मीडिया मैनेजमेंट संभालने में नाकाम सूचना विभाग के अफसरों को हटाया सीएम ने, हडक़ंप

  • पत्रकारों के खिलाफ ही काम करने में जुटा सूचना विभाग
  • जिस अखबार और मैगजीन को मन आया उसको दे दिये करोड़ों के विज्ञापन, नहीं मन किया तो एक लाख का भी एड नहीं दिया दो सालों में
  • प्रमुख सचिव सूचना के आदेश को भी नही सुन रहे थे सूचना विभाग के अफसर
  • सीएम और सूचना मंत्री विभाग की कार्य शैली से थे खफा
  • संगठन भी मान रहा था पत्रकारों की नाराजगी पड़ जायेगी भारी चुनावों में

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। सूचना विभाग में कई महीनों से चल रही गुटबाजी और पत्रकारों से अभद्र व्यवहार के चलते आज सरकार का शीर्ष नेतृत्व खफा हो गया और मीडिया मैनेजमेंट न संभाल पाने के कारण सूचना निदेशक और अपर सूचना निदेशक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। सूचना विभाग में इससे हडक़ंप मच गया और लोग कयास लगाने लगे हैं कि क्या सूचना विभाग में चल रहे इन घोटालों की जांच भी अब उच्च स्तर से कराई जाएगी।
दरअसल, लंबे समय से सरकार और संगठन दोनों इस बात से खफा थे कि सरकार की तरफ से जो काम हो रहे हैं मीडिया में उसका सही पक्ष नहीं आ पा रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के सामने सूचना विभाग की हुई बैठक में भी यह बात सामने आई और मुख्यमंत्री इस बात से बेहद खफा दिखाई दिए। सूचना विभाग में लगातार लापरवाही बरती जा रही है और अखबारों व चैनलों में सही पक्ष नहीं आ पा रहा है। सीएम के इन तेवरों को देख कर विभाग में हडक़ंप मच गया सूचना मंत्री, सूचना विभाग के अफसरों के रवैये से बेहद नाराज दिखाई दिए। यह पहली बार हो रहा था कि सूचना विभाग के अफसर पत्रकारों को मैनेज करने की जगह उनको नुकसान पहुंचाने में जुटे थे जिससे पत्रकारों के बीच सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही थी। बताया जाता है कि प्रमुख सचिव सूचना के कई निर्देशों के बावजूद सूचना निदेशक अपने व्यवहार में सुधार नहीं ला रहे थे बल्कि कुछ पत्रकारों से कह रहे थे कि हम आपको कोई सहयोग नहीं कर पाएंगे क्योंकि आपके अखबार में सरकार के खिलाफ खबर छपती है। यह पहला मामला था जब सूचना निदेशक स्तर के अफसर दैनिक के पत्रकारों से इस तरह का व्यवहार कर रहे थे। जिन मीडिया संस्थानों के अखबार सोशल मीडिया पर पूरे देश में लोकप्रिय हैं उनकी मान्यता का नवीनीकरण नहीं किया गया। विज्ञापनों में मनमानी की गई जिस अखबार और पत्रिका को मन किया उसको करोड़ों रुपये का विज्ञापन दे दिया गया और जिसको मन नहीं किया गया उसके सारे विज्ञापन रोक दिए गए। यह सारी बातें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची और भाजपा संगठन को भी यह समझ आ गया कि चुनाव से पहले इस तरह का रवैया पार्टी को भी बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। लिहाजा सरकार ने कड़ा फैसला लिया और इन दोनों अफसरों को आज सूचना विभाग से रवाना कर दिया। सूचना निदेशक उज्जवल कुमार को नगर आयुक्त इलाहाबाद बनाया गया जबकि अगर अपर नगर आयुक्त को वेटिंग में डाल दिया गया।

सीएम साहब! आपके सचिव ही आपके नामकरण को नहीं अपना रहे तो आम जनता कैसे अपनाएगी

  • करोड़ों रुपये खर्च कर इलाहाबाद का नाम बदल कर किया गया प्रयागराज लेकिन अभी विशेष सचिव पहले ही नाम का कर रहे हैं उपयोग
  • कई अधिकारियों का किया गया तबादला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री जी, आप शहरों के नाम बदलकर भले ही उनका खोया सम्मान और नाम वापस करने की कसम खा रहे हो लेकिन आपके ही सचिव आपके आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं क्योंकि जिस इलाहाबाद का नाम आपने करोड़ों रुपये खर्च कर प्रयागराज किया था आज स्थानान्तरण के दौरान आपके सचिव ने उसे फिर इलाहाबाद बताकर यह साबित कर दिया कि उनको प्रयागराज से नहीं इलाहाबाद से ही प्यार है।
सरकार ने आज कई अधिकारियों के स्थानान्तरण किए। सूचना निदेशक डॉ. उज्जवल कुमार को नगर आयुक्त प्रयागराज बनाया गया लेकिन विशेष सचिव धनन्जय शुक्ला के दिलो-दिमाग में इलाहाबाद ही छाया है। जब विशेष सचिव ही ऐसा कर रहे हैं तो आम जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी वाराणसी मनोज कुमार राय का स्थानान्तरण करते हुए अपर आयुक्त इलाहाबाद मंडल कर दिया है जबकि इलाहाबाद का नाम प्रयागराज कर दिया गया है। नगर आयुक्त नगर निगम इलाहाबाद अविनाश सिंह को विशेष सचिव गृह विभाग, संयुक्त सचिव सतीश पाल को अपर जिलाधिकारी वाराणसी, विशेष सचिव शिशिर को सूचना निदेशक बनाया गया है। अपर निदेशक सूचना ज्ञानेश्वर त्रिपाठी को प्रतीक्षारत किया गया है। यशु रूस्तगी को अपर आयुक्त वाणिज्य कर बनाया गया है।

सही कहा, वे पाकिस्तान नहीं संभाल पा रहे हैं, कश्मीर क्या संभालेंगे

  • कश्मीर भारत का अंग था, है और रहेगा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पाक के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी के कश्मीर पर दिए गए बयान पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि बात तो ठीक कही है उन्होंने। वे पाकिस्तान नहीं संभाल पा रहे हैं, कश्मीर क्या संभाल पाएंगे। कश्मीर, भारत का अंग था, है और रहेगा। गौरतलब है कि शाहिद अफरीदी ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को ‘आजाद कर देना चाहिए और उनके मुल्क को यह क्षेत्र नहीं चाहिए, क्योंकि वह अपने ही चार प्रांतों को नहीं संभाल पा रहा है। लंदन में छात्रों को संबोधित करने वाला एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें अफरीदी कहते सुने जा सकते हैं कि पाकिस्तान की कश्मीर में दिलचस्पी नहीं है और उनका मुल्क इसे भारत को देने के खिलाफ है, इसलिए क्षेत्र को आजादी दे दी जानी चाहिए।

Pin It