डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के आधार पर कराएं फॉगिंग: योगी

  • कहा, मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए चलाएं दस्तक अभियान

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में डेंगू से बचाव के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के आधार पर फॉगिंग कराई जाए। ऐसी बीमारियों से बचाव के लिए 16 से 30 नवंबर तक दस्तक अभियान का चौथा चरण चलाया जाए। ताकि लोगों को डेंगू की चपेट में आने से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार की रात अपने आवास पर डेंगू से बचाव के लिए होने वाले प्रयास के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, काला-अजार और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगर विकास विभाग, ग्राम्य विकास, महिला एवं बाल कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पंचायतीराज, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा सहित संबंधित विभागों से अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर 16 से 30 नवंबर तक दस्तक अभियान चलाने को कहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस अभियान का नोडल विभाग होगा। इस अभियान में डेंगू सहित मच्छरजनित अन्य बीमारियों से प्रभावित जिलों में गांव-गांव में फागिंग करवाने के साथ एंटी लार्वा अभियान चलाया जाएगा। इसमें जन सहयोग भी लिया जाएगा। जिला प्रशासन के साथ स्कूलों, कालेजों के प्रधानाचार्यों, ग्राम प्रधानों और छात्रों का सहयोग भी लिया जाएगा।

डेंगू प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति

अमीनाबाद, हुसैनाबाद, गोलागंज, पुराना तोपखाना, दुबग्गा,भरत नगर, राजाजीपुरम, गढ़ी कनौरा, खदरा, कृष्णा नगर, इंदिरानगर, जानकीपुरम, कल्याणपुर, श्रीनगर सीतापुर रोड, छोटा बरहा, हजरतगंज, पारा, तेलीबाग, ऐशबाग, विशाल खंड आलमबाग के बुखार पीडि़तों में डेंगू की पुष्टि हुई है।

डेंगू से होने वाली मौतों में टॉप पर लखनऊ

उत्तर प्रदेश में डेंगू बुखार सबसे ज्यादा लखनऊ में कहर बरपा रहा है। यहां के ज्यादातर इलाकों में लोग डेंगू बुखार की चपेट में हैं। 13 नवम्बर तक लखनऊ में 1,541 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। कानपुर नगर में अब तक 1,422 लोगों को डेंगू का डंक चुभ चुका है। यह दूसरे स्थान पर है। वहीं मौत के मामले में भी लखनऊ पहले स्थान पर है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ में छह, कानपुर में तीन, बाराबंकी में दो, हरदोई तथा उन्नाव में एक-एक मरीज की जान जा चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि आमतौर पर डेंगू मच्छरों का प्रकोप अक्टूबर में कम होने लगता है। लेकिन नवम्बर में बड़ी संख्या में डेंगू मरीजों के सामने आ रहे हैं। पिछले साल जनवरी से 11 नवम्बर 2018 तक 3,355 लोग डेंगू की चपेट में आए थे। इस साल जनवरी 2019 से 11 नवम्बर तक 7,235 लोग डेंगू की गिरफ्त में आ चुके हैं।

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