राम नाम की लूट

जब से चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है अपने बाबाजी का पारा चढ़ गया है। भागे-भागे फिर रहे हैं। विरोधियों पर चुन-चुनकर प्रहार कर रहे हैं। विरोधी भी कम नहीं हैै। हर बार चिढ़ाकर भाग जाते हैं। पूछ रहे हैं बाबाजी मंदिर कब बनवा रहे हो। अब तो साधु-संत भी कहने लगे है बनवाओ मंदिर नहीं तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा। सो बाबाजी ने एक बार फिर राम नाम की रट लगानी शुरू कर दी। कहने लगे हैं, मंदिर था, है और रहेगा। विरोधी पूछ रहे हैं, यह सब जानते हैं। पहले यह बताओ मंदिर बनेगा कब। यह सुनते ही बाबाजी भडक़ गए। कहने लगे, जल्दी बनेगा और जो राम का नहीं वह हमारे किसी काम का नहीं है। उसे वोट नहीं मिलेगा। अब सब परेशान है। कहीं बाबाजी मंदिर का नाम लेकर बाजी न मार ले जाएं।

Pin It