पूरे देश में लागू होनी चाहिए एक शिक्षा प्रणाली: सीएम

  • मुख्यमंत्री ने स्कूल समिट का किया शुभारंभ, शिक्षा में समानता पर दिया जोर
  • कहा, शिक्षा को बंधनों में जकडक़र राष्टï्र की प्रगति को नहीं किया जाना चाहिए बाधित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठïान में आयोजित दो दिवसीय स्कूल समिट का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरे देश में एक शिक्षा प्रणाली लागू होनी चाहिए। विभिन्न राज्यों, बोर्डों और संस्थाओं के पाठ्यक्रमों में साम्यता स्थापित करनी होगी। हम समानता की बात करते हैं। संविधान हमें समानता का अधिकार भी देता है, लेकिन शिक्षा में समानता अब तक नहीं मिल पाई है। शिक्षा अलग दायरे में कैद होकर रह गई है। शिक्षा में समानता न होने से नागरिकों में समानता की भावना पैदा करना एक चुनौती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा को बंधनों में जकडक़र समाज और राष्टï्र की प्रगति को बाधित नहीं किया जाना चाहिए। साम्यता का यह कार्य केवल सरकार के स्तर पर ही करने से काम नहीं चलेगा। शिक्षा में इनोवेटिव चेंज लाकर स्कूली शिक्षा को सर्वांगीण विकास और स्वावलंबन से जोडऩे वाली संस्थाओं को अपना योगदान देकर एक महान कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देश, काल और परिस्थिति में शिक्षा की उपयोगिता किस रूप में हो सकती है, इस पर चिंतन करना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन इससे हम ठोस निष्कर्ष पर पहुंचकर एक कार्ययोजना बनाने में सफल हों, यही आज की जरूरत है। ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी अधिकारी और कंपनियां स्कूलों को गोद लेंगी तो इससे हमारी शिक्षा की नींव मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि आज के समिट के माध्यम से हम एक कार्ययोजना बनाकर एक सार्थक पहल कर सकेंगे और शिक्षा जगत के माध्यम से अपना योगदान देकर भारत को समर्थ और सशक्त बनाने की पीएम मोदी की अपेक्षा पर खरे उतर सकेंगे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी, मुख्य सचिव आरके तिवारी सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।

गुणवत्ता बढ़ाने पर मंथन
माध्यमिक शिक्षा विभाग और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा संयुक्त रूप से दो दिवसीय स्कूल समिट का आयोजन किया जा रहा है। समिट में करीब 1100 प्रधानाचार्य व शिक्षक शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा शिक्षाविद्, उद्यमी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रमुख और दूसरे राज्यों के शिक्षा मंत्री व अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। इसका मकसद शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए तकनीक व नवाचार के प्रयोग को बढ़ावा देना है।

गन्ना मूल्य बढ़ाने को लेकर किसानों का प्रदर्सन 

  • पराली जलाने को लेकर हो रही कार्रवाई पर भी जताया विरोध
  • विधान सभा का घेराव करने पहुंचे किसानों पर पानी की बौछार, कई हिरासत में

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। विभिन्न मांगों को लेकर आज सुबह गन्ना किसानों ने राजधानी में सरकार के खिलाफ जोरदार दर्शन किया। विधान सभा का घेराव करने पहुंचे कई किसानों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उन पर पानी की बौछार की और बस में भरकर ले गई।
गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने, बकाया भुगतान और पराली जलाने पर हो रही कार्रवाई समेत कई मुद्दों पर भारतीय किसान यूनियन ने पूरे प्रदेश में आंदोलन किया। इसी क्रम में सैकड़ों किसान राजधानी पहुंचे। उन्होंने गन्ना जलाकर विरोध जताया और योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए अपनी मांगे पूरी होने तक आंदोलन की चेतावनी दी। किसान लगातार गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने 2019-20 सत्र का जो समर्थन मूल्य घोषित किया है उसमें एक रुपए की भी बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। यही नहीं किसान गन्ना मूल्य भुगतान और गन्ने की पर्ची आदि को लेकर भी हमेशा अपनी परेशानी बताता रहा है। किसानों का कहना है कि अगर गन्ना मूल्य भुगतान देर से होगा और समर्थन मूल्य दो-दो साल तक नहीं बढ़ेगा तो उनके घरों का चूल्हा कैसे जलेगा। जब उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझा तो उन्होंने आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया।

दुनिया भर के मुस्लिम प्रवासियों को नहीं दे सकते नागरिकता: शाह

  • कहा, भारत के मुसलमान भारतीय थे, हैं और रहेंगे, नहीं होगा कोई भेदभाव
  • विपक्ष ने बिल को बताया संविधान के खिलाफ

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को गृहमंत्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में पेश किया। शाह ने कहा कि गलत सूचना फैलाई गई कि यह बिल भारत के मुसलमानों के खिलाफ है। मैं यह कहते हुए लोगों से पूछना चाहता हूं कि यह बिल भारतीय मुसलमानों से कैसे संबंधित है? वे भारतीय नागरिक हैं और हमेशा रहेंगे, उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। भारत दुनिया भर के मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता नहीं दे सकता है, उत्पीडऩ का सामना करने वाले 3 देशों के अल्पसंख्यकों के लिए ये बिल लाया गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत के किसी भी मुस्लिम को इस विधेयक के कारण चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अल्पसंख्यकों को पूरी सुरक्षा मिलेगी। वहीं राज्यसभा में कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि विधेयक भारतीय संविधान की नींव पर हमला है। इससे भारत की आत्मा आहत होती है। यह हमारे संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ है। बसपा प्रमुख मायावती ने भी इसका विरोध किया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसके खिलाफ पटना में विरोध प्रदर्शन किया।

नागरिकता संशोधन बिल राज्य सभा में पेश

बिल पर कुछ विपक्षी दल पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। यह पूरी तरह देशहित में है। इससे पड़ोसी मुल्क के पीडि़त अल्पसंख्यकों को न्याय मिलेगा। यह एक ऐतिहासिक कानून साबित होगा।
नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री

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