सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहा छावनी इलाका, संक्रमण को न्योता दे रही गंदगी

सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहा छावनी इलाका, संक्रमण को न्योता दे रही गंदगी

कोरोना का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट रह चुका है सदर शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा समाधान
पंद्रह दिन में उठता है कूड़ा सडक़ों पर बिखरी रहती है गंदगी, घूमते हैं आवारा जानवर
राजभवन से ठीक पीछे आबाद है क्षेत्र, सीएम आवास से महज है एक किलोमीटर दूर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भारत स्वच्छता सर्वेक्षण में भले ही लखनऊ को देश में 12वां स्थान मिला हो लेकिन जमीनी हकीकत इससे ठीक उलट है। कोरोना काल में भी राजधानी में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी। आलम यह है कि राजधानी के सबसे बड़े कोरोना हॉट स्पॉट रहे सदर बाजार में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। छावनी क्षेत्र की झोपड़पट्टी की सडक़ और नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं। हैरानी की बात यह है कि यह इलाका राजभवन के ठीक पीछे है और सीएम आवास महज एक किमी की दूरी पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 15 दिन में एक बार सफाई और कूड़ा उठान होता है। लिहाजा स्थानीय लोगों को संक्रमण का खतरा सता रहा है।
राजधानी के पॉश इलाके मॉल एवेन्यू के पीछे स्थित सदर झोपड़पट्टी में गंदगी का साम्राज्य है। क्षेत्र में आज तक नाले नहीं बन सके हैं। मॉल एवेन्यू के पीछे पडऩे वाली रेलवे लाइन के किनारे बनी बस्ती में गंदगी का अंबार लगा रहता है। रेलवे ट्रैक के किनारे बना नाला कचरे से भर चुका है, जिसके कारण घरों से निकलने वाला पानी सडक़ों पर बहने लगता है। सडक़ों पर कचरा फैला रहता है। दरअसल, मॉल एवेन्यू से सटे सदर बाजार के झोपड़पट्टी का इलाका छावनी में आता है। यह क्षेत्र नगर निगम कि सीमा से अब भी बाहर है जिसके कारण यहां पर ठीक तरीके से सफाई नहीं हो पाती है जबकि जिम्मेदार सब कुछ जानते बूझते चुप्पी साधे हुए हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि साफ-सफाई न होने के कारण संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दो माह पूर्व सदर बाजार से सबसे अधिक कोरोना संक्रमित निकले थे। शुरुआती दौर में यह क्षेत्र लखनऊ का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गया था लेकिन फिर भी जिम्मेदार सजग नहीं हुए और स्थिति यह है कि क्षेत्र में आज भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है।

आज तक नहीं आया निगम के दायरे में

सदर बाजार क्षेत्र में आने वाला झोपड़पट्टी इलाका आज तक नगर निगम सीमा में नहीं आ सका जिसके कारण यहां पर कोई भी विकास कार्य नहीं हो सका है। यहां सीवेज सिस्टम नहीं है और न जल निकासी के लिए नालियां बनी हैं ।

दैनिक रूप से साफ-सफाई होती है। हालांकि कूड़ा उठान और नाले की सफाई का काम पंद्रह दिन में एक बार किया जाता है। जनता की समस्या का जल्द समाधान किया जायेगा।
अंजुम आरा, उपाध्यक्ष छावनी परिषद

क्षेत्र में गंदगी फैली रहती है। नाले से बदबू आती है। लोग कचरा सडक़ों पर फेंक देते हैं। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।
जरीना बानो, क्षेत्रीय निवासी

क्षेत्र में संक्रमण फैलने का खतरा है। कूड़ा उठान दो सप्ताह में एक बार होता है। इसके कारण सडक़ों पर कचरे का ढेर लग जाता है।
जमील अहमद, क्षेत्रीय निवासी

गंदगी रहती है जिसके कारण क्षेत्र में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। सडक़ों पर आवारा जानवर घूमते हंै जो लोगों पर हमला कर देते हैं।
मोहम्मद शरीफ, क्षेत्रीय निवासी

क्षेत्र में कोई पार्क नहीं है इसलिए बच्चे सडक़ों पर खेलते हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। शिकायत के बावजूद स्थितियों में सुधार नहीं हुआ।
मोहम्मद कलीम, क्षेत्रीय निवासी

https://www.youtube.com/watch?v=IdPUR6BrGsY

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