मेरे और हनुमान के बीच कोई नहीं आ सकता: योगी

  • चुनाव आयोग का बैन खत्म होने के बाद तोड़ी चुप्पी
  • कहा, हिंदू मेरी धार्मिक पहचान, मेरे रग-रग में राम-कृष्ण और हनुमान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। चुनाव आयोग की तरफ से लगाया गया 72 घंटे का बैन खत्म होने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिलसिलेवार कई ट्वीट किए हैं। सीएम योगी ने कहा है कि हिंदू उनकी धार्मिक पहचान है और लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत उन्होंने चुनाव आयोग के आदेश का सम्मान किया। इसके साथ ही योगी ने ट्वीट में कहा कि उनके मंदिर दर्शन को सियासत से जोडक़र नहीं देखा जाना चाहिए। मेरे रग-रग में राम, कण-कण में कृष्ण, प्रत्येक शिरा में शिव और प्रत्येक धमनी में धर्म व कर्तव्य बोध निरंतर प्रवाहित होता रहता है। आज मैं फिर कहना चाहूंगा कि मेरी धार्मिक पहचान हिन्दू है, वह हिन्दू जो भारत मे रहने वाले सभी पंथों और धर्मों का सम्मान समान भाव से आदिकाल से करता आ रहा है। राष्ट्र की संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों का मान बीजेपी की विचारधारा का अभिन्न अंग है। इसीलिए विगत 72 घण्टों में मैंने चुनाव आयोग के आदेश का सम्मान किया और उसे समुचित आदर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या और वाराणसी में मंदिरों के दर्शन को लेकर अपने ट्वीट में कहा कि मेरे आराध्य रामलला, बजरंग बली और महादेवजी के दर्शन को किसी भी प्रकार की राजनीति से जोडक़र नहीं देखा जाना चाहिए। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि आस्था का अधिकार संविधान प्रदत्त है और मुझे इस अधिकार का प्रयोग करने से कोई रोक नहीं सकता। अयोध्या में रामलला, हनुमान गढ़ी में बजरंग बली और सरयू माता के दर्शन पाकर हुई अनुभूति को शब्दों में व्यक्त कर पाना संभव नहीं है। योगी ने जनता को हनुमान जयंती की बधाई देते हुए कहा कि हनुमानजी में मेरी अटूट आस्था है और संकटमोचन में इस आस्था के बीच कोई नहीं आ सकता उनका दृढ़ संकल्पित, समर्पित जीवन मेरे लिए एक प्रेरणास्रोत है। नासै रोग हरै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा। अतुलित भक्ति और अपरिमित शक्ति के प्रतीक हनुमानजी की जयंती पर सभी को शुभकामनाएं।

दलित के घर भोजन का भी किया जिक्र

अयोध्या में दलित महावीर के घर जाकर भोजन करने का जिक्र करते हुए योगी ने ट्विटर पर लिखा कि प्रधानमंत्री जी की जनकल्याणकारी योजनाओं से जन-जन कितने प्रसन्न हैं। भाई महावीर और उनके परिवार से मिलकर पता चला। उनकी पत्नी सावित्री द्वारा बनाया गया सादा सुस्वादु भोजन ग्रहण कर प्रसन्नता हुई। समाज के आखिरी पायदान पर बैठे वंचितों के जीवन में ऐसी खुशियां हों, यही बीजेपी का लक्ष्य है।

हनुमान जयंती पर उमड़े भक्त

हनुमान जयंती पर मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ नजर आई। राजधानी में हनुमान सेतु मंदिर, अलीगंज स्थित हनुमान मंदिर समेत संकट मोचन भगवान बजरंगबली के सभी मंदिरों में भक्तों ने कतार में खड़े होकर दर्शन और पूजन किया। साथ ही प्रसाद भी ग्रहण किया।

हार्दिक पटेल को मंच पर चढक़र मारा थप्पड़

  • कांग्रेस नेता गुजरात के सुरेंद्रनगर में जनसभा को कर रहे थे संबोधित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गुजरात। भाजपा मुख्यालय में पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव को जूता मारने की घटना के 24 घंटे के अंदर ही हार्दिक पटेल को मंच पर चढक़र थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हार्दिक पटेल चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। इसी बीच एक युवक मंच पर चढ़ा और हार्दिक को कई थप्पड़ जड़ दिए। ये घटना गुजरात के सुरेंद्र नगर की है। हार्दिक को थप्पड़ किसने और क्यों मारा इसकी पूछताछ की जा रही है।
हार्दिक पटेल को थप्पड़ मारने का जो वीडिया सामने आया है, उसमें हार्दिक पटेल रैली को संबोधित कर रहे हैं, तभी एक शख्स मंच पर पहुंचा और उनको थप्पड़ मारने लगा। इस दौरान मंच पर मौजूद लोगों ने शख्स को पकड़ लिया और उसकी बुरी तरह पिटाई शुरू कर दी। समर्थकों ने इस शख्स के कपड़े फाड़ दिए। वहीं मौके पर मौजूद पुलिस ने किसी तरह उस शख्स को बचाया और अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया। थप्पड़ मारने वाले शख्स की हालत काफी गंभीर है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं मंच पर अचानक थप्पड़ पडऩे के बाद हार्दिक पटेल ने कहा कि बीजेपी वाले चाहते हैं कि मुझे मार दिया जाए। इसी वजह से लोग हमले करवा रहे हैं, लेकिन हम चुप नही रहेंगे।
बता दें, इससे पहले गुरुवार को बीजेपी नेता और राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव पर दिल्ली में प्रेस काफ्रेंस के दौरान एक शख्स ने जूता फेंका था। जूता फेंकने वाले शख्स की पहचान शक्ति भार्गव के रूप में हुई थी, जो कानपुर का रहने वाला था। शक्ति भार्गव की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे कानपुर भेज दिया था।

