अब खुले में रात नहीं गुजारेंगे बेघर, अस्थाई रैन बसेरे के लिए चिन्हित की गई जगह

  • नगर निगम के स्थाई रैन बसेरों की तरह अस्थाई रैन बसेरों में भी मिलेगी सुविधा
  • ठहरने वालों के लिए तकिया, कंबल, पानी और शौचालय का भी होगा इंतजाम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में कड़ाके की ठंड आने से पहले रैन बसेरों को लेकर सरकारी महकमा हरकत में आ चुका है। कोई भी बेघर सडक़ किनारे खुले में न सोए इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ भी अफसरों को आदेश दे चुके हैं। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए अब ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया है जहां ऐसे लोग रहते हैं जिनके पास मकान या रहने का कोई स्थान नहीं है। इसी क्रम में शहर में मजदूरों के लिए फ्लाईओवरों के नीचे अस्थायी रैन बसेरे बनाए जाएंगे। इसके पीछे कारण यह है कि ग्रामीण इलाकों और आसपास के जिलों से आने वाले ज्यादातर मजदूर स्थायी रैन बसेरों की ओर रुख नहीं करते। ये किसी मजदूर मंडी के आसपास ही सडक़ किनारे या पेड़ के नीचे रातें गुजारते हैं और सुबह फिर काम पर चले जाते हैं। यही वजह है कि जिला प्रशासन मजदूर मंडियों के आसपास फ्लाईओवरों के नीचे जगह अस्थायी रैन बसेरों बनाने की तैयारी कर
रहा है।
शहर में नगर निगम और निजी संस्थाओं की मदद से कुल 23 स्थायी रैन बसेरे चलाए जा रहे हैं। यहां रजाई, तकिया, कंबल के साथ पीने के पानी और शौचालय की भी सुविधा है। छह रैन बसेरों में तो सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं, लेकिन दिनभर मेहनत कर थक चुके मजदूर रैन बसेरों तक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते और सडक़ किनारे ही सो जाते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद पिछले हफ्ते हजरतगंज इलाके में फुटपाथ पर सो रहे लोगों को जियामऊ रैन बसेरे में भिजवाया था। इसके बाद अफसर भी ऐसे लोगों को रैन बसेरों में भेजने में जुटे हैं, लेकिन मजदूर किराया और समय बचाने के लिए रैन बसेरों तक नहीं जाना चाहते। यही कारण है कि जिला प्रशासन अब लेबर मंडियों के आसपास के फ्लाईओवर के नीचे अस्थायी रैन बसेरे के लिए जगह तलाश रहा है।

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