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राजधानी में प्रशासन की नई रणनीति, अब कोरोना मरीजों पर नजर रखेगा कंट्रोल रूम

राजधानी में प्रशासन की नई रणनीति, अब कोरोना मरीजों पर नजर रखेगा कंट्रोल रूम

राजधानी में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लिया फैसला
24 घंटे काम करेगा कंट्रोल रूम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने नई रणनीति बनाई है। नई रणनीति में अब कोरोना संक्रमितों पर कंट्रोल रूम से नजर रखी जाएगी। संक्रमित मिलते ही कंट्रोल रूम अलर्ट जारी कर देगा, जिससे इलाके में संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा।
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा कि अब कोविड-19 से पीडि़त मरीजों को अस्पतालों की अव्यवस्थाओं के कारण परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी दफ्तर में कोविड कंट्रोल रूम शुरू हो गया है और यह 24 घंटे कार्य करेगा। डीएम ने यह भी कहा कि सीएमओ और सीडीओ की टीम तय करेगी कि किस मरीज को कहां भर्ती होना है। किसी मरीज ने गलत नम्बर दिया है तो पुलिस उसका पता लगाएगी। कंट्रोल रूम से रोजाना घर-घर जाकर सैंपल लेने वाली टीम की कार्य योजना बनाने और रोजाना रिपोर्ट भेजने का कार्य इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से किया जाएगा। मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों की सूची बनाकर उनको चिह्नित कर उनका भी कोविड सेंटरों में इलाज किया जाएगा। कंट्रोल रूम में तीन पालियों में कर्मचारी तैनात किए जाएंगे जो लगातार काम करेंगे।

होम आइसोलेशन में करना होगा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार तथा संक्रमित मरीजों को लेकर यूपी सरकार ने प्रदेशहित में बड़ा फैसला किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 के साथ कोरोना वायरस की समीक्षा के दौरान संक्रमितों को होम आइसोलेशन की मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस प्रकरण में कड़ी शर्त तथा कोरोना प्रोटोकॉल के तहत संक्रमित तथा संदिग्धों को कोरोना प्रोटोकॉल के होम आइसोलेशन की मंजूरी दी है। सीएम ने इसको लेकर तत्काल गाइडलाइन बनाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि माइल्ड लक्षण वालों को होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। अभी तक उत्तर प्रदेश में कोरोना के अधिकांश संक्रमित माइल्ड लक्षण वाले ही हैं। साथ ही संदिग्धों तथा बिना लक्षण वालों को भी होम आइसोलेशन की अनुमति दी गई है।

टेलीफोन सुविधा से लेंगे हालचाल

कोविड पॉजिटिव मरीजों की सूची मिलते ही अलग-अलग लैब से कंट्रोल रूम से उन व्यक्तियों से संपर्क साधा जाएगा। खांसी, जुखाम, बुखार, सांस की समस्या होने के साथ ही डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, हार्टअटैक आदि लक्षण की जानकारी लेकर कम्प्यूटर पर सेव करने के साथ इससे सावधानी बरतने के उपाय बताए जाएंगे। हल्के और बिना लक्षण वालों मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की अनुमति दी जाएगी।

यूपी में बेकाबू संक्रमण, 50 हजार के करीब पहुंचा आंकड़ा

उत्तर प्रदेश में भी संक्रमण बेकाबू हो गया है। संक्रमण के मामले में यूपी गुजरात से आगे निकल गया है। गुजरात में संक्रमितों का आंकड़ा जहां 48355 है। वहीं यूपी में यह संख्या सोमवार तक 49247 पहुंच गई थी। राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर, गाजीपुर, आशियाना और सरोजनीनगर संक्रमण के चलते सील है। एक दिन पहले लखनऊ में रिकॉर्ड 392 संक्रमित मिले थे। बीते तीन दिन में 1000 संक्रमित हो चुके हैं।

टेस्टिंग के लिए बनाई गईं संयुक्त टीमें

नए मरीजों को चिह्नित करने, उनकी टेस्टिंग के लिए संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। यह कार्य सुबह सात से दिन के तीन बजे तक चलेगा। डीएम ने कहा कि पुलिस, निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर मेडिकल स्क्रीनिंग भी करेगी। इसके अलावा पॉजीटिव मरीजों को कोविड-19 केयर सेंटर में भर्ती किया जाए और यदि कोई भी जिम्मेदार लापरवाही बरतता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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