यातायात व्यवस्था चरमराई, तेज रफ्तार वाहन और आवारा जानवर बन रहे हादसों के कारण

  • ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी ने बढ़ाई मुसीबत
  • अवैध डेयरियों के चलते सडक़ों पर लगा रहता है पशुओं का जमावड़ा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। सडक़ों पर वाहनों के बढ़ते दबाव और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के चलते राजधानी की यातायात व्यवस्था चरमरा गई हैं। रही सही कसर फर्राटा भरते वाहन और सडक़ पर घूमते आवारा पशुओं ने निकाल दी है। इसके कारण रोज हादसे हो रहे हैं। इन हादसों के कारण राजधानी में रोजाना एक मौत हो रही है। वहीं कम से कम तीन लोग जख्मी हो रहे हैं। सडक़ दुर्घटनाओं के इजाफे के बावजूद यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोई कोशिश नहीं दिख रही है। शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
शहर में अवैध डेयरियां संचालित हो रही है। यहां पलने वाले पशुओं को खुला छोड़ दिया जाता है। लिहाजा ये पशु सडक़ों पर घूमने लगते हैं। इसके कारण जाम की स्थिति बन जाती है। कई बार तेज रफ्तार वाहन के सामने ये पशु पड़ जाते हैं और हादसा हो जाता है। यही नहीं कई बार ये पशु सडक़ चलते लोगों पर हमला कर देते है। कई बार इनकी आपसी लड़ाई की चपेट में राहगीर आ जाते हैं। बीच सडक़ पर बैठे इन पशुओं की वजह से यातायात बाधित होता है। इनके चलते मुख्य मार्गों की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। टेढ़ीपुलिया सब्जी मंडी चौराहे से लेकर मुख्य कुर्सी रोड, गुडंबा पहाड़पुर चौराहा, इंजीनियरिंग चौराहा समेत कई मुख्य सडक़ों पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। पशुपालकों ने ऐसे मवेशियों को खुला छोड़ रखा है जो दूध नहीं देते हैं। मवेशियों के इस तरह खुले में घूमने से सडक़ दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है। तमाम शिकायतों और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद आज तक यहां फल-फूल रही अवैध डेयरियों को हटाया नहीं जा सका है। कभी-कभी नगर निगम इन डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कर खानापूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेता है। कार्रवाई नहीं होने के कारण इन डेयरी संचालकों के हौसले बुलंद हैं। वहीं तेज रफ्तार के कारण भी दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। लोग सडक़ों पर यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। कई बार ये रेड लाइट तक जंप कर जाते हैं। यह स्थित तब है जब शहर में निर्धारित गति से ऊपर वाहन चलाने वाले के खिलाफ जुर्माना लगाने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। यही नहीं प्लान यह भी था कि यातायात पुलिसकर्मियों को स्पीडोमीटर दिए जाएंगे लेकिन इस ओर भी ध्यान नहीं दिया गया। पुलिसकर्मी स्पीडोमीटर से वाहन की रफ्तार आसानी से नाप सकते हैं। इसके बाद उस वाहन को रोककर चलान काट सकते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहनों की गति निर्धारित करने को लेकर विचार विमर्श चल रहा है। अगर वाहन चालक भीड़-भाड़ वाले इलाके में निर्धारित गति से वाहन चलाएंगे तो इससे सडक़ हादसों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

सडक़ सुरक्षा जागरूकता अभियान भी बेअसर

यातायात पुलिस समय-समय पर सडक़ सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाती है। इस अभियान के दौरान लोगों को न केवल यातायात नियमों के बारे में बताया जाता है बल्कि हादसों से बचने के तरीके भी बताए जाते हैं। बावजूद इसका कोई असर राजधानी में नहीं दिख रहा है। लगातार बढ़ रही सडक़ दुर्घटनाएं इसकी पुष्टिï कर रही हैं।

तेज रफ्तार के कारण भी दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। लोग सडक़ों पर यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं।

ऐसे बरतें सावधानी

  • वाहन चलाते समय कार की सीट बेल्ट लगाएं
  • नशे में गाड़ी कतई न चलाएं
  • अच्छी क्वालिटी का हेलमेट पहनें
  • गाड़ी चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें
  • यातायात नियमों का पालन करें
  • आवारा जनवरों के करीब से वाहन न निकाले
  • मानव रहित क्रासिंग को सावधानी से पार करें
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