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बारिश ने सुधार दी प्रदेश की हवा, प्रदूषण का स्तर गिरा

बारिश ने सुधार दी प्रदेश की हवा, प्रदूषण का स्तर गिरा

लखनऊ के एयर क्वालिटी इंडेक्स में भी सुधार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पराली और पटाखों के धुएं से जहरीली हो गई यूपी के प्रमुख शहरों की हवा रविवार व सोमवार तडक़े हुई बारिश ने सुधार दी है। अधिकांश शहरों में प्रदूषण का स्तर नीचे आ गया है। आगरा व बागपत में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) मध्यम स्तर पर आ गया है। लखनऊ की हवा में भी काफी सुधार आया है।
पटाखों पर उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में प्रतिबंध लगा हुआ था। इसके बावजूद शहरों में पटाखे चले। पंजाब में लगातार जल रही पराली के कारण दिवाली वाले दिन शनिवार की शाम को ही दिल्ली सहित एनसीआर व यूपी के प्रमुख शहरों की हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद पटाखों के धुओं के कारण रविवार को भी प्रमुख शहरों का एक्यूआई अत्यधिक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। रविवार को नोएडा में 441, गाजियाबाद में 448, बुलंदशहर में 427, हापुड़ में 396, मेरठ में 373, कानपुर में 344, लखनऊ में 372 के स्तर पर पहुंच गया था। दिवाली पर एनसीआर में शामिल यूपी के शहरों के साथ ही सूबे के अन्य शहरों की हवा जहरीली हो गई थी। लाख प्रतिबंधों के बावजूद वायु प्रदूषण को लेकर कमोबेश पिछले वर्ष जैसी स्थिति इस बार भी दिवाली पर दिखाई दी। लेकिन एक ही बारिश में प्रदूषण का स्तर काफी नीचे ला दिया है। एनसीआर के यूपी के शहरों की हवा की गुणवत्ता काफी बेहतर कर दी है। हालांकि प्रदूषण कम करने के लिए प्रशासन ने लाख कोशिशें कीं लेकिन ज्यादातर नाकाम रहीं। पहली ही बारिश ने स्थिति सुधार दी है। इससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

प्रतिबंध के बाद भी खूब बिके और फोड़े गए पटाखे, 61 मुकदमे दर्ज

लखनऊ। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद यूपी सरकार ने राज्य के जिन जिलों में पटाखा की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था, वहां चोरी-छिपे पटाखे बेचे गए और खूब इस्तेमाल भी किए गए। पुलिस ने प्रतिबंध में शामिल 12 शहरों में पटाखों को लेकर सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने के मामले में 61 मुकदमे दर्ज किए हैं। पुलिस ने अवैध ढंग से पटाखा बेचने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की है। डीजीपी के पीआरओ एएसपी अभयनाथ त्रिपाठी के अनुसार पटाखे की बिक्री व इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध के उल्लंघन के मामले में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में दो, बागपत में छह, मुजफ्फरनगर में 17, वाराणसी में दो, पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर (नोएडा व ग्रेटर नोएडा) में छह, हापुड़ में सात, बुलंदशहर में 11 व मेरठ में 10 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मुरादाबाद व आगरा में एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। गौरतलब है कि शासन ने एनजीटी के आदेश पर सूबे में लखनऊ, कानपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, वाराणसी, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, मुरादाबाद, गौतमबुद्धनगर (नोएडा व ग्रेटर नोएडा), बागपत व बुलंदशहर में वायु प्रदूषण के खराब स्तर को देखते हुए 30 नवंबर तक आतिशबाजी की बिक्री व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। इन जिलों में डिजिटल, लेजर व अन्य आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर दीपावली मनाने को कहा गया था।

शहर एक्यूआई 15 नवंबर 16 नवंबर
30 अक्टूबर 2020 2020
आगरा 346 347 148
बागपत 351 430 120
बुलंदशहर 313 427 214
गाजियाबाद 382 448 207
ग्रेटर नोएडा 394 417 226
हापुड़ 251 396 149
कानपुर 243 344 177
लखनऊ 219 372 202
मेरठ 300 373 83
नोएडा 379 441 243
मुजफ्फरनगर 253 317 116
मुरादाबाद 262 357 136
वाराणसी 245 294 212

कोरोना: बेहतर कांटेक्ट ट्रेसिंग पर डब्ल्यूएचओ ने ठोंकी उत्तर प्रदेश सरकार की पीठ

डोर-टू-डोर सर्विलांस किए जाने को बताया कारगर
सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में पॉजिटिविटी रेट है 1.४

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए की गई कांटेक्ट ट्रेसिंग अब विश्व के दूसरे देशों के लिए नजीर बन गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने उत्तर प्रदेश में की गई कांटेक्ट ट्रेसिंग को कारगर बताते हुए दूसरे देशों को भी इसे अपनाने की नसीहत दी है।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार ने बताया कि डब्ल्यूएचओ ने उत्तर प्रदेश में 70 हजार मेडिकल टीमें गठित कर डोर टू डोर सर्विलांस किए जाने को कारगर बताया है। यहां एक संक्रमित के संपर्क में आए 20 लोगों की जांच की गई है। संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक विकासेन्दु अग्रवाल ने बताया कि जुलाई से लेकर नवंबर तक आठ बार प्रदेश के सभी नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई। कोरोना वायरस का संक्रमण को बढऩे से रोकने के लिए 23 करोड़ आबादी को जागरूकता कार्यक्रमों की मदद से बचाव के उपाय भी बताए गए। 64,500 से अधिक कोविड-19 हेल्प डेस्क सरकारी कार्यालयों व निजी संस्थानों में बनाए गए। इस हेल्प डेस्क पर इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से लोगों की स्क्रीनिंग की गई। यही नहीं दिल्ली व हरियाणा में लगातार बड़ी संख्या में मिल रहे कोरोना मरीजों को लेकर गृह मंत्रालय द्वारा चिंता व्यक्तकी गई है क्योंकि दिल्ली में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट 13 प्रतिशत और हरियाणा में 14 प्रतिशत है। वहीं सर्वाधिक आबादी वाले राज्य यूपी में पॉजिटिविटी रेट सिर्फ 1.4 प्रतिशत है। ऐसे में गृह मंत्रालय ने भी यूपी के प्रयासों की प्रशंसा की है। दिल्ली से सटे यूपी के जिलों में नोएडा में करीब छह प्रतिशत पॉजिटिविटी रेट बाकी बागपत, गाजियाबाद आदि में पांच प्रतिशत के आसपास पॉजिटिविटी रेट है। पश्चिमी यूपी के जिलों में कोरोना की टेस्टिंग बढ़ा दी गई है।

https://www.youtube.com/watch?v=HcanpLLkEdQ

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