रियल एस्टेट इंडस्ट्री पर कोरोना की मार, कीमतों में आई भारी गिरावट

रियल एस्टेट इंडस्ट्री पर कोरोना की मार, कीमतों में आई भारी गिरावट

  • तीन साल पीछे पहुंची इंडस्ट्री, फ्लैटों के दामों में पांच से 15 लाख की कमी
  • मांग में कमी आने पर 2017 के रेट पर बिल्डर बेच रहे फ्लैट
  • दीपावली के मौके पर खरीदारी की कर रहे उम्मीद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कोरोना ने राजधानी के रियल एस्टेट इंडस्ट्री को भी अपनी चपेट में ले लिया है। फ्लैटों और प्लॉटों की मांग में आई गिरावट के कारण इंडस्ट्री में हाहाकार मचा हुआ है। इस वायरस के चलते पूरी इंडस्ट्री तीन साल पूर्व की कीमतों पर फ्लैट और प्लॉट बेच रही है। शहर में वर्ष 2017 के रेट पर फ्लैट व मकान मिल रहे हैं। राजधानी के बड़े बिल्डरों ने फ्लैटों की कीमतों में 5 से लेकर 15 लाख तक की कमी की है।
रियल एस्टेट में मंदी के चलते अब बिल्डर तीन साल पहले के रेट पर फ्लैट बेच रहे हैं। फैजाबाद रोड, सुल्तानपुर रोड, सुशांत गोल्फ सिटी और कुर्सी रोड पर कई बिल्डरों ने 5 से लेकर 15 लाख रुपए तक फ्लैट की कीमतें कम की हैं। कुर्सी रोड पर जहां पहले 45 से 50 लाख में तीन बेडरूम के फ्लैट बिक रहे थे वहीं अब कीमत 40 लाख के नीचे आ गयी है। सीजी सिटी में तीन बेड़रूम के फ्लैट जहां 70 लाख में थे वहीं अब 65 लाख तक मिल रहे हैं। सुशान्त गोल्फ सिटी में 80 से 85 लाख के फ्लैट 68 से 70 लाख में बिक रहे हैं।

री-सेल फ्लैटों की कीमतों में भी आई कमी
री-सेल के फ्लैटों व मकानों की कीमतों में भी कमी आई है। गोमती नगर व सुशांत गोल्फ सिटी में री-सेल फ्लैटों के कारोबारी अशोक सिंह कहते हैं कि कोरोना का असर कीमतों पर पड़ा है। 4 बैडरूम के 80 से 85 लाख के फ्लैट अब 68 से 70 लाख में ही री-सेल में मिल रहे हैं। इस रेट में 2017 में भी फ्लैट नहीं मिल रहे थे।

एलडीए, आवास विकास के हजारों फ्लैट खाली
एलडीए व आवास विकास ने अपने फ्लैट की कीमतें फ्रीज कर रखी हैं। एलडीए ने 2017 से फ्लैट की कीमतें नहीं बढ़ायी। उसने 14फीसदी तक कमी की है। उसके 4000 फ्लैट खाली हैं। आवास विकास के 10 हजार फ्लैट खाली हैं। उसने भी 7 से 8फीसदी कीमतें कम की हैं।

नहीं मिल रहे खरीदार
राजधानी में करीब 15,000 फ्लैट तैयार हैं। इनके ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। त्यौहार में कुछ उम्मीद है। प्लानरों का कहना है कि धीरे-धीरे मार्केट उठ रही है। बिल्डरों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कीमतें कम की हैं।

तीन साल पहले जिस कीमत में फ्लैट बिक रहे थे, आज उसी कीमत पर बेचे जा रहे हैं। रेडी टू मूव संपत्तियों की कीमतों में भी काफी कमी हुई है।
नरेंद्र कुमार मौर्या, सदस्य क्रेडाई

https://www.youtube.com/watch?v=D2lBg1XhrKI

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