राज्यपाल राम नाईक का नाम मतदाता सूची से गायब

  • शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में वोट डालने को लेकर लिखी चिट्ठी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक का नाम महाराष्ट्र में होने जा रहे शिक्षक मतदाता सूची से गायब है। उन्हें पोस्टल वोट देने का भी अधिकार नहीं है। इससे खफा राज्यपाल ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। जिसमें पूछा है कि शिक्षक मतदाता चुनाव में वोट डालने की व्यवस्था क्या है, उन्हें आगे क्या करना होगा।
महाराष्ट्र में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव होने जा रहे हैं। राज्यपाल ने उसमें पोस्टल वोट डालने की अनुमति मांगी थी। इस पर वहां के निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें वोट डालने के अधिकार न होने का हवाला दिया। जिसे सुनकर राज्यपाल नाराज हो गये हैं। चूंकि राज्यपाल वोट डालने के लिए उत्सुक थे, उम्मीद थी कि वे पोस्टल बैलेट से ही वोट डाल देंगे। लेकिन निर्वाचन अधिकारी की तरफ से मिली जानकारी के बाद उन्हें मजबूरन पत्र लिखना पड़ा है। उन्होंने विधि विशेषज्ञों की राय ली तो पता चला कि राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सेना के जवान और चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारी व कर्मचारी पोस्टल वोट डालने के हकदार हैं। राम नाईक ने बताया कि महाराष्ट्र विधान परिषद के मुंबई गे्रजुएट व शिक्षक निर्वाचन चुनाव के लिए मतदान करने की मेरी तीव्र इच्छा है। अब तक मैंने हर चुनाव में मतदान का कर्तव्य निभाया है। इस बार भी मैं मतदान के लिए उत्सुक हूं। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल होने के नाते डाक मतदान की सुविधा होनी चाहिए। बता दें कि 25 जून को महाराष्ट्र विधान परिषद के मुंबई निर्वाचन क्षेत्र का मतदान निर्धारित है।

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