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भाजपा नेताओं और मंत्रियों की शह पर नगर निगम में फर्जी बिल का भुगतान कराने में जुटा ठेकेदार

भाजपा नेताओं और मंत्रियों की शह पर नगर निगम में फर्जी बिल का भुगतान कराने में जुटा ठेकेदार

ठेकेदार को लेकर महापौर ने नगर आयुक्त को घेरा
हाईकोर्ट में की थी अपील, याचिका खारिज
ठेकेदार की शिकायत पर महापौर ने नगर आयुक्त व आरआर विभाग के मुख्य अभियंता के खिलाफ सतर्कता जांच की सिफारिश की

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बिना टेंडर ही काम करके नगर निगम में फर्जी बिल लगाने वाला ठेकेदार अब भाजपा नेताओं व मंत्रियों की शह पर दबंगई के साथ भुगतान कराने में जुटा हुआ है। वह भुगतान के लिए लगातार भाजपा मंत्रियों और सांसदों के जरिये सिफारिश लगवाकर महापौर संयुक्त भाटिया से भुगतान करवाने के लिए दबाव बनवा रहा है। भाजपा नेताओं की सिफारिश पर ठेकदार ने नगर आयुक्त पर आरोप लगाते हुए महापौर से शिकायत की। इसके बाद महापौर भाटिया ने नगर आयुक्त व आरआर विभाग के मुख्य अभियंता के खिलाफ सतर्कता जांच की सिफारिश की है। नगर आयुक्त डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि बिना टेंडर हुए काम का भुगतान करना नियमों और कार्य की पारदर्शिता के खिलाफ है। नगर आयुक्त का साफ कहना है मेरे रहते मैं सरकार का पैसा बर्बाद नहीं होने दूंगा। इधर मामले में ठेकेदार हाईकोर्ट भी पहुंचा। वहां मामला सही न पाए जाने पर हाईकोर्ट ने याचिका ही खारिज कर दी।
दरअसल ,नगर निगम के एक अभियंता के मौखिक आदेश पर ठेकेदार ने बिना टेंडर और अनुंबध कराये मेसर्स मीना लाइट हाउस के प्रोप्राइटर ठेकेदार अतीक उर रहमान बिना टेंडर फर्जीवाड़ा कर 90 लाख रुपए के काम का बिल प्रस्तुत किया था। बिना किसी वैध प्रक्रिया के काम किये जाने के चलते नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने फाइल निरस्त कर दी थी। इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले में हाईकोर्ट ने भी मामला घट होने के चलते उस पर सुनवाई नहीं की। अब वह बीजेपी में अच्छी पैठ होने के कारण वह लगातार मंत्री, सांसद और विधायक के जरिये मेयर से शिकायत कर भुगतान कराने कि जुगत में लगा हुआ है। यह भी पता चला है कि ठेकेदार नगर आयुक्त को हटवाने का भी प्रयास कर रहा है।
कान्हा उपवन में एक करोड़ का फर्जीवाड़ा
नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि कान्हा उपवन में फर्जी तरीके से एक करोड़ रुपए के काम का टेंडर करा उसका बिल भी लगाया गया है। उसे भी निरस्त कर दिया गया है। ठेकेदारों के पास किये गए बिलों की जांच कराई जा रही है। कई अन्य मामले भी पकड़ में आए हैं। उन्होंने बताया ठेकेदार लगातार ऊंची पहुंच के चलते वह दबंगई पर कर रहा है। उसने मुख्य अभियंता को जान से मारने की धमकी दी है।
ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर के लिए दी तहरीर
फर्जी बिल पास कराने के लिए ठेकेदार लगातार दबंगई कर रहा है। वह मंत्रियों से कॉल कराकर अनावश्यक दबाव भी बनवा रहा है। विभाग ने उसके खिलाफ एफआईआर के लिए तहरीर दी है। आयुक्त ने कहा कि भ्रष्टïाचार के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। दोषियों पर कार्रवाई जरूर करेंगे।

हॉउस टैक्स में दस प्रतिशत छूट की समय सीमा बढ़ी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम से भवन स्वामियों को बड़ी राहत मिली है। हाउस टैक्स में दस प्रतिशत छूट की समय सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। यह समय सीमा 31 जुलाई को समाप्त हो रही थी। महापौर संयुक्ता भाटिया ने कार्यकारिणी की प्रत्याशा में नगर आयुक्त को समय सीमा बढ़ाने का आदेश जारी करने का निर्देश दिया है। कोरोना के कारण अप्रैल व मई में लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में लोग हाउस टैक्स जमा नहीं कर पाए थे। लॉकडाउन के कारण पार्षदों व कर्मचारी संगठनों ने हाउस टैक्स में दस प्रतिशत छूट की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी।

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