कांग्रेस छोडक़र शिवसेना में शामिल हुईं प्रियंका चतुर्वेदी

  • अपने ट्विटर हैंडल पर चेंज कर लिखा ब्लॉगर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। प्रियंका ने 17 अप्रैल को ही अपनी पार्टी के प्रति नाराजगी जाहिर कर दी थी। उन्होंने कहा था कि गुंडों को कांग्रेस पार्टी में तरजीह दी जाती है, जो सरासर गलत है। इस मामले पर पार्टी हाईकमान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसलिए उन्होंने आज अपना इस्तीफा राहुल गांधी को भेज दिया।
मथुरा में कुछ दिन पूर्व एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ स्थानीय नेताओं ने प्रियंका चतुर्वेदी के साथ बदसलूकी की थी। उस वक्त उन नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। लेकिन चुनाव से ठीक पहले उन सभी नेताओं को पार्टी में वापस ले लिया गया। इसलिए प्रियंका पार्टी से नाराज थीं। प्रियंका ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। साथ ही अपने ट्विटर हैंडल में भी बदलाव कर लिया है। अब उनके परिचय में ब्लॉगर लिखा है, और कांग्रेस की कम्युनिकेशन्स टीम वाला परिचय हट गया है। वहीं शिवसेना में शामिल होकर सियासी गलियारे में चल रही तमाम चर्चाओं और आशंकाओं पर प्रियंका ने विराम लगा दिया है।
बता दें, प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर लिखा था कि गहरा दु:ख पहुंचा है कि गुंडों को कांग्रेस पार्टी में उनसे ज्यादा तरजीह दी जाती है जिन्होंने अपना पसीना और खून पार्टी के लिए बहाया है। पार्टी के लिए जिन्होंने ईंट-पत्थर और गालियों तक का सामना किया, तब भी जिन लोगों ने मुझे पार्टी के भीतर धमकी दी उनपर कार्रवाई नहीं की गई। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

केशव ने पीजीआई पहुंचकर जाना राज्यपाल का हाल

  • डॉक्टरों से मुलाकात कर ली स्वास्थ्य की जानकारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज पीजीआई पहुंच कर राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की। उप मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से पूछा कि पेसमेकर लगाये जाने के बाद स्वास्थ्य कैसा है, तो राज्यपाल ने स्वास्थ्य पहले से बेहतर होने की जानकारी दी। इसके साथ ही चिकित्सकों ने भी उप मुख्यमंत्री को राज्यपाल से स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से बताया।
बता दें, बुधवार की शाम दिल की परेशानी के चलते राज्यपाल राम नाईक पीजीआई पहुंचे थे। राज्यपाल के दिल की धडक़न सामान्य से कम होने की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर लिया था। इसके बाद गुरुवार को कॉर्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. पीके गोयल की देखरेख में राज्यपाल को कैथ लैब में पेसमेकर लगाया गया। इस दौरान पीजीआई निदेशक डॉ. राकेश कपूर, सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल, एमएस डॉ. एके भट्ट, डॉ. सुशील गुप्ता समेत कई डॉक्टर मौजूद थे। इससे पूर्व सीएम योगी आदित्यनाथ भी राज्यपाल से मिलने पीजीआई गये थे।

 

पीएम के हेलीकॉप्टर की जांच करने पर आईएएस के निलंबन पर देश भर में रोष

  • पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, बसपा ने भी आयोग पर उठाए सवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पीएम नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने वाले आईएएस अफसर के निलंबन पर देशभर में रोष है। पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी और बसपा प्रमुख मायावती ने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
एसवाई कुरैशी ने चुनाव आयोग पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी और आयोग ने अपनी छवि सुधारने का मौका खो दिया। इस दौरान उन्होंने पीएम के हेलिकॉप्टर की जांच करने वाले अधिकारी को निलंबित करने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। यह भी कहा कि पीएम लगातार आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। जबकि आयोग चुप्पी साधे है।

 

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