तिनका-तिनका पुरस्कार से नवाजे गए अफसर और बंदी

  • पीएन पांडेय को मिला विशेष जेल सेवा सम्मान
  • वर्तिका नंदा की पुस्तक का किया गया विमोचन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिला जेल में पांचवें अखिल भारतीय तिनका-तिनका पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इसमें बंदियों और जेल अफसरों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर डीजी जेल आनंद कुमार ने कहा कि जेल में आने वाला हर बंदी अपराधी नहीं होता है। कई बार सजा पाने वाले वंदियों में निर्दोष भी होते हैं, जिन्हें साजिशन मुकदमों में फंसाया गया होता है। इस मौके पर वर्तिका नंदा की पुस्तक तिनका-तिनका डासना का विमोचन भी हुआ।
पुरस्कार समारोह में 21 बंदियों को सम्मानित किया गया। पेटिंग प्रतियोगिता में अजय को प्रथम संजय फूल सिंह को द्वितीय व तीसरा पुरस्कार सहारनपुर जेल के बंदी निगम पवार और बरेली के बंदी दिनेश कुमार को दिया गया। पेटिंग में नौ सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। उत्तर प्रदेश में पूनम शाक्या और अरुण राणा को पुरस्कृत किया गया।
विशेष प्रतिभा में उदय स्वरूप व तुहिना को सम्मानित किया गया। बांदा की संध्या को जेल में कपड़े के बैग बनाने और फिरोजाबाद के कमलेश को जेल में बंदियों की सेवा के लिए चुना गया। समारोह में आठ जेल अफसरों को भी तिनका-तिनका अवार्ड दिया गया। इसमें बांदा के जेलर रंजीत सिंह, लखनऊ के संतोष सिंह, कौशाम्बी से बीएस मुकुंद, मैनपुरी से ब्रजेश कुमार, नारी बंदी निकेतन लखनऊ से शबनम निगार, महाराष्टï्र से समाकांत चंद्रकांत गडगे, कपूरथला से सुनिंदर पाल खन्ना, अलवर से भरत लाल मीणा शामिल रहे। लखनऊ जिला जेल के वरिष्ठï अधीक्षक पीएन पांडेय को विशेष जेल सेवा सम्मान दिया गया। गौरतलब है कि भारत की जानी-मानी जेल सुधारक वर्तिका नन्दा ने तिनका तिनका अवाड्र्स की परिकल्पना की है। निर्णायक मंडल में जावेद अहमद, आईपीएस, महानिदेशक, एनआईसीएफएस, राम फल यादव, आईपीएस, महानिदेशक, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो और वर्तिका नन्दा, संस्थापक, तिनका तिनका अवाड्र्स रहे।

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