Top

सीएम योगी का एक्ïशन प्लान अब एक जिला कई उत्पाद

सीएम योगी का एक्ïशन प्लान अब एक जिला कई उत्पाद

एक जिला उत्पाद योजना शुरू
आत्मनिर्भर योजना को बढ़ावा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। योगी सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की सफलता ने वह डगर दिखा दी है, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर बनाने के सपने को पूरा किया जा सकता है। ओडीओपी योजना तो जस की तस चलती रहेगी, साथ ही अब हर जिले के दूसरे उत्पादों को भी उसी तरह प्रोत्साहित किया जाएगा। ऐसी संभावनाओं वाले उत्पादों के चयन सहित पूरा एक्सपोर्ट एक्शन प्लान तैयार करने का जिम्मा यूके की कंसल्टेंट कंपनी प्राइस वाटरहाउस कूपर को दिया गया है।
योगी सरकार ने हर जिले के एक विशेष उत्पाद को पहचान दिलाने के लिए एक जिला उत्पाद योजना शुरू की है। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग की इस योजना का परिणाम यह रहा कि 2017-18 में एमएसएमई का जो निर्यात 84 हजार करोड़ रुपये का था, वह 2018-19 में एक लाख 16 हजार करोड़ और 2019-20 में एक लाख बीस हजार करोड़ पहुंच गया। एमएसएमई के इस निर्यात में करीब 80 फीसदी हिस्सेदारी ओडीओपी की है। संयुक्त आयुक्त निर्यात पवन अग्रवाल ने बताया कि सभी जिलों को एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए निर्यात प्रोत्साहन केंद्र बनाए जा रहे हैं। हर केंद्र पर सहायक आयुक्त स्तर के अधिकारी, फियो, ई-बे और अमेजन कंपनी के प्रतिनिधि बैठेंगे। वह उद्यमियों को निर्यात की संभावना और सुविधा बताएंगे-दिलाएंगे। प्राइस वाटरहाउस कूपर से भी अनुबंध किया गया है। यह कंपनी सभी जिलों के लिए तीन माह में एक्सपोर्ट एक्शन प्लान बनाकर रिपोर्ट देगी कि किस-किस जिले में ओडीओपी के अतिरिक्त कौन से उत्पादों को निर्यात के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। कहां किस आधारभूत सुविधा की जरूरत है। फिर केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उन उत्पादों के निर्यात में भी दिलाया जाएगा।

तीन लाख करोड़ का है लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव एमएसएमई डॉ.नवनीत सहगल ने बताया कि अगले तीन वर्ष में एमएसएमई से कुल निर्यात तीन लाख करोड़ रुपए पहुंचाने का लक्ष्य है। इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। ओडीओपी के साथ अन्य उत्पाद इस लक्ष्य को पाने में मददगार बनेंगे। सहगल ने बताया कि पहले चरण में नौ जिले चयनित किए गए हैं। इनमें वाराणसी, मुरादाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, गोरखपुर, अलीगढ़, कासगंज, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर शामिल हैं।

शहीद वीरेंद्र सिंह के परिजनों को देंगे 50 लाख

मैनपुरी के रहने वाले नायब सूबेदार वीरेंद्र सिंह यादव अरुणाचल प्रदेश में उग्रवादी हमले में शहीद हो गए। उनकी शहादत को नमन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मां भारती की सेवा करते शहीद हुए मैनपुरी निवासी सेना के जवान वीरेंद्र सिंह के बलिदान को उत्तर प्रदेश की जनता नमन करती है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यूपी सरकार उनके परिजनों को 50 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मैनपुरी की एक सडक़ का नामकरण शहीद के नाम पर होगा। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी।

बिजली में निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिया

पूर्वांचल की विद्युत वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संगठनों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप पर विद्युत कर्मचारी संगठनों के नेताओं के साथ वार्ता में ऊर्जा और वित्त मंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिया जाता है। अभियंताओं-कर्मचारियों को विश्वास में लिए बिना निजीकरण नहीं किया जाएगा। दरअसल पीवीवीएनएल के निजीकरण को लेकर निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति और उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ रखा था। प्रबंधन के साथ वार्ता विफल रहने पर पांच अक्टूबर यानी सोमवार से बिजलीकर्मियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया था।

https://www.youtube.com/watch?v=bS6RzK8LbUU

Next Story
Share it