अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सिर पर, अभी तक दुरुस्त नहीं हुए शहर के पार्क

  • राजधानी के दस पार्कों में 21 जून को होना है योगाभ्यास
  • नगर निगम व एलडीए की लापरवाही बिगाड़ सकती है व्यवस्था

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में एक दिन शेष है। 21 जून को शहर के दस पार्कों में योग दिवस के मौके पर लोग योगाभ्यास करेंगे। जिन पार्कों में योग शिविर लगने हैं उनमें अधिकांश की हालत खराब है। इनमें एक पार्क ऐसा भी हैं जिनको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। नगर निगम और एलडीए इसकी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी के केंद्र में सत्तासीन होने के बाद से देश और विदेश में योग दिवस मनाया जा रहा है। देश में 21 जून को अंतरराष्टï्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इसके तहत राजधानी के विभिन्न पार्कों में लोग योगाभ्यास करते हैं। बावजूद पार्कों की हालत खस्ता है। योगाभ्यास के लिए चिंहित किए गए कई पार्क खस्ताहाल हैं। इन पार्कों में झाडिय़ां उगी हैं। घास की कटाई और अन्य कार्य नहीं किए गए हैं।
यह स्थिति तब है जब नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी ने उद्यान विभाग के अफसरों को पार्कों को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सभी पार्को में जलापूर्ति के लिए टैंकर और शौच के लिए सचल शौचालय की व्यवस्था की जानी है। नगर निगम के जोनल अफसरों को पार्कों के आस-पास विशेष स्वच्छता अभियान चलाने को कहा गया है। पार्कों के रखरखाव के संबंध में उद्यान अधीक्षक राजू चौरसिया का कहना है कि योग दिवस के मौके पर सभी पार्कों को दुरुस्त किया जाएगा। भले ही वह पार्क एलडीए का क्यों न हो।

इन पार्कों में लगेगा योग शिविर
डा. राम मनोहर लोहिया गोमतीनगर, स्वर्ण जयंती पार्क इंदिरा नगर, अरविदों पार्क इंदिरानगर, अर्जुन पार्क जानकीपुरम, नगर-8 न. चौराहा पार्क, जनेश्वर मिश्र पार्क गोमतीनगर, प्रियदर्शनी पार्क, केशव नगर, सीतापुर रोड मंडी के सामने और अलीगंज समेत ग्रीन पार्क गोमतीनगर।

ब्लड के लिए अस्पताल का चक्कर काट रहीं प्रसूताएं

  • डफरिन में ब्लड स्टोरेज यूनिट नहीं होने से परेशान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। डफरिन अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट नहीं होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। फिलहाल बलरामपुर अस्पताल के ब्लड बैंक से महिला अस्पताल डफरिन में खून की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में महिलाओं संग उनके तीमारदारों को खून की जरूरत होने पर बलरामपुर अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

ब्लड बैंक स्टोरेज यूनिट को अस्पताल में शुरू नहीं किया जा सका जिसका मुख्य कारण अस्पताल में जगह की कमी के अलावा लाइसेंस और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति न हो पाना है। ऐसे में अस्पताल में खून की कमी से जूझ रहीं प्रसूताओं को खून की जरूरत पडऩे पर बलरामपुर अस्पताल में भागदौड़ कर खून का इंतजाम करना पड़ता है। गौरतलब है कि डफरिन अस्पताल में रोजाना सात से दस यूनिट ब्लड की मांग बलरामपुर अस्पताल से की जाती है। 250 बेड वाले अस्पताल में ओपीडी से लेकर भर्ती प्रसूताओं में रोजाना 30 से 35 महिलाएं एनिमिक होती हैं, ऐसे में सामान्य और ऑपरेशन दोनों तरह के प्रसव में डॉक्टरों को खून की जरूरत पड़ती है जिसके लिए तीमारदारों को बलरामपुर अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं।

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