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राजधानी में उड़ रहीं गाइडलाइंस की धज्जियां संक्रमितों के शव पहुंचाने वाले वाहनों से कोरोना का खतरा

राजधानी में उड़ रहीं गाइडलाइंस की धज्जियां संक्रमितों के शव पहुंचाने वाले वाहनों से कोरोना का खतरा

  • शव और चालक के बीच नहीं कोई पार्टीशन, जिम्मेदार भी लापरवाह
  • शवदाह गृह तक संक्रमितों को शव लेकर जा रहे चालकों में दहशत
  • आश्वासन देकर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को नहीं कोई चिंता

सत्य प्रकाश
लखनऊ। प्रदेश में एक ओर कोरोना की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही है वहीं राजधानी लखनऊ में वायरस से बचाव को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। संक्रमित शवों को बिना किसी सतर्कता के सरकारी वाहनों के जरिए शवदाह गृह तक पहुंचाया जा रहा है। इसके कारण राजधानी में संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। वहीं इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम केवल आश्वासन देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं।
गाइडलाइन के मुताबिक कोरोना संक्रमित शवों को सरकारी वाहनों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान वाहनों में शव और चालक के बीच पार्टीशन रखने के निर्देश जारी किए गए थे लेकिन राजधानी में शवों को ढो रहे सरकारी वाहनों में इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके कारण चालकों के संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। यही नहीं वाहन चालक शवों को अस्पताल से बैकुंठ धाम तक ले जाने के बाद कई लोगों से मिलता है, जिससे अन्य के संक्रमित होने का भी खतरा बना रहता है।

निजी वाहन भी बरत रहे लापरवाही

ड्डराजधानी में विभिन्न अस्पतालों से प्राइवेट वाहन भी संक्रमित शवों को बैकुंठ धाम पहुंचा रहे हैं। चालक वाहन की खिड़कियों के शीशे खोलकर कोरोना संक्रमितों के शव को ले जाते हैं। चालकों की इस लापरवाही के कारण हवा में संक्रमण बढ़ सकता है और यह दूसरों के लिए खतरनाक हो सकता है।

बैकुंठ धाम के बाहर फेंके जा रहे पीपीई किट और ग्लब्स

परिजनों द्वारा संक्रमितों के शवों के अंतिम संस्कार के दौरान पीपीई किट, ग्लब्स और मास्क का प्रयोग किया जाता है। अंतिम संस्कार के बाद परिजन पीपीई किट, मास्क और ग्लब्स को खुले में फेंक देते हैं। इसके कारण क्षेत्र में संक्रमण का खतरा बना रहता है।

जोनल अधिकारियों को ऐसी वस्तुओं को फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत लापरवाही बरतने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा।
अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त

मामला संज्ञान में आया है। निरीक्षण के बाद ऐसे वाहनों को दुरुस्त कराया जाएगा।
डॉ. महेश सिंह, कार्यकारी सीएमओ

https://www.youtube.com/watch?v=ICjoKlri1zY

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