सीआरपीएफ जवान के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा

  • युवती का आरोप शादी का वादा करके बाद में मुकर गया जवान

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रामपुर। शादी का झांसा देकर सीआरपीएफ जवान ने युवती से दुष्कर्म किया। इसके बाद जब शादी करने की नौबत आई तो मुकर गया और दूसरी जगह शादी तय कर ली। युवती द्वारा दबाव बनाने पर उसे रास्ते में छोडक़र भाग गया। पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर जवान समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपित जवान मुरादाबाद जनपद के कुआंखेड़ा गांव का दीपक कुमार पुत्र राजपाल है। उसका प्रेम प्रसंग कटघर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती से हो गया था। जवान ने युवती को शादी का झांसा दिया और शारीरिक शोषण करने लगा। साल भर तक यह सिलसिला चलता रहा लेकिन, शादी की बात टाल देता था। युवती गर्भवती भी हो गई। युवती ने शादी का दबाव बनाया तो करीब महीना भर पहले उसे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर बुलाया। लडक़ी को हरिद्वार ले जाकर शादी करने का बहाना बनाया। युवती अकेले वहां पहुंची तो जवान उसका मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया। युवती रात भर उसका इंतजार करती रही। इसके बाद रामपुर आ गई। वह ग्रुप सेंटर में जवान से मिलना चाहती थी लेकिन उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। इस पर युवती ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगडऩे पर लोगों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। युवती ने हालत में सुधार होने पर घटना की तहरीर पुलिस को दी। सिविल लाइंस कोतवाल विजेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर पर आरोपित जवान समेत पंकज पुत्र राजपाल, दीपक के ताऊ निवासी कुआंखेड़ा थाना कटघर मुरादाबाद, नीतू और संतोष देवी को नामजद किया गया है। इन पर साजिश में शामिल होने का आरोप है। आरोपित जवान की पोस्टिंग अब उत्तराखंड में है।

फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे 10 टीचर बर्खास्त

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
हरदोई। विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वालों का खुलासा हुआ है। इस फर्जीवाड़े में 10 और अध्यापकों पर गाज गिरी है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि से वर्ष 2004-05 में फर्जी अंक पत्र-डिग्री से नौकरी हासिल करने वाले परिषदीय विद्यालयों के 10 अध्यापकों को बर्खास्त कर दिया गया है। इससे कुछ ही दिन पूर्व ऐसे ही छह अध्यापक बर्खास्त हो चुके हैं। बर्खास्त अध्यापकों में दो हरदोई जिले के रहने वाले हैं। बाकी के आठ बाहरी जिलों के हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से उन्हें आदेशों की प्रति भेजी गई है।
जिले में काफी संख्या में फर्जी अध्यापक मिल चुके हैं। एसआईटी की जांच में 16 अध्यापक पकड़ में आए थे और शासन स्तर से उनकी बर्खास्तगी का आदेश दिया गया था। इनमें से छह तो पूर्व में ही बर्खास्त कर दिए गए हैं। जबकि सूची में शामिल 10 अध्यापकों का मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया था।

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