अब केजीएमयू में नहीं होगी चिकित्सकों की कमी, मरीजों को मिलेगी राहत

  • मैन पावर की कमी से बंद पड़े कई विभागों का जल्द होगा संचालन
  • 159 डॉक्टरों की नियुक्ति की कवायद तेज, अन्य स्टाफ की भी होगी तैनाती

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केजीएमयू में अब चिकित्सकों की कमी नहीं होगी। यहां जल्द की डॉक्टरों और अन्य चिकित्साकर्मियों की नियुक्ति किए जाने की तैयारी हो रही है। लिहाजा मैन पावर की कमी से बंद पड़े कई विभागों का जल्द संचालन शुरू हो जाएगा। इससे यहां आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी।
पिछले कई सालों से केजीएमयू मैन पावर की कमी से जूझ रहा है। कई विभाग संचालित नहीं हो पा रहे हैं जबकि कई विभागों की बिल्ंिडग तैयार हैं और वे आधुनिक उपकरणों से लैस हैं। मैन पावर के अभाव में केजीएमयू का बर्न यूनिट और ट्रांसप्लांट यूनिट ठप पड़ी हैं और वेंटिलेटर डिब्बे में बन्द हैं। स्टाफ न होने के कारण इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इस कमी करने को दूर करने का प्रयास तेज कर दिया है। जल्द नई नियुक्तियां शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन जल्द विज्ञापन प्रकाशित करने जा रहा है। डॉक्टरों और स्टाफ की कमी दूर करने के लिए 183 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें 159 पद चिकित्सकों के हैं। संस्थान में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए भी नए विभाग खोलने और कैंसर के इलाज के लिए महिलाओं व बच्चों के लिए अलग विभाग बनाने की भी तैयारी है। ऐसे में पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी व गायन्कोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की जल्द शुरुआत की जाएगी। गौरतलब है कि केजीएमयू प्रशासन ने फैकल्टी की कमी को लेकर शासन को पत्र लिखा था। शासन से इसकी मंजूरी मिल गई है। लिहाजा 41 विभागों में फैकल्टी की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए जाने की तैयारी की जा रही है। इनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। 183 पदों पर फैकल्टी की नियुक्ति को लेकर केजीएमयू जल्द ही अपनी वेबसाइट पर आवेदन मांगेगा। चिकित्सकों की कमी दूर हो जाने का सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा। उन्हें विभिन्न रोगों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह मिल सकेगी। साथ ही बंद विभागों का संचालन शुरू हो जाने से उन्हें दूसरे अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। गौरतलब है कि केजीएमयू में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। राजधानी के अलावा राज्य के विभिन्न कोनों से मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। चिकित्सकों की कमी दूर होने पर मरीजों को राहत मिलेगी।

रिसर्च और लैब वर्क पर भी जोर

केजीएमयू में रिसर्च और लैब वर्क को बढ़ावा देने के लिए कई नए विभाग बनाए जाएंगे। सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च के तहत साइटोजेनेटिक लैब, फरेंसिक फिंगरप्रिंटिंग लैब, फोरेंसिक ओडोंटोलॉजी लैब, मॉलिक्यूलर बायॉलजी लैब, स्टेम सेल/सेल कल्चर लैब में फैकल्टी की नियुक्ति की जाएगी। एनेस्थीसिया विभाग का विस्तार करके कार्डियक एनेस्थीसिया और न्यूरो एनेस्थीसिया विभाग बनेगा। इन सभी विभागों में कुल 41 फैकल्टी की नियुक्ति होगी।

चिकित्सकों की कमी दूर हो जाने का सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा। उन्हें विभिन्न रोगों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह मिल सकेगी। साथ ही बंद विभागों का संचालन शुरू हो जाने से उन्हें दूसरे अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

मैन पावर की कमी के कारण कई विभाग संचालित नहीं हो पा रहे हैं। स्टाफ की नियुक्तियों को लेकर तैयारी चल रही है।
डॉ. नरसिंह वर्मा, प्रवक्ता, केजीएमयू

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