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राजधानी: लापरवाह रहे अफसर और दस्तावेजों में च्लापताज् दर्ज हो गए तालाब

राजधानी: लापरवाह रहे अफसर और दस्तावेजों में च्लापताज् दर्ज हो गए तालाब

तालाबों के खत्म होने से गहराया पेयजल संकट, वाटर टैंकरों के भरोसे लोग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नवाबों के शहर लखनऊ में हजारों तालाब गुमशुदा हो चुके हैं। करीब सोलह सौ के करीब तालाबों पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और बिल्डिंग बना दी गई हैं। इसके चलते राजधानी में पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
राजस्व अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में 11,269 तालाब हैं। इनमें से 1592 तालाबों पर अवैध कब्जे हो गए हैं। कई सरकारी विभागों ने भी तलाबों की जमीन को बेच दिया। वहीं उत्तर प्रदेश के राजस्व अभिलेखों दर्ज 7,06,145 तालाबों में से अभी भी 35,567 तालाबों पर अवैध कब्जे मौजूद हैं। प्रशासन का दावा है कि बीते वर्षों में शासन के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए 42,717 तालाबों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। इन तालाबों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के बाद तालाबों की खोदाई कराकर पुनर्जीवित किया गया है। वर्तमान में राजस्व अभिलेख में दर्ज 7,06,145 तालाबों में से 6,61,828 तालाब अतिक्रमण मुक्त हैं। वहीं राजधानी में तमाम तालाबों के गुमशुदा हो जाने से पानी की किल्लत होने लगी है। हाल यह है कि गोमती के किनारे बसे लोगों को अब अपनी प्यास बुझाने के लिए नगर निगम के टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। गोमती में बढ़े प्रदूषण के कारण इसका पानी पीने लायक नहीं बचा है। डालीगंज, राजाजीपुरम, नक्खास, ठाकुरगंज, बालागंज सहित पुराने लखनऊ में पानी की किल्लत हमेशा बनी रहती है। नल से दूषित पानी आने के कारण पीने का पानी अन्य स्थानों से लेकर लोगों की प्यास बुझाई जाती है।

यहां की गई कार्रवाई

राजधानी के मलिहाबाद तहसील के अंतर्गत 8 बीघे में फैली ससपन झील से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। झील पर अवैध कॉलोनी का निर्माण किया गया था। वहीं बीकेटी क्षेत्र में 52 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली झील को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस समय झील की खोदाई का काम चल रहा है। झील से निकलने वाली मिट्टी का प्रयोग हाईवे के निर्माण में किया जा रहा है। बिजनौर में 15 हेक्टेयर में फैले तालाब पर अतिक्रमण हो गया था। तालाब को पाट कर यहां प्लॉटिंग कर दी गई थी। अब इस तालाब को पुनर्जीवित करने के लिए निजी कंपनी को ठेका दिया गया है।

स्क्वाड का किया गया था गठन

जमीनों पर अतिक्रमण रोकने के लिए सरकार ने एंटी भू माफिया स्क्वाड का गठन किया। तालाबों से अतिक्रमण हटाने के भी दावे किये गए लेकिन अधिकांश तालाब विकास की भेंट चढ़ गए। जानकारी के मुताबिक राजधानी में 11 हजार से ज्यादा तालाब हैं। वहीं सिंचाई विभाग का दावा है कि 1592 तालाब गायब हुए हैं।

राजधानी में 11,269 तालाब राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं, जिनमें से 1592 तालाबों पर अवैध कब्जे हैं। कुछ वर्षों में राजधानी लखनऊ में प्रभावी कार्रवाई करते हुए तालाबों से अतिक्रमण हटाया गया है। राजधानी लखनऊ में 102 तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर उन्हें पुनर्जीवित किया गया है।
अमर पाल सिंह, एडीएम प्रशासन प्रभारी एंटी भू माफिया स्क्वॉड

https://www.youtube.com/watch?v=ZuEqXpc0B_E

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