Top

सीएम योगी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को किया संबोधित नहीं होने देंगे मुजफ्फरनगर जैसे दंगे

सीएम योगी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को किया संबोधित नहीं होने देंगे मुजफ्फरनगर जैसे दंगे

बिना नाम लिए विपक्ष पर साधा निशाना
बिना भेदभाव के लोगों को दिया जा रहा योजनाओं का लाभ

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बुलंदशहर विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों के संबंध में आयोजित बूथ, मंडल और सेक्टर के पदाधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अब फिर से कैराना और कांधला नहीं बनने देंगे। अब वहां मुजफ्फरनगर जैसे दंगे भी नहीं होने देंगे। इन जगहों पर क्या हुआ था। किसकी वजह से हुआ था। सबको पता है। ऐसे ही लोग अपनी नापाक हरकतों के साथ पश्चिम उत्तर प्रदेश को एक बार फिर सांप्रदायिकता और जातीयता की आग में झोंकना चाहते हैं। इनके रग-रग में दंगा बसा है। इनके मंसूबों को कतई कामयाब नहीं होने देंगे। एक-एक कर सबकी पहचान हो रही है। कार्रवाई भी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के असली मसीहा चौधरी चरण सिंह थे। बाकी लोगों के लिए किसान सिर्फ वोट बैंक रहे हैं। अगर किसानों की इतनी ही फिक्र रहती तो 30 वर्ष से बंद रमाला चीनी मिल चलवा देते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबका साथ, सबका विश्वास और सबका भरोसा हमारे लिए सिर्फ नारा नहीं संकल्प है। केंद्र और प्रदेश सरकार की जितनी भी कल्याणकारी योजनाएं हैं उनके पाने की एक मात्र शर्त पात्रता ही रही है। हमने पूरी पारदर्शीता से बिना भेदभाव के इनका लाभ सबको दिया। पहले की सरकारों में इसके लिए जाति, धर्म, मजहब और क्षेत्र होता था। हर व्यक्ति जो शांति और विकास चाहता है वह भाजपा को भी चाहता है। आप उस तक पहुंचेंगे तो वह आपको छोडक़र कहीं जाने वाला नहीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वïान किया कि बूथ जीतों चुनाव जीतो के मंत्र पर चुनावी तैयारी में जुट जाए।

समूह ख के पदों पर भूतपूर्व सैनिकों को 5 फीसदी आरक्षण

अब समूह ख के पदों पर पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए उप्र लोक सेवा अधिनियम-1993 की धारा में बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव के लिए अनुमति दे दी है। सीएम कार्यालय ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूतपूर्व सैनिकों को समूह- ख के पदों पर 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण अनुमन्य किए जाने के लिए उ.प्र. लोक सेवा अधिनियम-1993 की धारा (1) खण्ड (एक-क) में संशोधन की कार्यवाही के लिए अनुमति प्रदान की है। असल में 1999 से सरकारी नौकरियों में समूह ग व समूह घ के पदों पर पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था है लेकिन समूह ख के पदों के लिए यह सुविधा नहीं थी। अब समूह ख के पदों पर इसे लागू करने के लिए कार्मिक विभाग अधिनियम में बदलाव के लिए मसौदा तैयार करेगा। इसे कैबिनेट से पास कराया जाएगा।

स्थानीय समीकरणों के साथ विपक्ष की रणनीति पर भी नजर
स्थानीय समीकरणों के अलावा विपक्ष की ओर से घोषित उम्मीदवारों को भी ध्यान में रखा गया। सभी सातों क्षेत्रों में गए वरिष्ठ नेताओं द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का अवलोकन भी किया। संभावित नामों पर विचार के बाद दो या तीन संभावित उम्मीदवारों के पैनल भी तैयार किए गए। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को अधिकृत करते हुए राष्टï्रीय नेतृत्व को पैनल भेजने का निर्णय लिया। दिल्ली से आए राष्टï्रीय महामंत्री अरुण सिंह भी बैठक में मौजूद रहे। भारतीय जनता पार्टी के राष्टï्रीय महासचिव व राज्यसभा सदस्य अरुण सिंह ने मुख्यमंत्री से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सीटों पर जीत हासिल करने के लिए संपर्क अभियान को गति देने के साथ विपक्ष की तैयारी पर भी नजर रखने को कहा गया। वहीं महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने बूथ स्तर पर संगठनात्मक तैयारी मजबूत करने के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।

प्रत्याशियों को लेकर मंथन
उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा क्षेत्रों के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी में प्रत्याशियों को लेकर मंथन हुआ। प्रत्येक सीट पर दो या तीन संभावित नामों का पैनल तैयार करके राष्टï्रीय नेतृत्व को भेजने के लिए प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को अधिकृत किया गया। अंतिम फैसला दिल्ली में होगा लेकिन चुनावी तैयारी की गति बढ़ाने के लिए बैठक में एक राय बनी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी और स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में चली बैठक में सीटवार संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई।

पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट बनेगी चयन आधार

पर्यवेक्षकों से प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री संगठन अलग अलग वार्ता करके प्रत्येक विधानसभा सीट के बारे में विस्तार से पड़ताल की। जो सीटें विधायकों के निधन से रिक्त हुई हैं वहां उनके परिवारीजन के नामों पर भी विचार किया गया। सूत्रों का कहना है कि जातीय व स्थानीय समीकरणों को देखकर अंतिम फैसला केंंद्रीय नेतृत्व पर ही छोड़ दिया।

https://www.youtube.com/watch?v=Vu63k0-N4Jg

Next Story
Share it