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स्वनिधि योजना को पलीता लगा रहे नगर निगम कर्मी, लोन के लिए भटक रहे पटरी दुकानदार

स्वनिधि योजना को पलीता लगा रहे नगर निगम कर्मी, लोन के लिए भटक रहे पटरी दुकानदार

दुकानदारों को चिन्हित करने में बरती जा रही लापरवाही, जारी नहीं हो रहा पीला कार्ड
कोरोना काल में केंद्र सरकार ने पटरी दुकानदारों को दस-दस हजार का लोन देने का दिया है निर्देश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केंद्र सरकार की स्वनिधि योजना को नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। लोन के लिए जिन पटरी दुकानदारों ने आवेदन किया है, उन्हें अभी तक पीला कार्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। लिहाजा दुकानदारों को अपना व्यवसाय फिर से शुरू करने के लिए लोन नहीं मिल पा रहा है। वे लोन के लिए लगातार नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं।
कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान तमाम पटरी दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पटरी दुकानदारों के लिए पीएम मोदी ने स्वनिधि योजना की शुरुआत काफी पहले की थी। इसके तहत दस हजार को लोन देने की घोषणा की गई थी। इसका कार्य डूडा देख रही है जबकि राजधानी में पटरी दुकानदारों को चिन्हित करने का काम नगर निगम को सौंपा गया है। नगर निगम जगह-जगह पर पटरी दुकानदारों का पंजीकरण और सत्यापन कर उनसे संबंधित दस्तावेज डूडा को सौंपता है। डूडा पटरी दुकानदारों का पुन: सत्यापन कर लिस्ट तैयार कर बैंकों को जारी करता है। नगर निगम सत्यापन करने के साथ ही पटरी दुकानदारों को एक पीला कार्ड भी जारी करता है जिसके माध्यम से पटरी दुकानदारों को लोन उपलब्ध कराया जाता है लेकिन नगर निगम की लापरवाही के कारण अभी तक पटरी दुकानदारों को पीला कार्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। इसके कारण उनको लोन नहीं मिल पा रहा है। वहीं बैंक में पहुंची लिस्ट को लेकर बैंक के कर्मचारी लगातार पटरी दुकानदारों को फोन कर रहे हैं लेकिन समन्वय न होने के कारण पटरी दुकानदार असमंजस में पड़े हुए हैं।

मायूस होकर लौट रहे दुकानदार

चारबाग में कुल 550 पटरी दुकानदार हैं। यह नगर निगम के जोन एक, दो और पांच में आता है। पटरी दुकानदारों का कहना है कि उन्हें लगातार बैंक से फोन आ रहे हैं लेकिन नगर निगम द्वारा पीला कार्ड उपलब्ध न कराए जाने के कारण लोन मिलने में समस्या आ रही है। एक पटरी दुकानदार ने बताया कि 15 दिन पहले क्षेत्रीय बैंक से लोन के लिए फोन आया था जब वह वहां गया तो बैंक कर्मचारियों ने उससे लोन के दस्तावेज के रूप में आधार, पैन और पीला कार्ड मांगा। पीला कार्ड उपलब्ध न होने के कारण उसे लोन नहीं मिल पाया और मायूस होकर लौटना पड़ा।

चक्कर लगाते- लगाते आ गए तंग

चारबाग में लाटूश रोड पर 20 साल से ठेले पर कपड़े की दुकान लगा रहे हरिओम ने लोन के लिए आवेदन किया था लेकिन नगर निगम और डूडा के कर्मचारियों ने उन्हें इतना दौड़ाया कि वह तंग आ गए। दस हजार के लोन के लिए उन्हें 50 से अधिक चक्कर लगाने पड़े। परेशान होकर उन्होंने डूडा कर्मचारियों के सामने ही पंजीकरण फॉर्म को फाड़ दिया।

मामला संज्ञान में आया है। जोनल अधिकारियों एवं कर अधीक्षकों को योजना के प्रत्येक लाभार्थी को संबंधित बैंक तक पहुंचाकर लाभ दिलाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त

https://www.youtube.com/watch?v=FwmsCxwRLbg

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