानून की परिपूर्णता उसको लागू करने वाले लोगों की सामथ्र्य और क्षमता पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि पॉक्सो से संबंधित मामलों में प्रतिबद्धता तय करते हुए समयबद्ध ढंग से इसे आगे बढ़ाएं तो अपराधी को समय से सजा दिला सकते हैं। समय से मिला न्याय ही न्याय कहलाता है। तत्काल घटित घटना पर मिली तत्काल सजा बहुत बड़ा संदेश है। जब तक अपराधी के मन में भय नहीं होगा तब तक वह कानून का सम्मान नहीं सीखेगा। किसी निरपराध व्यक्ति के खिलाफ अनावश्यक रूप से कोई कार्रवाई न होने पाये, लेकिन कोई अपराधी बचने भी न पाए इसलिए विवेचना ढंग से की जाए और फिर अभियोजन द्वारा अपराधी को सजा दिलाई जाए। अपराधी गिरफ्तार हो रहा है चार्जशीट दाखिल हो जा रही है लेकिन मामले लम्बित पड़े हैं। 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।

रेंज स्तर पर स्थापित होंगे साइबर थाने
लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साइबर क्राइम एक चुनौती है और प्रदेश सरकार इस चुनौती के लिए तैयार है। प्रदेश में हर रेंज स्तर पर एक फोरेंसिक लैब और साइबर थाने की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार का अपना फोरेंसिक और पुलिस विश्वविद्यालय भी होगा, जिससे हम अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ कानून का राज स्थापित करने की ओर तेजी से कार्य कर सकेंगे।

राहुल के’रेप इन इंडिया‘वाले बयान पर संसद में हंगामा

  • राजनाथ सिंह और स्मृति ने बोला हमला, माफी की मांग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली। शीत कालीन सत्र के आखिरी दिन राहुल गांधी के रेप इन इंडिया वाले बयान पर संसद में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा की महिला सांसदों समेत कई नेताओं ने राहुल गांधी का जमकर विरोध किया और माफी की मांग की। राहुल गांधी ने गुरुवार को झारखंड के विधान सभा चुनाव में मेक इन इंडिया को लेकर तुकबंदी करते हुए रेप इन इंडिया की बात कही थी।

राहुल के बयान पर विरोध का मोर्चा केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संभाला। स्मृति इरानी ने कहा कि गांधी खानदान के शख्स का बयान शर्मनाक है। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने वाले सदस्य को सांसद बने रहने का अधिकार नहीं है। सारा देश जानता है कि पीएम मोदी मेक इन इंडिया कार्यक्रम पर बल दे रहे हैं ताकि नौजवानों को रोजगार हासिल हो सके लेकिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने इन शब्दों के साथ जो तुकबंदी की है, वह आहत करेने वाली है। राहुल को सारे देश से माफी मांगनी चाहिए। वहीं राज्यसभा में भी कुछ सांसदों ने राहुल गांधी माफी मांगो के नारे लगाए।

नहीं मांगूंगा माफी: राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि मेरे पास एक क्लिप है, जिसमें नरेंद्र मोदी जी दिल्ली को दुष्कर्म की राजधानी कह रहे हैं। नॉर्थ ईस्ट में विरोध प्रदर्शनों से ध्यान हटाने के लिए, भाजपा द्वारा इसे मुद्दा बनाया जा रहा है।

निर्भया केस: पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई टाली

  • निचली अदालत ने कहा, आने दें सुप्रीम कोर्ट का फैसला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप केस के चारों दोषियों को जल्द फांसी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई टल गई है। चारों आरोपियों को आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस केस से जुड़ा एक मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है इसलिए जब तक वहां मामले का निपटारा नहीं होता है, लोअर कोर्ट तब तक सुनवाई नहीं करेगी। सुप्रीम कोर्ट निर्भया गैंगरेप के दोषी अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा। ऐसे में पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई 18 दिसंबर तक टाल दी गई है। पटियाला हाउस कोर्ट में इस दौरान निर्भया के वकील ने कहा कि फांसी की तारीख तय होनी चाहिए। दया याचिका लगाने से डेथ वारेंट जारी होने का कोई लेना देना नहीं है। दया याचिका लगाने के लिए डेथ वारेंट को नहीं रोका जा सकता।

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