JID SACH KI: EDITORIAL

जिद… सच की- ढहते फ्लाईओवर भ्रष्टïाचार और तंत्र...

सवाल यह है कि करोड़ों की लागत से बनाए जा रहे फ्लाईओवर अचानक भरभराकर क्यों गिर रहे हैं? क्या मोटी कमाई के चक्कर में कंपनियां और ठेकदार फ्लाईओवर की गुणवत्ता के साथ खेल कर रहे हैं? निर्माण के दौरान गुणवत्ता की निगरानी क्यों नहीं की जाती है? घटना के बाद ही सरकारी तंत्र क्यों सक्रिय…